लखीमपुर खीरी: बाजार से लौट रही महिला को दबोच ले गया मगरमच्छ, खेत में पड़ा मिला थैला और मांस का टुकड़ा
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में एक महिला लापता हो गई। उसका थैला, कपड़े और मांस का टुकड़ा बुढ़िया नाले के पास खेत में पड़ा मिला। ग्रामीणों का कहना है कि नाले में मगरमच्छ हैं। महिला को मगरमच्छ ही दबोच ले गया है। परिजनों ने वन विभाग और पुलिस को घटना की सूचना दी है।
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लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र के कफारा गांव में शनिवार शाम बाजार से घर लौट रही महिला पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ उसे नाले में खींच ले गया। महिला देर रात तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। रविवार सुबह बुढ़िया नाले के पास खेत में उसके कपड़े, सब्जी से भरा झोला और मांस का टुकड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ के महिला को नाले में खींच ले जाने की आशंका जताई। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू करा दी।
धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के टपरी कफारा निवासी गंगा देवी (55) पत्नी गुड्डू कोरी शनिवार शाम करीब छह बजे कफारा की साप्ताहिक बाजार से सब्जी आदि खरीदकर घर लौट रही थीं। ग्रामीणों के मुताबिक, वह खेतों में भरे पानी से होकर गुजर रही थीं। इसी दौरान पानी में मौजूद मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें दबोचकर बुढ़िया नाले की ओर खींच ले गया।
देर रात तक गंगा देवी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और पड़ोसियों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। रविवार सुबह नाले के पास खेत में उनके कपड़े, सब्जी से भरा झोला और मांस का टुकड़ा मिला। सामान मिलने के बाद ग्रामीणों ने महिला को मगरमच्छ द्वारा खींचे जाने की आशंका जताई।
बुढ़िया नाले में हैं कई मगरमच्छ
सूचना पर सीओ शमशेर बहादुर सिंह और प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मिले कपड़े और मांस के टुकड़े को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। महिला की तलाश भी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बुढ़िया नाले में काफी संख्या में मगरमच्छ हैं। मगरमच्छ अक्सर नाले से निकलकर कुत्ते, बंदर और बकरियों को अपना शिकार बनाते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीण विवेक सिंह, पप्पू सिंह और हेमराज आदि के मुताबिक बुढ़िया नाले में मगरमच्छों की संख्या काफी है। करीब दो वर्षों से नाले से निकलकर मगरमच्छ मवेशियों और अन्य जानवरों पर हमला करते रहे हैं। पिछले वर्ष कफारा निवासी महावीर गौतम (60) और संजू (12) पुत्र हेमराज गौतम पर भी मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। दोनों को सीएचसी रमियाबेहड़ के बाद जिला अस्पताल लखीमपुर भेजा गया था। ग्रामीणों के मुताबिक करीब तीन माह इलाज के बाद दोनों स्वस्थ हुए। उनका आरोप है कि वन विभाग की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है।
पांचवें दिन भी नहीं मिला दिनेश का सुराग
माथुरपुर गांव निवासी दिनेश कुमार को बुधवार को घाघरा नदी में नाव से मछली पकड़ने के दौरान मगरमच्छ के नदी में खींच ले जाने की घटना के पांच दिन बाद भी उसका सुराग नहीं मिला है। फ्लड पीएसी की टीम मोटरबोट से लगातार नदी में उसकी तलाश कर रही है। रविवार को भी खोजबीन जारी रही।