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तीन को दस-दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:04 PM IST
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दहेज के लिए जहर देकर हत्या करने का था आरोप
दहेज के लिए नवविवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में अपर जिला जज बाबूराम ने पति, सास-ससुर को दोषी पाया है। अदालत ने तीनों को दहेज हत्या के लिए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी वीरेश सिंह तोमर ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र के ग्रंट नंबर तीन स्थित हिंदुस्तान फार्म के निवासी निर्मल सिंह ने अपनी पु़त्री रमनदीन सिंह कौर की शादी 10 फरवरी 2010 को फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के झखरा पिपरी निवासी हरजिंदर सिंह के साथ की थी। आरोप है कि निर्मल सिंह ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान उपहार भी दिया था, लेकिन पुत्री के रमनदीन कौर के ससुराल वाले दहेज में चार पहिया गाड़ी मांगते थे, जिसके लिए रमनदीन कौर को परेशान करते थे। एक फरवरी 2012 को रमनदीन कौर को संदिग्ध हालात में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में निर्मल सिंह ने जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाते हुए पति हरजिंदर सिंह, ससुर जगतार सिंह, सास हरवंश कौर को दोषी बताते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद तीनों के खिलाफ दहेज मृत्यु का मामला साबित पाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह तोमर ने निर्मल सिंह, राजपाल सिंह, संदीप सिंह, डा.रामू सिंह, तहसीलदार अशोक कुमार यादव की गवाही अदालत में पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दहेज मृत्यु के लिए दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही अपने फैसले में अदालत ने व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माना में से पीड़ित पक्ष को चार हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
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दहेज के लिए नवविवाहिता को मौत के घाट उतारने के मामले में अपर जिला जज बाबूराम ने पति, सास-ससुर को दोषी पाया है। अदालत ने तीनों को दहेज हत्या के लिए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी वीरेश सिंह तोमर ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र के ग्रंट नंबर तीन स्थित हिंदुस्तान फार्म के निवासी निर्मल सिंह ने अपनी पु़त्री रमनदीन सिंह कौर की शादी 10 फरवरी 2010 को फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के झखरा पिपरी निवासी हरजिंदर सिंह के साथ की थी। आरोप है कि निर्मल सिंह ने अपनी हैसियत के मुताबिक दान उपहार भी दिया था, लेकिन पुत्री के रमनदीन कौर के ससुराल वाले दहेज में चार पहिया गाड़ी मांगते थे, जिसके लिए रमनदीन कौर को परेशान करते थे। एक फरवरी 2012 को रमनदीन कौर को संदिग्ध हालात में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में निर्मल सिंह ने जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगाते हुए पति हरजिंदर सिंह, ससुर जगतार सिंह, सास हरवंश कौर को दोषी बताते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद तीनों के खिलाफ दहेज मृत्यु का मामला साबित पाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह तोमर ने निर्मल सिंह, राजपाल सिंह, संदीप सिंह, डा.रामू सिंह, तहसीलदार अशोक कुमार यादव की गवाही अदालत में पेश की और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दहेज मृत्यु के लिए दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही अपने फैसले में अदालत ने व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माना में से पीड़ित पक्ष को चार हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
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