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बैंक की लाइन में लगी महिला भीड़ में दबकर हुई बेहोश

Mon, 09 Jan 2017 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ईसानगर।
अमर उजाला ब्यूरो ईसानगर। Updated Mon, 09 Jan 2017 11:03 PM IST
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Women in the crowd had been buried in the unconscious of the bank line
bank - फोटो : amar ujala
ईसानगर स्थित इलाहाबाद बैंक का मामला
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नोटबंदी के 60 दिन बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं, जिससे समस्या बनी हुई है। इलाहाबाद बैंक की ईसानगर शाखा के बाहर भीड़ में दबकर एक महिला बेहोश हो गई। होश में आने पर महिला ने बताया कि वह चार दिन से रुपये निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रही है।
गांव लौकाही निवासी 40 वर्षीय जानकी सोमवार को दो हजार रुपये निकालने के लिए बैंक के बाहर लाइन में लगी थी। भीड़ अधिक होने के चलते लोगों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी, जिसमें जानकी दबकर बेहोश हो गई। आधे घंटे बाद होश आने पर जानकी ने बताया पिछले चार दिन से बैंक आने पर भी भुगतान नहीं मिल पाया है। सोमवार को भी सुबह आठ बजे से लाइन में लगी थी। आरबीआई एवं सरकार के आदेश का अनुपालन करने में बैंक प्रबंधक मनमानी कर रहे हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं हो रही हैं क्योंकि वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग लाइन नहीं लगवाई जा रही है। 
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ममरी। इलाहाबाद बैंक शाखा हैदराबाद और पंजाब नेशनल बैंक गनेशपुर, ओरियंटल बैंक रोशननगर और छत्तीपुर नंबर 18 की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सोमवार को खातेदारों की भीड़ उमड़ी। जिन्हें जरूरत के मुताबिक भुगतान नहीं मिल सका। किसी को दो हजार, तो किसी को चार हजार रुपये से संतोष करना पड़ा। बैंक प्रबंधकों ने कैश की कमी का हवाला देते अपनी मजबूरी बताई है। जबकि खातेदारों ने बैंक कर्मियों पर मुंहदेखा व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
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बैंक कर्मियों के फरमान से लोग परेशान
बिजुआ। नोटबंदी के बाद लोगों की दिक्कतों के बीच बैंकों के खुद के फरमान और दिक्कत बढ़ा रहे हैं। गुलरिया चीनी मिल स्थित स्टेट बैंक की शाखा में लोग सुबह सात बजे से लाइन में लगे थे। करीब 12 बजे बैैंक स्टॉफ ने बंद गेट से नया फरमान सुना दिया, कहा कि एटीएम धारकों को बैंक से भुगतान नही मिलेगा, हालांकि तब तक एटीएम भी नही चल रहा था। बाद में लाइन में लगे लोग विरोध करने लगे, काफी खुशामदों के बाद उन्हें बैंक में आने की अनुमति दी गई। 


शाम तीन बजे पड़ गया ताला, बाहर खड़े रहे जरूरतमंद
लेनदेन का समय चार बजे तक का है पर यहां पर तीन बजे के बाद ग्राहकों को बैंक में नहीं लिया जाता। यहां पर तीन बजे के बाद बैंक आने वाले ग्राहकों को भुगतान नहीं किया जाता। तीन बजे तक बैंक के बाहर खड़े लोगों में से कुछ को ताला खोलकर अंदर ले लिया जाता है, बाद में उन्हीं ग्राहकों को चार बजे बाहर कर दिया जाता है, ऐसे में एक घंटे पहले से बैंक में ग्राहकों का आना बंद हो जाता है।

महज तीन घंटे तक ही चल सका एटीएम
बिजुआ। गुलरिया स्थित बैंक का एटीएम कई दिनों से ठप है, सोमवार को करीब एक बजे एटीएम को चलाया जा सका। तीन घंटे चलने के बाद एटीएम में कैश खत्म हो गया।
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