Mahashivratri 2023: हर हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय, गोला गोकर्णनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब
गोला गोकर्णनाथ तीर्थ में महाशिवरात्रि की धूम रही। शनिवार तड़के से ही गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। दूर-दराज से हजारों भक्त गंगाजल लेकर यहां पहुंचे। हर तरफ बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।
विस्तार
हिमालय की तलहटी में स्थित व शैव संप्रदाय के प्रमुख केंद्र रहे तराई क्षेत्र के लखीमपुर खीरी में महाशिवरात्रि पर शहर समेत पूरे जिले का माहौल शिवमय रहा। मंदिरों के कपाट सुबह चार बजे ही खोल दिए गए। दर्शन पूजन और जलाभिषेक का क्रम पूरे दिन चलता रहा। उधर, महाशिवरात्रि को लेकर दूध की खपत में भी भी आम दिनों के मुकाबले 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि फूलों की कीमतें दोगुनी हो गईं।
शहर के निकट स्थित महाभारतकालीन लिलौटीनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लग गया। शिव मंदिरों में घंटा घड़ियाल की ध्वनि, हर-हर महादेव और बम भोले का जयघोष गूंजता रहा। लंबी-लंबी कतारें लगी होने के बावजूद भक्तों ने धैर्य के साथ दिव्य शिवलिंग का जलाभिषेक किया। उधर, गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ रही।
भक्तों ने शिवजी को पहनाई पगड़ी
शहर के प्राचीन भुइफोरवानाथ मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने जल, दूध, शहद से शिवलिंग का जलाभिषेक कर चंदन, फूल, फल, बेलपत्र अक्षत, भांग, धतूरा और मिष्ठान अर्पित किया। शाम को शिवलिंग का भव्य श्रृंगार किया गया और शिवजी को पगड़ी पहनाई गई। शाम को ही भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें कलाकारों ने देवी देवताओं की मनमोहक झांकियां पेश की। प्राचीन जंगलीनाथ मंदिर में भी सुबह से भारी भीड़ रही। देर रात तक यहां धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहा।
पंजाबी कॉलोनी स्थित ऋषि आश्रम में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने मृणमयी शिवलिंग बनाकर वैदिक मंत्रों के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वहीं महाभारतकालीन देवकली तीर्थ में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहा। यहां भी सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सभी शिव मंदिरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भुइफोरवानाथ मंदिर के सामने मेला मैदान में स्थित प्राइवेट बस अड्डे को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया। बसें शहर में ही कुछ दूरी पर रोक दी गई। मेला मैदान को पार्किंग में तब्दील कर दिया गया।
दूध की खपत में हुई करीब बीस फीसदी बढ़ोतरी
महाशिरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक और व्रत में फलाहार की जरूरत के चलते शहर में दूध की खपत में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। आम दिनों में लखीमपुर शहर में प्रतिदिन करीब 20,000 लीटर दूध की खपत होती है। एक अनुमान के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन करीब 24,000 लीटर दूध की बिक्री हुई है।
फूलों की बिक्री में दो गुना इजाफा
महाशिवरात्रि पर सबसे ज्यादा कारोबार फूलों का हुआ है। महाशिवरात्रि पर रोज की अपेक्षा पांच गुना ज्यादा फूल बिका है। आम तौर पर शहर में करीब 20 कुंतल प्रतिदिन होती है। शादी विवाह के सीजन में इस खपत में इजाफा होता है। महाशिवरात्रि के चलते शनिवार को फूलों की खपत 100 कुंतल से भी ज्यादा हुई है। भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में फूल बेचने वाले मंजू गिरि ने बताया कि महाशिरात्रि के चलते फूलों की बिक्री में पांच गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.