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सिस्टम बेहाल: आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघर में मारामारी
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आधार कार्ड बनवाने के लिए सड़क तक खड़े युवक, युवतियां। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
गोला गोकर्णनाथ। शासन ने प्रत्येक नागरिक की स्थायी पहचान के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही किसी भी योजना का लाभ लेने, विद्यार्थियों का विद्यालय में प्रवेश लेने सहित प्रत्येक विभाग और क्षेत्र में आधार कार्ड की उपयोगिता जरूरी हो गई है। इसलिए लोगों को आधार कार्ड बनवाना मजबूरी हो गया है। आलम यह है कि नगर और क्षेत्र में डाकघर एकल केंद्र होने से सैकड़ों जरूरतमंद रात के अंधेरे में ही डाकघर के बंद गेट के सामने डेरा जमा लेते हैं ताकि सुबह उन्हें टोकन मिल सके। ऐसे में क्षेत्र से आई छात्राओं और महिलाओं को रात के अंधेरे में असुरक्षा का भय बना है।
सुबह साढ़े आठ बजे से बंटते हैं टोकन
आधार काउंटर पर बैठे डाक सहायक रविंद्र राम ने बताया कि सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ तक बैठते हैं। जिसके क्रमांक के अनुसार व्यक्ति को बुलाया जाता है।
एक कार्य दिवस में 50 ही बन पाते हैं आधार
कार्यवाहक पोस्ट मास्टर हरिशंकर त्रिवेदी ने बताया कि एक आधार के बनने एवं संशोधन करने की प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट लग जाते हैं। इसलिए एक कार्य दिवस पर अधिकतम 50 आधार ही बन पाते हैं।
बैंकों ने बंद कर दिए आधार काउंटर तो डाकघर में बढ़ गई भीड़
शासन ने आधार बनवाने में आसानी के लिए बैंकों में भी आधार काउंटर बनवाने के निर्देश दिए थे। नगर की आर्यावर्त बैंक, इलाहाबाद बैंक, एसबीआई आदि बैंकों ने अपने आधार काउंटर बंद कर दिए हैं, जिससे नगर और क्षेत्र की भीड़ डाकघर में टूट पड़ी।
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रात में ही डाक घर के बाहर जरूरतमंदों का डेरा
लोगों में आधार बनवाने को लेकर मजबूरी भी देखी गई। रात करीब 11 बजे से डाकघर के बंद गेट के सामने सैकड़ों लोग लाइन लगाकर अंधेरे में बैठे दिखे।
रात के अंधेरे में छात्राओं में असुरक्षा का भय
डाकघर खुलने पर अपनी बारी में बैठी छात्रा बगहा निवासी प्रिया वर्मा, रजागंज घुंघुची निवासी राखी वर्मा, बहादुरपुर निवासी प्रतिभा, रामपुर तकिया निवासी निधि वर्मा, लघुचा निवासी गोल्डी, तेजापुर निवासी हिमांशु देवी, भैंठिया निवासी साधना आदि ने बताया कि शुक्रवार की रात में ही वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ पहले टोकन मिल जाए इसलिए आ गई थीं। टोकन तो कल मिल गया है लेकिन अब आधार संशोधन कराने का इंतजार है। रात के अंधेरे में असुरक्षा का डर भी लगा रहता है।
कालीचरनपुर निवासी कक्षा सात की छात्रा सलोनी ने बताया कि वह अपने बाबा के साथ रात दो बजे आ गई थी। सुबह 19 नंबर का टोकन मिला तो अब नंबर आया है।
नगर के मुन्नूगंज मोहल्ला निवासी रानी गुप्ता ने बताया कि वह आधार में मोबाइल नंबर लिंक कराने के लिए रात तीन बजे आई थी।
कालीचरनपुर निवासी बीएससी की छात्रा संध्या वर्मा ने बताया कि वह रात दो बजे अपने बाबा के साथ आई थी तब जाकर सुबह टोकन मिल पाया।
नगरिया निवासी छात्र सुशील कुमार ने बताया कि वह रात एक बजे बाइक से आधार संशोधन कराने आया था तो अब जाकर नंबर आया है।
गांव रामपुर तकिया निवासी बीटेक के छात्र मनजीत सिंह ने बताया कि वह शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे डाकघर आ गया था तब भी लोग खड़े थे। पूरी रात डाकघर के बाहर कटी है।
आधार संशोधन या बनवाने की प्रक्रिया में करीब 15 मिनट लग जाते हैं। लोगों की आसानी और भीड़ इकट्ठा न हो इसलिए सुबह टोकन बांट दिए जाते हैं। एक कार्य दिवस में 50 से 60 आधार कार्ड ही बन पाते हैं।
-हरिशंकर त्रिवेदी
कार्यवाहक पोस्ट मास्टर, गोला
एलडीएम से बात हुई है, सोमवार से बैंकों में आधार काउंटर खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। बैंकों के आधार काउंटर पर आधार संशोधन एवं बनवाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
-अखिलेश यादव एसडीएम, गोला।
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सुबह साढ़े आठ बजे से बंटते हैं टोकन
आधार काउंटर पर बैठे डाक सहायक रविंद्र राम ने बताया कि सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ तक बैठते हैं। जिसके क्रमांक के अनुसार व्यक्ति को बुलाया जाता है।
एक कार्य दिवस में 50 ही बन पाते हैं आधार
कार्यवाहक पोस्ट मास्टर हरिशंकर त्रिवेदी ने बताया कि एक आधार के बनने एवं संशोधन करने की प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट लग जाते हैं। इसलिए एक कार्य दिवस पर अधिकतम 50 आधार ही बन पाते हैं।
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बैंकों ने बंद कर दिए आधार काउंटर तो डाकघर में बढ़ गई भीड़
शासन ने आधार बनवाने में आसानी के लिए बैंकों में भी आधार काउंटर बनवाने के निर्देश दिए थे। नगर की आर्यावर्त बैंक, इलाहाबाद बैंक, एसबीआई आदि बैंकों ने अपने आधार काउंटर बंद कर दिए हैं, जिससे नगर और क्षेत्र की भीड़ डाकघर में टूट पड़ी।
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रात में ही डाक घर के बाहर जरूरतमंदों का डेरा
लोगों में आधार बनवाने को लेकर मजबूरी भी देखी गई। रात करीब 11 बजे से डाकघर के बंद गेट के सामने सैकड़ों लोग लाइन लगाकर अंधेरे में बैठे दिखे।
रात के अंधेरे में छात्राओं में असुरक्षा का भय
डाकघर खुलने पर अपनी बारी में बैठी छात्रा बगहा निवासी प्रिया वर्मा, रजागंज घुंघुची निवासी राखी वर्मा, बहादुरपुर निवासी प्रतिभा, रामपुर तकिया निवासी निधि वर्मा, लघुचा निवासी गोल्डी, तेजापुर निवासी हिमांशु देवी, भैंठिया निवासी साधना आदि ने बताया कि शुक्रवार की रात में ही वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ पहले टोकन मिल जाए इसलिए आ गई थीं। टोकन तो कल मिल गया है लेकिन अब आधार संशोधन कराने का इंतजार है। रात के अंधेरे में असुरक्षा का डर भी लगा रहता है।
कालीचरनपुर निवासी कक्षा सात की छात्रा सलोनी ने बताया कि वह अपने बाबा के साथ रात दो बजे आ गई थी। सुबह 19 नंबर का टोकन मिला तो अब नंबर आया है।
नगर के मुन्नूगंज मोहल्ला निवासी रानी गुप्ता ने बताया कि वह आधार में मोबाइल नंबर लिंक कराने के लिए रात तीन बजे आई थी।
कालीचरनपुर निवासी बीएससी की छात्रा संध्या वर्मा ने बताया कि वह रात दो बजे अपने बाबा के साथ आई थी तब जाकर सुबह टोकन मिल पाया।
नगरिया निवासी छात्र सुशील कुमार ने बताया कि वह रात एक बजे बाइक से आधार संशोधन कराने आया था तो अब जाकर नंबर आया है।
गांव रामपुर तकिया निवासी बीटेक के छात्र मनजीत सिंह ने बताया कि वह शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे डाकघर आ गया था तब भी लोग खड़े थे। पूरी रात डाकघर के बाहर कटी है।
आधार संशोधन या बनवाने की प्रक्रिया में करीब 15 मिनट लग जाते हैं। लोगों की आसानी और भीड़ इकट्ठा न हो इसलिए सुबह टोकन बांट दिए जाते हैं। एक कार्य दिवस में 50 से 60 आधार कार्ड ही बन पाते हैं।
-हरिशंकर त्रिवेदी
कार्यवाहक पोस्ट मास्टर, गोला
एलडीएम से बात हुई है, सोमवार से बैंकों में आधार काउंटर खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। बैंकों के आधार काउंटर पर आधार संशोधन एवं बनवाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
-अखिलेश यादव एसडीएम, गोला।