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Lakhimpur Kheri News: कॉरिडोर में एक वर्ष से रुका दो निर्माणों का ध्वस्तीकरण
Sun, 16 Nov 2025 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 16 Nov 2025 11:19 PM IST
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निर्माणाधीन कॉरिडोर में न्यायिक प्रक्रिया के चलते इन दो निर्माणों का एक वर्ष से रुका ध्वस्तीकरण
गोला गोकर्णनाथ। न्यायिक प्रक्रिया के चलते शिव मंदिर कॉरिडोर में करीब एक वर्ष से दो निर्माणों का ध्वस्तीकरण रुका हुआ है। इससे कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहे हैं।
दिसंबर, 2024 में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ कॉरिडोर निर्माण शुरू हुआ था। प्रारंभिक कार्रवाई में मुख्य द्वार के स्थान वाला अंगद धर्मशाला, जिला पंचायत की भूमि पर दुकानों सहित करीब 50 निर्माण हटाए गए थे।
कुछ पक्षकारों ने मुआवजे की मांग को लेकर न्यायालय की शरण ली थी। उन पक्षकारों में दो मामले अभी न्यायिक प्रक्रिया में हैं। इनमें एक आवासीय निर्माण मुख्य द्वार के प्रांगण में ध्वस्तीकरण में फंसा हुआ है। इससे तीन मंजिला यात्री हाॅल और पार्किंग एरिया का निर्माण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
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दूसरा आवासीय निर्माण तीर्थ के उत्तर कैमी वृक्ष के निकट का है। इसके चलते कार्यदायी संस्था को रिटेनिंग वॉल का निर्माण रोकना पड़ा है। दोनों पक्षों ने ध्वस्तीकरण के खिलाफ और मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इन दोनों निर्माण को छोड़कर शेष कार्य कराए जा रहे हैं।
एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि मामला हाईकोर्ट में है। जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है। कॉरिडोर की दैनिक कार्य प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
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दिसंबर, 2024 में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ कॉरिडोर निर्माण शुरू हुआ था। प्रारंभिक कार्रवाई में मुख्य द्वार के स्थान वाला अंगद धर्मशाला, जिला पंचायत की भूमि पर दुकानों सहित करीब 50 निर्माण हटाए गए थे।
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कुछ पक्षकारों ने मुआवजे की मांग को लेकर न्यायालय की शरण ली थी। उन पक्षकारों में दो मामले अभी न्यायिक प्रक्रिया में हैं। इनमें एक आवासीय निर्माण मुख्य द्वार के प्रांगण में ध्वस्तीकरण में फंसा हुआ है। इससे तीन मंजिला यात्री हाॅल और पार्किंग एरिया का निर्माण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
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दूसरा आवासीय निर्माण तीर्थ के उत्तर कैमी वृक्ष के निकट का है। इसके चलते कार्यदायी संस्था को रिटेनिंग वॉल का निर्माण रोकना पड़ा है। दोनों पक्षों ने ध्वस्तीकरण के खिलाफ और मुआवजे की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इन दोनों निर्माण को छोड़कर शेष कार्य कराए जा रहे हैं।
एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी ने बताया कि मामला हाईकोर्ट में है। जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है। कॉरिडोर की दैनिक कार्य प्रगति की समीक्षा की जा रही है।