Lakhimpur Kheri: बीमारी से सात बच्चों मौतों के बाद भी गंदगी से पटा है सरैंया मोहल्ला, दुर्गंध से लोग परेशान
गंदगी के कारण सरैंया मोहल्ले में बीमारी से सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद यहां के हालात नहीं सुधरे। सड़क किनारे गंदगी पसरी है, जिससे दुर्गंध फैल रही है।
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उत्तर प्रदेश में सफाई अभियान में तीसरा नंबर पाने वाली नगर पालिका मोहम्मदी के मोहल्ला सरैया और बसविरवा का बुरा हाल है। गंदगी के कारण यहां बीमारी फैलने से सात बच्चों की मौत हो चुकी है, फिर भी सुधार नहीं दिख रहा है। जबकि नगर पालिका में 151 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं।
75 घंटे अमृत महोत्सव 750 निकाय 75 घंटे सफाई अभियान में मोहम्मदी को उत्तर प्रदेश में तीसरा दर्जा मिला था, लेकिन मोहल्ला सरैंया और बसविरवा में गंदगी बिखरी पड़ी है। नगर पालिका परिषद में 25 वार्ड हैं, जिसमें 45 संविदा सफाई कर्मचारी, 19 सरकारी और 87 ठेका पर सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं। मोहल्ला सरैया जाने वाली सड़क शाहजहांपुर हाईवे से होकर नगर से धमोला होते हुए पुवायां रोड में मिलती है। इस पर आने-जाने वालों को काफी भीड़ लगी रहती है।
बदबू से लोग परेशान
सड़क किनारे गंदगी पड़ी होने से बदबू फैल रहा है। अधिकांश लोग मुंह पर रुमाल लगा कर निकलते हैं। सरैंया रोड पर परचून का खोखा रखे नबीहसन कहते हैं कि नगरपालिका ने सारा कचरा उठाकर उनके खोखे के पीछे डाल दिया। गंदगी के कारण बच्चों बुजुर्गों को बैठना मुश्किल है और सामने गंदा नाला है। जिसके आसपास बच्चे खेलते हैं। जो कभी भी बीमारी का शिकार हो सकते हैं।
इससे पहले सितंबर माह में बसविरवा में एक हफ्ते में सात लोगों की मौतें हुई थी। बसविरवा के अकुल और सरला का कहना है कि मोहल्ला में ना कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव हुआ है और न ही नालियों की सफाई हुई है। उधर, ईओ गुंजन गुप्ता का कहना कि बसविरवा और सरैया में रोज सफाई कराई जा रही है।