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प्रिंसिपल पर कार्रवाई न करने का आरोप

Tue, 13 Sep 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा।
अमर उजाला ब्यूरो/धौरहरा। Updated Tue, 13 Sep 2016 11:35 PM IST
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To act on the principal charge
teacher - फोटो : amar ujala
 लाखों का गबन करने का बीईओ ने लगाया था आरोप
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बीएसए को भेजी रिपोर्ट में निलंबन की थी संस्तुति

तहसील मुख्यालय से तीन किमी दूर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अमेठी में लाखों के घोटाले के मामले में आरोपी प्रधानाध्यापक की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने जांच कर आरोपों की पुष्टि करते हुए निलंबन की संस्तुति समेत 23 मई 2015 को रिपोर्ट बीएसए को दी थी, पर अभी तक बीएसए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

उच्च प्राथमिक विद्यालय अमेठी प्रभारी शिक्षक सुरेंद्र अवस्थी का तबादला लखीमपुर ब्लाक में होने के बाद प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मधुकर दीक्षित को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।  आरोप है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय अमेठी का प्रभारी रहने के दौरान मधुकर दीक्षित ने विद्यालय में बच्चों का फर्जी नामांकन करते हुए एमडीएम की कंवर्जन कास्ट में एक लाख से अधिक धनराशि गबन कर ली, जिसके उपभोग प्रमाण पत्र भी नहीं दिए। ग्राम शिक्षा निधि के खाते से एक लाख दो हजार 657 रुपये का गबन हुआ। यह भी आरोप लगा कि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते से ब्याज की धनराशि 1740 रुपये बैंक से निकाल ली गई। यूनिफार्म वितरण में धांधली करते हुए गाइड लाइन के मुताबिक खरीद नहीं की गई। वर्ष 2013-14 में विद्यालय विकास अनुदान मद से सात हजार रुपये फर्नीचर और टाट-पट्टी पर व्यय दिखाए गए, लेकिन सामान विद्यालय में नहीं मिला। जबकि विद्यालय के अन्य मदों से 87 हजार रुपये गबन किए गए। बीईओ रमेश चंद्र मौर्या की जांच में खरीदी गई वस्तुओं के रेट बिल में बाजार रेट से कई गुना अधिक मिले हैं। इसके अलावा पंजिकाओं में बच्चों की जन्मतिथि में कटिंग, फर्जी नामांकन से यूनिफार्म में वितरण में गड़बड़ी, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष निर्माण में धांधली के आरोप हैं। तत्कालीन बीएसए ओपी राय ने आरोपी शिक्षक से जवाब-तलब किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। बीईओ धौरहरा रमेश चंद्र मौर्या का कहना है कि मामले की जांच आख्या बीएसए को भेजी जा चुकी है। वहीं, बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि हमारे कार्यकाल में प्रकरण सामने नहीं आया है। अब मामला संज्ञान में आया है, जिसमें पुन: जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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