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Lakhimpur Kheri News: आर्थिक तंगी से जूझ रहे जंगल बचाने वाले दैनिक कर्मचारी
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दुधवा जंगल की सुरक्षा करते दैनिक वेतन भोगी कर्मी। स्त्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे दुधवा टाइगर रिजर्व के दैनिक वेतन भोगी वनकर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन से उन्हें कई बार आश्वासन मिला, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। वन विभाग में बीट वाचर, फायर वाचर, कंप्यूटर, वायरलेस ऑपरेटर, चौकीदार, ड्राइवर, अर्दली, खल्लासी, महावत, चारा कटर, रूम अटडेंट, गेटमैन, रात्रि और वन विश्राम भवन चौकीदार आदि दैनिक वेतन भोगी रूप में तैनात हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में 319, बफरजोन 146 के अलावा कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में 186 को मिलाकर करीब 750 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दिन-रात तैनात रहते हैं। ये वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा करने के साथ साथ वन विभाग के अधिकारियों की सेवा में भी लगे रहते हैं। इसके बावजूद उनका और उनके परिवार का कोई पुरसाहाल नहीं है।
वेतन न मिलने से उनके घरों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दवाई सब कुछ बाधित है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इन कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि होली के पहले भुगतान हो जाएगा, लेकिन केवल एक महीने का भुगतान मिला। इसके बाद अप्रैल माह के अंत तक भुगतान देने का आश्वासन मिला, लेकिन उनके बैंक खातों में धनराशि नहीं पहुंची।
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प्रोजेक्ट टाइगर से बजट आवंटित होते ही सबसे पहले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भुगतान किया जाएगा। अभी बजट नहीं मिला है।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन से उन्हें कई बार आश्वासन मिला, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। वन विभाग में बीट वाचर, फायर वाचर, कंप्यूटर, वायरलेस ऑपरेटर, चौकीदार, ड्राइवर, अर्दली, खल्लासी, महावत, चारा कटर, रूम अटडेंट, गेटमैन, रात्रि और वन विश्राम भवन चौकीदार आदि दैनिक वेतन भोगी रूप में तैनात हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में 319, बफरजोन 146 के अलावा कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में 186 को मिलाकर करीब 750 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दिन-रात तैनात रहते हैं। ये वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा करने के साथ साथ वन विभाग के अधिकारियों की सेवा में भी लगे रहते हैं। इसके बावजूद उनका और उनके परिवार का कोई पुरसाहाल नहीं है।
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वेतन न मिलने से उनके घरों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की दवाई सब कुछ बाधित है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इन कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि होली के पहले भुगतान हो जाएगा, लेकिन केवल एक महीने का भुगतान मिला। इसके बाद अप्रैल माह के अंत तक भुगतान देने का आश्वासन मिला, लेकिन उनके बैंक खातों में धनराशि नहीं पहुंची।
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प्रोजेक्ट टाइगर से बजट आवंटित होते ही सबसे पहले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भुगतान किया जाएगा। अभी बजट नहीं मिला है।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व