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आबकारी अधिकारी का ड्राइवर ही निकला शराब माफिया का मुखबिर, हटाया
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लखीमपुर खीरी। अवैध शराब के धंधे पर अंकुश लगाने की तमाम कोशिशें नाकाम होने का राज शुक्रवार को खुल गया। जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप दिनकर जब भी दबिश के लिए क्षेत्र में निकलते, तो शराब माफिया तक साहब के आने की खबर पहले पहुंच जाती थी। इससे आबकारी अधिकारी मौके पर हाथ मलते रह जाते, क्योंकि अलर्ट माफिया उनके पहुंचने से पहले ही अवैध शराब को दूसरी जगह शिफ्ट करा देता था। बुधवार को जिला आबकारी अधिकारी निघासन और पलिया तहसील क्षेत्र में दबिश देने निकले तो उन्होंने रास्ते में अचानक ही सिंगाही चलने के लिए अपने ड्राइवर से कहा। ड्राइवर ने सिंगाही के बजाय गाड़ी पलिया रोड पर मोड़ दी, जिससे आबकारी अधिकारी का शक पुख्ता हो गया। इसके बाद किराए पर ली गई ट्रैवल एजेंसी और उसके ड्राइवर को अपने पास से हटा दिया।
जिले में अवैध शराब के धंधे पर लगाम लगाने में आबकारी विभाग अब तक असफल रहा है। अवैध शराब के ज्यादातर मामले पुलिस ने ही पकड़े हैं। 25 अगस्त 2019 को फरधान क्षेत्र के गांव फत्तेपुर में पुलिस ने छापा मारकर चंडीगढ़ की 260 पेटी अवैध शराब बरामद की थी। फिर एक दिन पहले गुरुवार को फरधान के टीकरपुर गांव में पुलिस ने फिर नकली शराब का धंधा पकड़ा था। यह नकली शराब आबकारी विभाग की ठेकों वाली दुकानों पर सप्लाई की जा रही थी। इससे आबकारी विभाग की किरकिरी हुई तो जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप दिनकर ने खुद ही दबिश देने की रणनीति बनाई। पहले से धंधेबाजों और संभावित शराब माफिया के मोबाइल नंबरों को उन्होंने सर्विलांस पर लगवा रखा था और मुखबिरों का जाल भी फैला रखा था। इन्हीं प्रयासों से मिली जानकारियों के आधार पर वह शुक्रवार को निकले।
जिला आबकारी अधिकारी के मुताबिक क्षेत्र में उन्हें शक था कि दबिश की जानकारी ड्राइवर संकेत शुक्ला दुकानदारों और शराब माफिया तक पहुंचा देता है। इसलिए उन्होंने सिंगाही में ठेका दुकान पर अवैध शराब बेचे जाने की बुधवार को मिली सूचना गोपनीय रखी। शुक्रवार को निघासन से आगे बढ़ने के बाद उन्होंने अचानक ड्राइवर से सिंगाही चलने के लिए कहा। इस पर ड्राइवर ने सिंगाही के बजाय गाड़ी को पलिया मार्ग पर मोड़ दिया। कुछ दूर निकलने पर आबकारी अधिकारी को शक हुआ, तो उन्होंने ड्राइवर को टोका। इस पर ड्राइवर संकेत शुक्ला ने रास्ता भूल जाने का बहाना किया। मगर जान बूझकर की गई इस हरकत से उसकी सारी पोल खुल गई। इसके बाद आबकारी अधिकारी ने ड्राइवर को नौकरी से निकाल दिया।
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जिले में अवैध शराब के धंधे पर लगाम लगाने में आबकारी विभाग अब तक असफल रहा है। अवैध शराब के ज्यादातर मामले पुलिस ने ही पकड़े हैं। 25 अगस्त 2019 को फरधान क्षेत्र के गांव फत्तेपुर में पुलिस ने छापा मारकर चंडीगढ़ की 260 पेटी अवैध शराब बरामद की थी। फिर एक दिन पहले गुरुवार को फरधान के टीकरपुर गांव में पुलिस ने फिर नकली शराब का धंधा पकड़ा था। यह नकली शराब आबकारी विभाग की ठेकों वाली दुकानों पर सप्लाई की जा रही थी। इससे आबकारी विभाग की किरकिरी हुई तो जिला आबकारी अधिकारी कुलदीप दिनकर ने खुद ही दबिश देने की रणनीति बनाई। पहले से धंधेबाजों और संभावित शराब माफिया के मोबाइल नंबरों को उन्होंने सर्विलांस पर लगवा रखा था और मुखबिरों का जाल भी फैला रखा था। इन्हीं प्रयासों से मिली जानकारियों के आधार पर वह शुक्रवार को निकले।
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जिला आबकारी अधिकारी के मुताबिक क्षेत्र में उन्हें शक था कि दबिश की जानकारी ड्राइवर संकेत शुक्ला दुकानदारों और शराब माफिया तक पहुंचा देता है। इसलिए उन्होंने सिंगाही में ठेका दुकान पर अवैध शराब बेचे जाने की बुधवार को मिली सूचना गोपनीय रखी। शुक्रवार को निघासन से आगे बढ़ने के बाद उन्होंने अचानक ड्राइवर से सिंगाही चलने के लिए कहा। इस पर ड्राइवर ने सिंगाही के बजाय गाड़ी को पलिया मार्ग पर मोड़ दिया। कुछ दूर निकलने पर आबकारी अधिकारी को शक हुआ, तो उन्होंने ड्राइवर को टोका। इस पर ड्राइवर संकेत शुक्ला ने रास्ता भूल जाने का बहाना किया। मगर जान बूझकर की गई इस हरकत से उसकी सारी पोल खुल गई। इसके बाद आबकारी अधिकारी ने ड्राइवर को नौकरी से निकाल दिया।
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