{"_id":"58d020b64f1c1b2f4a1a24d3","slug":"tiger-kills-laborers-save-somehow","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ ने मजदूर पर मारा झपट्टा, किसी तरह बचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बाघ ने मजदूर पर मारा झपट्टा, किसी तरह बचा
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Tue, 21 Mar 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
दीमापुर जू में लाया गया बंगाल टाइगर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गन्ना छीलने गए मजदूर पर खेत में छिपे बाघ ने किया हमला
खेत में छिपे बाघ ने एक मजदूर को शिकार बनाने की कोशिश की। खेत से पानी लेने जा रहे मजदूर के हाथ में बाल्टी थी, जिससे उसने बाघ के मुंह पर कई प्रहार किया और शोर मचाया, तब कहीं जाकर उसकी जान बची। मजदूर के शोर मचाने पर जमा हुए दर्जनों ग्रामीणों ने गन्ने के खेत की घेराबंदी कर काफी देर तक ट्रैक्टर से बाघ की तलाश की। लेकिन वह नज नहीं आया। सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्राम सभा सूरजपुर के छंगा टांडा निवासी सुरेंद्र कुमार का इमलिया फार्म में 12 एकड़ गन्ने का खेत है। जिसमें गन्ने की फसल खड़ी है। गन्ना काटने के लिए सुरेंद्र कुमार ने मजदूर लगा रखे हैं, इसी में गयाप्रसाद पुत्र रतन सिंह नाम का मजदूर डनलप पर गन्ना लाद चुका था। जिसके बाद बाल्टी लेकर पानी भरने चला। इस दौरान गन्ने के खेत में छिपकर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। किसी तरह वह बाघ के हमले से बचा तथा हाथ में पकड़ी बाल्टी बाघ के मुंह पर मार दी और शोर मचाते हुआ भागने लगा। इसके बाद बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
शोर मचाते ही राकेश, दिनेश, सुरेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, बिन्दर सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर, लाठी डंडा लेकर खेतों की तरफ आ गए और खेत की घेराबंदी शुरू कर दी, लेकिन बाघ का कोई अतापता नहीं चल सका। सूचना देने के बाद भी कोई वनाधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
विज्ञापन
खेत में छिपे बाघ ने एक मजदूर को शिकार बनाने की कोशिश की। खेत से पानी लेने जा रहे मजदूर के हाथ में बाल्टी थी, जिससे उसने बाघ के मुंह पर कई प्रहार किया और शोर मचाया, तब कहीं जाकर उसकी जान बची। मजदूर के शोर मचाने पर जमा हुए दर्जनों ग्रामीणों ने गन्ने के खेत की घेराबंदी कर काफी देर तक ट्रैक्टर से बाघ की तलाश की। लेकिन वह नज नहीं आया। सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्राम सभा सूरजपुर के छंगा टांडा निवासी सुरेंद्र कुमार का इमलिया फार्म में 12 एकड़ गन्ने का खेत है। जिसमें गन्ने की फसल खड़ी है। गन्ना काटने के लिए सुरेंद्र कुमार ने मजदूर लगा रखे हैं, इसी में गयाप्रसाद पुत्र रतन सिंह नाम का मजदूर डनलप पर गन्ना लाद चुका था। जिसके बाद बाल्टी लेकर पानी भरने चला। इस दौरान गन्ने के खेत में छिपकर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। किसी तरह वह बाघ के हमले से बचा तथा हाथ में पकड़ी बाल्टी बाघ के मुंह पर मार दी और शोर मचाते हुआ भागने लगा। इसके बाद बाघ गन्ने के खेत में घुस गया।
विज्ञापन
शोर मचाते ही राकेश, दिनेश, सुरेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, बिन्दर सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर, लाठी डंडा लेकर खेतों की तरफ आ गए और खेत की घेराबंदी शुरू कर दी, लेकिन बाघ का कोई अतापता नहीं चल सका। सूचना देने के बाद भी कोई वनाधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
विज्ञापन