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साइबर सेल ने ठगे गए चार लाख रुपये वापस कराए
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साइबर ठगों ने पांच लोगों से जालसाजी के जरिये खातों से निकाली थी रकम
लखीमपुर खीरी। साइबर ठगी का शिकार हुए पांच लोगों को पुलिस की साइबर सेल ने 420539 रुपये वापस कराए हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वालों में कई शहर के व्यापारी भी शामिल हैं।
मोहल्ला काशीनगर निवासी मनोज मित्तल के बैंक खाते से 30 अगस्त 2021 को डेढ़ लाख रुपये निकल गए थे। जानकारी होने के बाद मनोज ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। ऐसे ही प्रतीक सक्सेना के खाते से साइबर ठगों ने 1.25 लाख रुपये निकाल लिए थे। इसके अलावा जसपाल सिंह, प्रथमेष और मीनू के बैंक खाते से साइबर ठगों ने जालसाजी से लाखों की रकम निकाल ली थी। सभी ने विभिन्न तिथियों में एसपी के समक्ष उपस्थित होकर अपने खातों से जालसाजी कर रुयपे निकालने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिए थे।
एसपी विजय ढुल ने एएसपी की निगरानी में साइबर सेल को प्रकरणों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खातों से निकाले गए पैसे को होल्ड करा दिया। इसके बाद संबंधित बैंक से संपर्क कर शिकायतकर्ता खाताधारकों को उनकी धनराशि उनके खातों में वापस करवाई गई। साइबर सेल टीम में एसआई शिवकुमार यादव, मुख्य आरक्षी शराफत अली, परीक्षित चौरसिया और महताब आलम शामिल रहे।
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साइबर ठगी से ऐसे बचें
1. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 155260 या 112 पर दें, जिससे धनराशि खाते में होल्ड कराई जा सके।
2. साइबर अपराध, एनसीआरपी पोर्टल की वेबसाइट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर दर्ज करें।
3. खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीसी, पिन नंबर नहीं मांगी जाती है।
4. किसी के कहने से कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।
5. किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
6. आनलाइन सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों व सरकारी विभाग/कंपनियों के कस्टमर केयर का नंबर अधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
7. अज्ञात व्यक्ति/अज्ञात मोबाइल नंबर द्वारा भेजी गई लिंक को क्लिक न करें।
8. सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फंड की अधिकारिक वेबसाइट से ही वित्तीय लेनदेन करें।
9. किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआई आईडी व पासवर्ड न डालें।
10. वॉलेट अपडेट और केवाईसी नजदीकी ऑथराइज्ड सेंटर पर जाकर ही कराएं।
11. अपने सोशल एकाउंट व बैंक खातों का पासवर्ड स्ट्रांग बनाएं, जिसमें नंबर, अक्षर व चिन्ह तीनों हों। साथ ही टू स्टेप वेरीफिकेशन लगाए रखें।
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लखीमपुर खीरी। साइबर ठगी का शिकार हुए पांच लोगों को पुलिस की साइबर सेल ने 420539 रुपये वापस कराए हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वालों में कई शहर के व्यापारी भी शामिल हैं।
मोहल्ला काशीनगर निवासी मनोज मित्तल के बैंक खाते से 30 अगस्त 2021 को डेढ़ लाख रुपये निकल गए थे। जानकारी होने के बाद मनोज ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। ऐसे ही प्रतीक सक्सेना के खाते से साइबर ठगों ने 1.25 लाख रुपये निकाल लिए थे। इसके अलावा जसपाल सिंह, प्रथमेष और मीनू के बैंक खाते से साइबर ठगों ने जालसाजी से लाखों की रकम निकाल ली थी। सभी ने विभिन्न तिथियों में एसपी के समक्ष उपस्थित होकर अपने खातों से जालसाजी कर रुयपे निकालने के संबंध में प्रार्थना पत्र दिए थे।
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एसपी विजय ढुल ने एएसपी की निगरानी में साइबर सेल को प्रकरणों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खातों से निकाले गए पैसे को होल्ड करा दिया। इसके बाद संबंधित बैंक से संपर्क कर शिकायतकर्ता खाताधारकों को उनकी धनराशि उनके खातों में वापस करवाई गई। साइबर सेल टीम में एसआई शिवकुमार यादव, मुख्य आरक्षी शराफत अली, परीक्षित चौरसिया और महताब आलम शामिल रहे।
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साइबर ठगी से ऐसे बचें
1. साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 155260 या 112 पर दें, जिससे धनराशि खाते में होल्ड कराई जा सके।
2. साइबर अपराध, एनसीआरपी पोर्टल की वेबसाइट साइबरक्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर दर्ज करें।
3. खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंकों द्वारा कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीसी, पिन नंबर नहीं मांगी जाती है।
4. किसी के कहने से कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।
5. किसी भी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
6. आनलाइन सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों व सरकारी विभाग/कंपनियों के कस्टमर केयर का नंबर अधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
7. अज्ञात व्यक्ति/अज्ञात मोबाइल नंबर द्वारा भेजी गई लिंक को क्लिक न करें।
8. सरकारी उपक्रम, वेबसाइट या फंड की अधिकारिक वेबसाइट से ही वित्तीय लेनदेन करें।
9. किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआई आईडी व पासवर्ड न डालें।
10. वॉलेट अपडेट और केवाईसी नजदीकी ऑथराइज्ड सेंटर पर जाकर ही कराएं।
11. अपने सोशल एकाउंट व बैंक खातों का पासवर्ड स्ट्रांग बनाएं, जिसमें नंबर, अक्षर व चिन्ह तीनों हों। साथ ही टू स्टेप वेरीफिकेशन लगाए रखें।