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जीएसटी में डाटा माइग्रेशन का अंतिम मौका आज
लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:07 PM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारी घर बैठे आनलाइन कर सकेंगे लागिन
वर्तमान कर व्यवस्था वैट के स्थान पर जल्द ही गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होना है, जिसके लिए वैट में पंजीकृत व्यापारियों को डाटा माइग्रेशन कराना अनिवार्य है। इसके लिए व्यापारियों के पास 31 दिसंबर तक आनलाइन लागिन कर आईडी और पासवर्ड बनाने का मौका है।
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर जयशंकर सहाय ने बताया कि जीएसटी के लागू होने से टैक्स कम होगा, जिससे कई वस्तुओं के दाम कम हो जाएंगे। इसे लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। पंजीकृत व्यापारियों को डाटा माइग्रेशन के लिए प्रोविजनल आईडी एवं पासवर्ड वितरित किए गए हैं, जिन्हें प्राप्त नहीं हुआ है तो वह कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया है कि व्यापारी प्रोविजनल आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जीएसटी.जीओवी.इन पर लागिन कर आईडी और पासवर्ड जनरेट कर उसे सुरक्षित कर लें। फिर इसकी मदद से जीएसटी नेटवर्क में फर्म का डाटा माइग्रेट कर लें। इस प्रकार व्यापारी का जीएसटी में पंजीकरण हो जाएगा। डिप्टी कमिश्रर ने कहा कि किसी प्रकार की दिक्कत आने पर व्यापारी कार्यालय में स्थापित जीएसटी हेल्प डेस्क से मदद ले सकता है।
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वर्तमान कर व्यवस्था वैट के स्थान पर जल्द ही गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होना है, जिसके लिए वैट में पंजीकृत व्यापारियों को डाटा माइग्रेशन कराना अनिवार्य है। इसके लिए व्यापारियों के पास 31 दिसंबर तक आनलाइन लागिन कर आईडी और पासवर्ड बनाने का मौका है।
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर जयशंकर सहाय ने बताया कि जीएसटी के लागू होने से टैक्स कम होगा, जिससे कई वस्तुओं के दाम कम हो जाएंगे। इसे लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है। पंजीकृत व्यापारियों को डाटा माइग्रेशन के लिए प्रोविजनल आईडी एवं पासवर्ड वितरित किए गए हैं, जिन्हें प्राप्त नहीं हुआ है तो वह कार्यालय से प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया है कि व्यापारी प्रोविजनल आईडी एवं पासवर्ड की सहायता से वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.जीएसटी.जीओवी.इन पर लागिन कर आईडी और पासवर्ड जनरेट कर उसे सुरक्षित कर लें। फिर इसकी मदद से जीएसटी नेटवर्क में फर्म का डाटा माइग्रेट कर लें। इस प्रकार व्यापारी का जीएसटी में पंजीकरण हो जाएगा। डिप्टी कमिश्रर ने कहा कि किसी प्रकार की दिक्कत आने पर व्यापारी कार्यालय में स्थापित जीएसटी हेल्प डेस्क से मदद ले सकता है।
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