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बहू शिक्षिका, सास प्रधान, कर दिया एमडीएम में खेल

Mon, 24 Apr 2017 11:58 PM IST
धौरहरा।
धौरहरा। Updated Mon, 24 Apr 2017 11:58 PM IST
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Daughter-in-law, mother-in-law, turned-game in MDM
mdm - फोटो : amar ujala
बीईओ की टिप्पणी पर चिपकाया कागज
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शिकायत पर जांच में हुआ खुलासा 

प्राथमिक स्कूल की इंचार्ज शिक्षिका ने अपनी ग्राम प्रधान सास के साथ मिलकर एमडीएम में घोटाला करती रहीं। बीईओ ने जांच में पकड़ा और रजिस्टर पर घोटाले को लेकर स्पष्ट टिप्पणी लिख दी। लेकिन सास-बहू ने बीईओ की इस टिप्पणी पर सफेद कागज चिपका दिया। मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब इसी स्कूल के सहायक शिक्षक की शिकायत पर बीएसए ने बीईओ बिजुआ से जांच कराई। 
मामला धौरहरा क्षेत्र के ग्राम अमेठी के टापरपुरवा प्राथमिक स्कूल का है। इस स्कूल में ग्राम अमेठी की रुचि तिवारी इंचार्ज शिक्षिका है और इनकी सास राजकुमारी त्रिवेदी गांव की प्रधान है। शिकायत के समय इस स्कूल में नामांकित बच्चों की संख्या 110 थी, जबकि उपस्थिति इसके सापेक्ष बेहद कम। इसी स्कूल के सहायक शिक्षक सौरभ त्रिवेदी ने बीएसए से शिकायत करते हुए बताया कि लंबे समय से ग्राम प्रधान सास और इंचार्ज शिक्षिका बहू ने मिलकर छात्रों की उपस्थिति नामांकन के सापेक्ष दर्ज कर के खाद्यान्न और सरकारी धन का गबन किया है। 22 अगस्त 2016 को निरीक्षण के दौरान बीईओ रमेश चंद्र मौर्या के सामने जब यह मामला आया तो उन्होंने रजिस्टर पर रिपोर्ट अंकित करते हुए सरकारी धन और अनाज के गबन का आरोप लगाया। बीईओ की इस कार्रवाई के बाद भी सास-बहू नहीं सुधरी, बल्कि इससे भी बड़ा कारनामा कर डाला। उन्होंने रजिस्टर पर दर्ज बीईओ की इस टिप्पणी पर सफेद कागज चिपकाकर मामले को दबाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए संजय शुक्ला ने इसकी जांच बिजुआ के बीईओ अनुराग मिश्रा को सौंपी। 
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ऐसे किया सास-बहू ने मिलकर किया घोटाला
धौरहरा। स्कूल के एमडीएम मे घोटाला ग्राम प्रधान और इंचार्ज शिक्षक मिलकर ही करते है। इसके लिए राशन का आवंटन तिमाही होता है, जो कहीं ग्राम प्रधान लेते है कहीं शिक्षक। इसके अलावा शिक्षक के मोबाइल पर आने वाली काल पर शिक्षक स्कूल में खाना खाने वाले बच्चों की संख्या बताता है यह संख्या रजिस्टर पर भी दर्ज होती है। ग्राम प्रधान को एमडीएम की मानीटरिंग करने और रिपोर्ट करने का अधिकार है। 
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बीएसए के निर्देश पर मैने मामले की जांच मौके पर जाकर की है। शिकायत सही पाई गई है। जांच आख्या तैयार कर ली है, जो बीएसए को सौपेंगे। 
अनुराग मिश्रा, जांच अधिकारी, बीईओ बिजुआ
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