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Lakhimpur Kheri News: जेल में निरुद्ध बंदी की 22वें दिन हुई मौत
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लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में झगड़ा और आर्म्स एक्ट में निरुद्ध बंदी की शुक्रवार की शाम 5.15 बजे बैरक में ही अचानक मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने निघासन पुलिस व कारागार प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। निघासन थाना क्षेत्र के गांव दुबहा निवासी 35 वर्षीय राजेश कुमार का निघासन पुलिस ने 18 नवंबर 2022 को चालान भेजा था। मजिस्ट्रेट ने उसे जेल भेज दिया था। परिजन बताते हैं कि शुक्रवार को करीब तीन बजे राजेश से फोन पर बात हुई थी। जिसमें उसने जल्द जमानत कराने के लिए कहा था।
इसके दो घंटे बाद उसकी मौत होने की खबर आई तो परिजन सन्न रह गए। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि शाम 5.15 बजे वह अपनी बैरक में बैठकर बिस्कुट खा रहा था, तभी अचानक गिर गया। उसे जेल के अस्पताल ले जाया गया, फिर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि वह बीमार नहीं था। एक-दो बार सीने में दर्द की शिकायत की थी।
उसे दवा दिलाई गई थी। उधर, मृतक की पत्नी रेखा ने रोते बिलखते हुए बताया कि निघासन कोतवाली में पुलिस ने छोड़ने के लिए पांच हजार रुपये भी लिए थे, लेकिन जेल भेज दिया। झगड़े में उसे चोटें लगी थीं, इलाज भी नहीं कराया। इसके बाद जेल में भी उसका इलाज नहीं किया गया, जिससे राजेश की मौत हो गई।
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‘बंदी राजेश को 18 नवंबर को कारागार में दाखिल किया गया था। तब उसकी हालत ठीक थी। बृहस्पतिवार की शाम को अचानक ही बैरक में गिर गया था, जिसके बाद जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसके आधार मामले की जांच की जाएगी।’- विपिन कुमार मिश्रा, जेल अधीक्षक
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इसके दो घंटे बाद उसकी मौत होने की खबर आई तो परिजन सन्न रह गए। जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि शाम 5.15 बजे वह अपनी बैरक में बैठकर बिस्कुट खा रहा था, तभी अचानक गिर गया। उसे जेल के अस्पताल ले जाया गया, फिर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि वह बीमार नहीं था। एक-दो बार सीने में दर्द की शिकायत की थी।
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उसे दवा दिलाई गई थी। उधर, मृतक की पत्नी रेखा ने रोते बिलखते हुए बताया कि निघासन कोतवाली में पुलिस ने छोड़ने के लिए पांच हजार रुपये भी लिए थे, लेकिन जेल भेज दिया। झगड़े में उसे चोटें लगी थीं, इलाज भी नहीं कराया। इसके बाद जेल में भी उसका इलाज नहीं किया गया, जिससे राजेश की मौत हो गई।
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‘बंदी राजेश को 18 नवंबर को कारागार में दाखिल किया गया था। तब उसकी हालत ठीक थी। बृहस्पतिवार की शाम को अचानक ही बैरक में गिर गया था, जिसके बाद जिला अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसके आधार मामले की जांच की जाएगी।’- विपिन कुमार मिश्रा, जेल अधीक्षक