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कर्ज से परेशान किसान की मौत
अमर उजाला ब्यूरो मझगईं।
Updated Sun, 29 May 2016 12:07 AM IST
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बैंक का था कर्ज, बेटे की शादी के लिए गिरवी रखी थी जमीन
कर्ज के जाल में फंसे एक किसान की मौत हो गई। किसान के ऊपर बैंक का कर्ज था, साथ ही उसने पुत्र की शादी के लिए जमीन भी गिरवी रख दी थी।
लोकनपुरवा निवासी 48 वर्षीय समीदुल्ला के पास मात्र छह बीघा जमीन है। उसी से पूर परिवार का खर्च चलता था। समीदुल्ला ने अपने पुत्र गुफरान का निकाह पतवारा गांव में तय किया था। निकाह अगले महीने जून में होना था। पैसों का इंतजाम न होने पर उन्होंने पांच बीघा जमीन 1.30 लाख में गिरवी रख दी थी। उधर उस पर सरयू ग्रामीण बैंक का करीब एक लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज में बुरी तरह से जकड़ा किसान परेशान था। जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। परिवारीजन इलाज के लिए बरेली ले गए। जहां इलाज चलने पर वह ठीक हो गया था। बड़े भाई मजिदुल्ला के मुताबिक उसके भाई कर्ज चुकाने की चिंता खाए जा रही थी। उनके मुुताबिक समीदुल्ला कहता था कि वह कहां से जमीन छुड़ाएगा और कैसे बैंक का कर्ज अदा करेगा। इसी के चलते शुक्रवार की शाम उसके भाई की हालत फिर बिगड़ गई। घर वाले पलिया सीएचसी ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसके भाई ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से घर में कोहराम मच गया। प्रधानपति सत्यवान सिंह ने मृतक किसान के घर जाकर परिवारीजनों को सांत्वना दी और आर्थिक सहायता दिलाने के साथ पारिवारिक लाभ दिए जाने का आश्वासन दिया। शनिवार दोपहर नौगवां सिद्ध बाबा देव स्थान के पास स्थित कब्रिस्तान में किसान के शव को गमगीन माहौल में सुर्पुदे खाक कर दिया गया।
कर्ज के जाल में फंसे एक किसान की मौत हो गई। किसान के ऊपर बैंक का कर्ज था, साथ ही उसने पुत्र की शादी के लिए जमीन भी गिरवी रख दी थी।
लोकनपुरवा निवासी 48 वर्षीय समीदुल्ला के पास मात्र छह बीघा जमीन है। उसी से पूर परिवार का खर्च चलता था। समीदुल्ला ने अपने पुत्र गुफरान का निकाह पतवारा गांव में तय किया था। निकाह अगले महीने जून में होना था। पैसों का इंतजाम न होने पर उन्होंने पांच बीघा जमीन 1.30 लाख में गिरवी रख दी थी। उधर उस पर सरयू ग्रामीण बैंक का करीब एक लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज में बुरी तरह से जकड़ा किसान परेशान था। जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। परिवारीजन इलाज के लिए बरेली ले गए। जहां इलाज चलने पर वह ठीक हो गया था। बड़े भाई मजिदुल्ला के मुताबिक उसके भाई कर्ज चुकाने की चिंता खाए जा रही थी। उनके मुुताबिक समीदुल्ला कहता था कि वह कहां से जमीन छुड़ाएगा और कैसे बैंक का कर्ज अदा करेगा। इसी के चलते शुक्रवार की शाम उसके भाई की हालत फिर बिगड़ गई। घर वाले पलिया सीएचसी ले जा रहे थे तभी रास्ते में उसके भाई ने दम तोड़ दिया। किसान की मौत से घर में कोहराम मच गया। प्रधानपति सत्यवान सिंह ने मृतक किसान के घर जाकर परिवारीजनों को सांत्वना दी और आर्थिक सहायता दिलाने के साथ पारिवारिक लाभ दिए जाने का आश्वासन दिया। शनिवार दोपहर नौगवां सिद्ध बाबा देव स्थान के पास स्थित कब्रिस्तान में किसान के शव को गमगीन माहौल में सुर्पुदे खाक कर दिया गया।