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नहीं बने पीड़ित परिवार के शस्त्र लाइसेंस
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:09 PM IST
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- खत से धमकी मिलने के बाद दहशत में परिवार
- खैरीगढ़ में हुए तीन बहनों के अपहरण का मामला
थाना सिंगाही के गांव खैरीगढ़ में तीन बहनों के अपहरण कांड मामले में तत्कालीन डीएम किंजल सिंह ने पीड़ित परिवार वालों को सुरक्षा के लिहाज से चार शस्त्र लाइसेंस जारी करने की घोषणा की थी। इसके बाद लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया तेजी से हुई और परिवार के चार सदस्यों की फाइलें भी मार्च के पहले पखवाड़े में तैयार करा ली गई, लेकिन अभी तक एक भी शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। वहीं पीड़ित परिवार को गिरोह के फरार चल रहे एक सदस्य ने खत भेजकर सुलह के लिए धमकियां देकर सनसनी फैला दी है। पीड़ित परिवार सुरक्षा के लिए एसपी से गुहार लगा चुका है और डीएम से मिलकर शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की है।
बता दें कि 15 जनवरी की रात तीन बाइकों से आए आधा दर्जन बदमाशों ने खैरीगढ़ निवासी व्यापारी रामबली गुप्ता की तीन बेटियों का अपहरण कर लिया था। इसके बाद फिरौती की रकम मिलने पर बदमाशों ने तीनों बहनों को मुक्त किया था। जबकि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया गया था। जंगल के किनारे रहने वाले परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर तत्कालीन डीएम किंजल सिंह ने परिवार के चार सदस्यों को शस्त्र लाइसेंस देने की घोषणा की थी, जिसके बाद लाइसेंस के लिए फाइलें भी तेजी से बनाई गई। रामबली गुप्ता के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस के लिए मुन्नी देवी गुप्ता पत्नी रामबली, कृष्ण कुमार गुप्ता, सोनी गुप्ता पत्नी कृष्ण कुमार और उपमा गुप्ता पुत्री रामबली गुप्ता के नाम फाइल बनाई गई हैं। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बस डीएम की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद एक माह बीत जाने पर भी पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किए जा सके हैं। वहीं शहर के निघासन रोड निवासी एक सीमेंट व्यापारी से मोबाइल पर फोन कर बदमाश ने रंगदारी मांगी थी, जिसके बाद तत्कालीन डीएम ने व्यापारी के परिवार वालों को पांच शस्त्र लाइसेंस जारी कर दिए हैैं। इस मामले में डीएम आकाश दीप ने पीड़ित रामबली गुप्ता को जांच कराकर लाइसेंस जारी करने पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
- खैरीगढ़ में हुए तीन बहनों के अपहरण का मामला
थाना सिंगाही के गांव खैरीगढ़ में तीन बहनों के अपहरण कांड मामले में तत्कालीन डीएम किंजल सिंह ने पीड़ित परिवार वालों को सुरक्षा के लिहाज से चार शस्त्र लाइसेंस जारी करने की घोषणा की थी। इसके बाद लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया तेजी से हुई और परिवार के चार सदस्यों की फाइलें भी मार्च के पहले पखवाड़े में तैयार करा ली गई, लेकिन अभी तक एक भी शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं हो सका है। वहीं पीड़ित परिवार को गिरोह के फरार चल रहे एक सदस्य ने खत भेजकर सुलह के लिए धमकियां देकर सनसनी फैला दी है। पीड़ित परिवार सुरक्षा के लिए एसपी से गुहार लगा चुका है और डीएम से मिलकर शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की है।
बता दें कि 15 जनवरी की रात तीन बाइकों से आए आधा दर्जन बदमाशों ने खैरीगढ़ निवासी व्यापारी रामबली गुप्ता की तीन बेटियों का अपहरण कर लिया था। इसके बाद फिरौती की रकम मिलने पर बदमाशों ने तीनों बहनों को मुक्त किया था। जबकि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ एसटीएफ को लगाया गया था। जंगल के किनारे रहने वाले परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर तत्कालीन डीएम किंजल सिंह ने परिवार के चार सदस्यों को शस्त्र लाइसेंस देने की घोषणा की थी, जिसके बाद लाइसेंस के लिए फाइलें भी तेजी से बनाई गई। रामबली गुप्ता के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस के लिए मुन्नी देवी गुप्ता पत्नी रामबली, कृष्ण कुमार गुप्ता, सोनी गुप्ता पत्नी कृष्ण कुमार और उपमा गुप्ता पुत्री रामबली गुप्ता के नाम फाइल बनाई गई हैं। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बस डीएम की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके बाद एक माह बीत जाने पर भी पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किए जा सके हैं। वहीं शहर के निघासन रोड निवासी एक सीमेंट व्यापारी से मोबाइल पर फोन कर बदमाश ने रंगदारी मांगी थी, जिसके बाद तत्कालीन डीएम ने व्यापारी के परिवार वालों को पांच शस्त्र लाइसेंस जारी कर दिए हैैं। इस मामले में डीएम आकाश दीप ने पीड़ित रामबली गुप्ता को जांच कराकर लाइसेंस जारी करने पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
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