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‘मां की इच्छा मानकर बिना कन्याओं को आमंत्रित किए ही पूजन करें, पूरा फल मिलेगा’
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लखीमपुर खीरी। चैत्र नवरात्र व्रतों का गुरुवार को पारायण होगा। इस दौरान कन्याओं के पूजन और उन्हें भोजन कराने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है ऐसे में श्रद्धालु असमंजस में हैं। इस संबंध में देवकली तीर्थ के आचार्य पंडित प्रमोद दीक्षित का कहना है कि ऐसी स्थिति में माता की इच्छा मानकर श्रद्धालु कन्याओं को आमंत्रित किए बिना ही पूजन करें, इसका भी उन्हें पूरा फल मिलेगा।
इस तरह करें पूजन
घर में बेटी एवं भतीजी के लिए हाथ में जल लेकर संकल्प लें कि कन्या पूजन के लिए पुत्री को देवी मानकर पूजन करता हूं। इसके बाद उसे मीठा भोजन कराकर दान दें। घर में कन्या न होने पर घर के पूजा स्थल में मां दुर्गा का पूजन कर भोग लगाकर दक्षिणा अर्पित करें। प्रसाद का कुछ हिस्सा माता का ध्यान करते हुए गाय को खिला दें। हवन बाद कन्याओं का ध्यान कर सूखा नारियल, मखाना, मूंगफली आदि प्रसाद की नौ पोटली बनाकर पूजा स्थल में रख लें। स्थित सामान्य होने पर कन्याओं को टीकाकर दे दें।
अष्टमी पर महागौरी का हुुआ पूजन
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन देवी मंदिरों और घरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी का पूजन हुआ। इस दौरान मंदिरों में पुजारियों ने विधि विधान से हवन पूजन कर मां को भोग लगाया। उधर, भक्तों ने भी घरों पर हवन किया। संकटा देवी मंदिर के पुजारी मदन लाल शुक्ला ने बताया कि आठवें दिन महागौरी का पूजन किया गया। लॉकडाउन के कारण मंदिर के कपाट बंद रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस बार कन्या पूजन न करने की अपील की। उनका कहना है लॉकडाउन में कन्याओं को घर पर कदापि न बुलाएं। मां का पूजन कर उनको ही भोग लगाकर व्रत का पारायण करें। लॉकडाउन के चलते अष्टमी पर कन्याओं को खोजना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। ऐसे में कुछ लोगों ने घर की कन्याओं को खिलाया तो किसी ने गाय को पूड़ी और खीर खिलाकर व्रत का पारायण किया।
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इस तरह करें पूजन
घर में बेटी एवं भतीजी के लिए हाथ में जल लेकर संकल्प लें कि कन्या पूजन के लिए पुत्री को देवी मानकर पूजन करता हूं। इसके बाद उसे मीठा भोजन कराकर दान दें। घर में कन्या न होने पर घर के पूजा स्थल में मां दुर्गा का पूजन कर भोग लगाकर दक्षिणा अर्पित करें। प्रसाद का कुछ हिस्सा माता का ध्यान करते हुए गाय को खिला दें। हवन बाद कन्याओं का ध्यान कर सूखा नारियल, मखाना, मूंगफली आदि प्रसाद की नौ पोटली बनाकर पूजा स्थल में रख लें। स्थित सामान्य होने पर कन्याओं को टीकाकर दे दें।
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अष्टमी पर महागौरी का हुुआ पूजन
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन देवी मंदिरों और घरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी का पूजन हुआ। इस दौरान मंदिरों में पुजारियों ने विधि विधान से हवन पूजन कर मां को भोग लगाया। उधर, भक्तों ने भी घरों पर हवन किया। संकटा देवी मंदिर के पुजारी मदन लाल शुक्ला ने बताया कि आठवें दिन महागौरी का पूजन किया गया। लॉकडाउन के कारण मंदिर के कपाट बंद रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस बार कन्या पूजन न करने की अपील की। उनका कहना है लॉकडाउन में कन्याओं को घर पर कदापि न बुलाएं। मां का पूजन कर उनको ही भोग लगाकर व्रत का पारायण करें। लॉकडाउन के चलते अष्टमी पर कन्याओं को खोजना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया। ऐसे में कुछ लोगों ने घर की कन्याओं को खिलाया तो किसी ने गाय को पूड़ी और खीर खिलाकर व्रत का पारायण किया।
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