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दुकान हटवाने को प्रशासन सख्त, तीन दुकानें सीज 

Sun, 02 Apr 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। 
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ (खीरी)।  Updated Sun, 02 Apr 2017 11:50 PM IST
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To remove shop, administration strict, three shops seized
lock - फोटो : amar ujala
दुकानदार की तलाश में दबिशें जारी
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हो सकती है गिरफ्तारी


ऐतिहासिक चैती मेला में बाधा बनी यासीन की बर्तन दुकान को हटवाने के लिए प्रशासन सख्त है। रविवार को एसडीएम/ईओ घनश्याम त्रिपाठी ने यासीन की तीन और दुकानें सीज करा दीं। बता दें कि मेला मैदान में ही यासीन की चार दुकानें हैं, लेकिन तीन अन्य दुकान मेला क्षेत्र से बाहर हैं। दुकानदार के फरार हो जाने के कारण अन्य तीनों दुकानों को भी सीज कर दिया गया है। साथ ही दुकानदार की तलाश में कोतवाली पुलिस दबिशें दे रही है। 
मालूम हो कि चैती मेला लगाने के लिए पवन गुप्ता ने अपनी दोनों दुकाने शनिवार को हटा ली थीं। सिर्फ यासीन की बर्तन दुकान नहीं हट सकी थी। उधर दो घंटे का समय मांगने के बाद प्रशासन को गुमराह कर यासीन फरार हो गया था, जिससे गुस्साकर एसडीएम ने उनकी बर्तन दुकान को न सिर्फ सीज कर दिया था, बल्कि यासीन के खिलाफ मेले में व्यवधान डालने और लोक व्यवस्था को छिन्न भिन्न करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसके बाद भी यासीन पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह दुकान हटाने नहीं आए। इस पर एसडीएम के निर्देश पर रविवार को कोतवाली पुलिस ने यासीन की गिरफ्तारी के लिए दविश दी गई, किंतु वह पकड़ में नहीं आया। यासीन के फरार होने की जानकारी लगने पर एसडीएम ने मेला क्षेत्र के बाहर लगी यासीन की तीन अन्य दुकानों को भी सीज करने के निर्देश दिए। कोतवाली के दरोगा आशुतोष त्रिपाठी ने उनकी तीन दुकानों को सीज किया। साथ ही यासीन की गिरफ्तारी के भी प्रयास हो रहे हैं।
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भाजपा नेताओं की भूमिका से पालिकाध्यक्ष आहत
कहा, भाजपा के चंद नेताओं ने की अपमानित करने की कोशिश
चैती मेला में बाधा बन रही महज एक दुकान और दुकानदार के पक्ष में चंद भाजपा नेताओं के खड़े होने से पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि चेयरमैनी के दावेदार विजय माहेश्वरी, अवधेश मिश्रा, ईश्वरदीन वर्मा, भाजपा नगराध्यक्ष दीपेंद्र गुप्ता और सुरजलाल वर्मा आदि ने न सिर्फ दुकानदार का पक्ष लिया, बल्कि महिला समझकर उन्हें सत्ता के रौब में भी लेने की कोशिश की, लेकिन वह किसी के रसूख में आने वाली नहीं है। उन्होंने ऐसी वोट की राजनीति न तो कभी की है और न ही करने की सोचती हैं। मेला सभी धर्मों का होता है, वह किसी धर्मविशेष का नहीं कहा जा सकता। उन्होंने अपने कार्यकाल में चार मेले लगवाए, कभी ऐसी समस्या नहीं आई। सपा सरकार में प्रशासन संबंधित कुछ दिक्कतें जरूर आईं, लेकिन उन्हें कभी अपमानित करने की कोशिश नहीं की गई, लेकिन भाजपा सरकार के 20 दिन में ही चंद नेताओं ने उन्हें अपमानित करने की कोशिश की और योगी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की। वह अपना दर्द मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी और उम्मीद है उन्हें इंसाफ मिलेगा।
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मेले में किसी भी व्यक्ति  द्वारा किया गया कोई अनुचित दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चैती मेले का उद्घाटन नियत तिथि चार अप्रैल की शाम को होगा। मेले की सुरक्षा के लिए पूरे  प्रबंध कर लिए गए हैं। 
घनश्याम त्रिपाठी, ईओ/एसडीएम।
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