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मड़हा में डेरा, मैलानी जंगल तक उत्पात मचा रहे नेपाली हाथी
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किसानों की फसलों को नुकासन पहुंचाते नेपाली हाथी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
रात भर जटपुरा बीट में रुककर सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचे हाथी, फसलें रौंदी, दो पंपिंगसेट तोड़े
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बांकेगंज। किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा वन ब्लॉक में पिछले छह दिनों से डेरा डाले जंगली हाथियों ने मंगलवार की रात मैलानी रेंज के जटपुरा बीट से सटे सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। यहां हाथियों ने किसानों के खेतों में पककर तैयार खड़ी धान और गन्ने की फसल को रौंदा डाला। , खेतों में लगे दो पंपिंगसेट भी तोड़ डाले।
मड़हा वन ब्लॉक में डेरा डाले नेपाली हाथियों का झुंड मंगलवार रात करीब 11 बजे जंगल से निकलकर नकुला होते हुए पहाड़नगर गांव पहुंचा, लेकिन हाथियों की चिंघाड़ सुनकर वहां के जागरूक किसानों ने गोले, पटाखे दागकर, शोर मचाकर और रोशनी जलाकर हाथियों को खदेड़ दिया। इसके बाद हाथी जंगल के किनारे-किनारे चलकर सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचे। जहां इन हाथियों ने कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को रौंद डाला। किसान जगनू और राधे के खेतों में सिंचाईं के लिए लगे दो पंपिंगसेट पलट कर तोड़ डाले।
ग्रामीणों की सूचना पर बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर राजेंद्र वर्मा, आकाश खरवार, रामपाल यादव आदि ने हाथियों द्वारा किसानों की उजाड़ी गई फसलों के नुकसान का सर्वे किया।
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निगरानी टीमों के मुताबिक, बुधवार सवेरे किशनपुर सेंक्चुरी और मैलानी रेंज सीमा से सटे रेशम फाटा में हाथियों की लोकेशन मिली है। उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों के सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचने की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम से हाथियों की लगातार निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मड़हा वन ब्लॉक में डेरा डाले नेपाली हाथियों का झुंड मंगलवार रात करीब 11 बजे जंगल से निकलकर नकुला होते हुए पहाड़नगर गांव पहुंचा, लेकिन हाथियों की चिंघाड़ सुनकर वहां के जागरूक किसानों ने गोले, पटाखे दागकर, शोर मचाकर और रोशनी जलाकर हाथियों को खदेड़ दिया। इसके बाद हाथी जंगल के किनारे-किनारे चलकर सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचे। जहां इन हाथियों ने कई किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को रौंद डाला। किसान जगनू और राधे के खेतों में सिंचाईं के लिए लगे दो पंपिंगसेट पलट कर तोड़ डाले।
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ग्रामीणों की सूचना पर बुधवार सुबह मौके पर पहुंचे फॉरेस्टर राजेंद्र वर्मा, आकाश खरवार, रामपाल यादव आदि ने हाथियों द्वारा किसानों की उजाड़ी गई फसलों के नुकसान का सर्वे किया।
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निगरानी टीमों के मुताबिक, बुधवार सवेरे किशनपुर सेंक्चुरी और मैलानी रेंज सीमा से सटे रेशम फाटा में हाथियों की लोकेशन मिली है। उधर, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि हाथियों के सोहनरा भूड़ गांव के खेतों में पहुंचने की सूचना मिली है। वन कर्मियों की टीम से हाथियों की लगातार निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।