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अव्यवस्था के बीच घंटों करना पड़ा महिलाओं को इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:26 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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सीएचसी में लगा एक दिवसीय नसबंदी कैंप
सीएचसी में एक दिवसीय नसबंदी कैंप अव्यवस्था के बीच संपन्न हुआ । इसमें कुंभी और बांकेगंज ब्लाक के दूर दराज क्षेत्र से आई महिलाओं को सीएचसी में भूखे प्यासे घंटों इंतजार करना पड़ा, इनकी दोपहर बाद नसबंदी की गई।
सीएचसी में लगे एक दिवसीय नसबंदी कैंप में नसबंदी की इच्छुक महिलाएं सुबह 10 बजे से ही आना शुरू हो गईं। साथ आई आशा बहुओं ने कैंप में जैसे-तैसे उनका पंजीकरण कराया। घंटों इंतजार करने के बाद ब्लाक कुंभी से पंजीकरण कराने वाली 29 और बांकेगंज ब्लाक से आईं 11 महिलाओं की सर्जन अखिलेश वर्मा की टीम द्वारा नसबंदी की गइै। सीएचसी प्रभारी कमलेश वर्मा, पीएचसी कुंभी प्रभारी डॉ. आदर्श चौरसिया ने बताया कि नसबंदी के लिए सीएचसी में 29 महिलाओं ने पंजीकरण कराया और 11 महिलाएं बांकेगंज से आई हैं जिनकी सर्जन अखिलेश वर्मा की टीम ने नसबंदी की। महिलाओं को 1400 रुपये की राशि शासन द्वारा उनके खाते में भेजी जाएगी।
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महिलाओं को अपने खर्चे से लेकर आईं आशा बहुएं
अस्पताल में नसबंदी के लिए आईं महिलाओं के साथ आशा बहुएं भी परेशान दिखाई दीं। संध्या शुक्ला, रामदेवी, तारा देवी, लौगाश्री, उत्तम देवी, विमला आदि आशा बहुओं ने बताया कि पहले वह नसबंदी के लिए बांकेगंज अस्पताल गईं वहां से गोला सीएचसी में नसबंदी कैंप की जानकारी होने पर वह अपने खर्चे पर महिलाओं को लेकर आयीं हैं। सुबह 10 बजे से महिलाओं और आशाओं को भूखे प्यासे रहकर परेशान होना पड़ा। आशा बहुओं ने बताया कि उन्हें शासन से कोई मानदेय नहीं मिलता है। एक नसबंदी पर उन्हें 200 रुपये मिलते हैं, दूर दराज से आईं महिलाओं को लाने ले जाने में नसबंदी देर से शुरू होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
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सीएचसी में एक दिवसीय नसबंदी कैंप अव्यवस्था के बीच संपन्न हुआ । इसमें कुंभी और बांकेगंज ब्लाक के दूर दराज क्षेत्र से आई महिलाओं को सीएचसी में भूखे प्यासे घंटों इंतजार करना पड़ा, इनकी दोपहर बाद नसबंदी की गई।
सीएचसी में लगे एक दिवसीय नसबंदी कैंप में नसबंदी की इच्छुक महिलाएं सुबह 10 बजे से ही आना शुरू हो गईं। साथ आई आशा बहुओं ने कैंप में जैसे-तैसे उनका पंजीकरण कराया। घंटों इंतजार करने के बाद ब्लाक कुंभी से पंजीकरण कराने वाली 29 और बांकेगंज ब्लाक से आईं 11 महिलाओं की सर्जन अखिलेश वर्मा की टीम द्वारा नसबंदी की गइै। सीएचसी प्रभारी कमलेश वर्मा, पीएचसी कुंभी प्रभारी डॉ. आदर्श चौरसिया ने बताया कि नसबंदी के लिए सीएचसी में 29 महिलाओं ने पंजीकरण कराया और 11 महिलाएं बांकेगंज से आई हैं जिनकी सर्जन अखिलेश वर्मा की टीम ने नसबंदी की। महिलाओं को 1400 रुपये की राशि शासन द्वारा उनके खाते में भेजी जाएगी।
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महिलाओं को अपने खर्चे से लेकर आईं आशा बहुएं
अस्पताल में नसबंदी के लिए आईं महिलाओं के साथ आशा बहुएं भी परेशान दिखाई दीं। संध्या शुक्ला, रामदेवी, तारा देवी, लौगाश्री, उत्तम देवी, विमला आदि आशा बहुओं ने बताया कि पहले वह नसबंदी के लिए बांकेगंज अस्पताल गईं वहां से गोला सीएचसी में नसबंदी कैंप की जानकारी होने पर वह अपने खर्चे पर महिलाओं को लेकर आयीं हैं। सुबह 10 बजे से महिलाओं और आशाओं को भूखे प्यासे रहकर परेशान होना पड़ा। आशा बहुओं ने बताया कि उन्हें शासन से कोई मानदेय नहीं मिलता है। एक नसबंदी पर उन्हें 200 रुपये मिलते हैं, दूर दराज से आईं महिलाओं को लाने ले जाने में नसबंदी देर से शुरू होने के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
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