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ट्रक ने कार को टक्कर मारी, चार की मौत
उचौलिया
Updated Tue, 09 Jun 2015 11:54 PM IST
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अन्य चार लोग घायल, दिल्ली से जा रहे थे फैजाबाद
थाना पसगवां क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास शाहजहांपुर की ओर से आ रही वैगनआर कार को सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए, जबकि उसमें बैठे आठ लोगों में से पति-पत्नी समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। चार घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल शाहजहांपुर में भर्ती कराया है।
नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे दिल्ली से फैजाबाद जा रही वैगनआर कार को सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो बच्चों सहित आठ लोग कार में बुरी तरह फंस गए। मौके पर पहुंची चौकी पुलिस ने कार में फं से लोगों को बाहर निकलवाया। इस दौरान कार में सवार एक दंपति सहित चार लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों में चालक 26 वर्र्षीय विपिन पुत्र हरिशंकर तिवारी, 34 वर्षीय संतोष मिश्रा और उनकी पत्नी 30 वर्षीय संतोष कुमारी तथा छह वर्षीय सक्षम शुक्ला पुत्र राजेश शुक्ला शामिल हैं। जबकि इस हादसे में 26 वर्षीय मीना शुक्ला पत्नी संदीप शुक्ला, उनकी बेटी आठ वर्षीय अनुष्का शुक्ला, बेटा वंश (आयु 6 माह) और 48 वर्षीय हरिशंकर तिवारी घायल हुए हैं, जिन्हें शाहजहांपुर जिला अस्पताल भेजा गया है। कार सवार सभी लोग दक्षिणी दिल्ली के थाना उस्मानपुर से फैजाबाद जिला के इनायतपुर थाना क्षेत्र के गांव शुक्लापुरवा में संतोष मिश्रा के ससुर की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर भेजे हैं। शाहजहांपुर जिला अस्पताल में भर्ती घायलों को पीछे दूसरी कार से आ रहे अन्य रिश्तेदारों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। मृतक और घायल मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के थाना उदयपुर के गांव प्रतापगढ़ के निवासी हैं, जो दिल्ली में रहकर काम करते थे।
दुखद घड़ी में निकले और हो गए हादसे का शिकार
नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास हादसे का शिकार हुए लोग अपनी रिश्तेदारी में दुख की घड़ी में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में मौत का शिकार हुईं संतोष कुमारी के पिता की मौत सोमवार की शाम को हो गई थी, जिसके बाद संतोष मिश्रा और उनकी पत्नी संतोष परिवार के अन्य लोगों के साथ कार से फैजाबाद जा रहे थे। कार में आठ लोग सवार थे, जबकि अन्य लोग दूसरी कार पर सवार थे। इस हादसे में एक साथ मारे गए पति-पत्नी संतोष मिश्रा और संतोष कुमारी को काल भी एक दूसरे से जुदा नहीं कर सका।
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दक्षिणी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में रहकर प्राइवेट काम कर रहे फैजाबाद के सोहावल क्षेत्र के गांव मिश्रापुरवा के मूल निवासी संतोष मिश्रा के ससुर की सोमवार शाम को मृत्यु हो गई थी। वहां से सूचना आते ही सभी लोग देरशाम करीब नौ बजे फैजाबाद के इनायतपुर थाना क्षेत्र के गांव शुक्लापुरवा के लिए निकले थे। उनकी अंत्येष्टि में संतोष मिश्रा अपनी पत्नी संतोष के साथ जा रहे थे। अन्य लोग भी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिये साथ जा रहे थे। संतोष अपने पिता का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकीं।
मां की गोद में महफूज रहा मासूम
उचौलिया। कहते हैं कि मां की गोद में संतान को सारे जहां की खुशियां मिलती हैं। कुछ ऐसा ही इस हादसे में देखने को मिला, जिसमें एक अबोध बालक को जिंदगी मिली है। क्रूर काल भी मां की ममता के आगे हार गया। वहीं दुखद यह रहा कि हादसे में अपनी मां के आंचल से दूर इस कार में सवार दूसरा मासूम सक्षम काल से बच नहीं सका। उसकी मां पीछे आ रही दूसरी कार में सवार थीं।
हादसे का शिकार हुई वैगनआर कार में मीना शुक्ला अपने छह माह के बेटे वंश और आठ साल की बेटी अनुष्का के साथ बैठी थीं। मीना शुक्ला की घायल अवस्था में उनके दोनों बच्चे उनके आंचल में सुरक्षित रहे। बेटा वंश उनकी गोद में था, जो बाल-बाल बच गया। यही नहीं मां की गोद के साए में बैठी बेटी अनुष्का भी बाल-बाल बच गई। उसको हल्की फुल्की चोटें आईं हैं, लेकिन मीना शुक्ला की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। इसी कार में बैठा छह वर्र्षीय सक्षम शुक्ला अपनी बुआ संतोष के साथ मौत का शिकार हो गया। उसकी मां नेहा पीछे दूसरी कार से आ रही थीं। दूसरी कार से आए कृष्णानंद शुक्ला ने बताया कि रास्ते में सक्षम शुक्ला दूसरे बच्चों को बैठा देखकर अपनी बुआ संतोष के पास वैगनआर कार में बैठ गया था। मां की गोद से दूर सक्षम शुक्ला अपनी मां को रोता बिलखता छोड़ गया। मां नेहा यही सोचकर बेसुध हो रहीं हैं कि उसने अपने कलेजे के टुकड़े को अपने आंचल की छांव से दूर क्यों किया। नेहा का छह माह का दूसरा बेटा भी है, जो उनके पास था। सक्षम के पिता राजेश शुक्ला गुजरात के अहमदाबाद में जॉब करते हैं।
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अन्य चार लोग घायल, दिल्ली से जा रहे थे फैजाबाद
थाना पसगवां क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास शाहजहांपुर की ओर से आ रही वैगनआर कार को सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए, जबकि उसमें बैठे आठ लोगों में से पति-पत्नी समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। चार घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल शाहजहांपुर में भर्ती कराया है।
नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास मंगलवार की सुबह करीब पांच बजे दिल्ली से फैजाबाद जा रही वैगनआर कार को सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दो बच्चों सहित आठ लोग कार में बुरी तरह फंस गए। मौके पर पहुंची चौकी पुलिस ने कार में फं से लोगों को बाहर निकलवाया। इस दौरान कार में सवार एक दंपति सहित चार लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों में चालक 26 वर्र्षीय विपिन पुत्र हरिशंकर तिवारी, 34 वर्षीय संतोष मिश्रा और उनकी पत्नी 30 वर्षीय संतोष कुमारी तथा छह वर्षीय सक्षम शुक्ला पुत्र राजेश शुक्ला शामिल हैं। जबकि इस हादसे में 26 वर्षीय मीना शुक्ला पत्नी संदीप शुक्ला, उनकी बेटी आठ वर्षीय अनुष्का शुक्ला, बेटा वंश (आयु 6 माह) और 48 वर्षीय हरिशंकर तिवारी घायल हुए हैं, जिन्हें शाहजहांपुर जिला अस्पताल भेजा गया है। कार सवार सभी लोग दक्षिणी दिल्ली के थाना उस्मानपुर से फैजाबाद जिला के इनायतपुर थाना क्षेत्र के गांव शुक्लापुरवा में संतोष मिश्रा के ससुर की अंत्येष्टि में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए लखीमपुर भेजे हैं। शाहजहांपुर जिला अस्पताल में भर्ती घायलों को पीछे दूसरी कार से आ रहे अन्य रिश्तेदारों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। मृतक और घायल मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के थाना उदयपुर के गांव प्रतापगढ़ के निवासी हैं, जो दिल्ली में रहकर काम करते थे।
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दुखद घड़ी में निकले और हो गए हादसे का शिकार
नेशनल हाईवे पर कोटरा गांव के पास हादसे का शिकार हुए लोग अपनी रिश्तेदारी में दुख की घड़ी में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में मौत का शिकार हुईं संतोष कुमारी के पिता की मौत सोमवार की शाम को हो गई थी, जिसके बाद संतोष मिश्रा और उनकी पत्नी संतोष परिवार के अन्य लोगों के साथ कार से फैजाबाद जा रहे थे। कार में आठ लोग सवार थे, जबकि अन्य लोग दूसरी कार पर सवार थे। इस हादसे में एक साथ मारे गए पति-पत्नी संतोष मिश्रा और संतोष कुमारी को काल भी एक दूसरे से जुदा नहीं कर सका।
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दक्षिणी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके में रहकर प्राइवेट काम कर रहे फैजाबाद के सोहावल क्षेत्र के गांव मिश्रापुरवा के मूल निवासी संतोष मिश्रा के ससुर की सोमवार शाम को मृत्यु हो गई थी। वहां से सूचना आते ही सभी लोग देरशाम करीब नौ बजे फैजाबाद के इनायतपुर थाना क्षेत्र के गांव शुक्लापुरवा के लिए निकले थे। उनकी अंत्येष्टि में संतोष मिश्रा अपनी पत्नी संतोष के साथ जा रहे थे। अन्य लोग भी अंत्येष्टि में शामिल होने के लिये साथ जा रहे थे। संतोष अपने पिता का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सकीं।
मां की गोद में महफूज रहा मासूम
उचौलिया। कहते हैं कि मां की गोद में संतान को सारे जहां की खुशियां मिलती हैं। कुछ ऐसा ही इस हादसे में देखने को मिला, जिसमें एक अबोध बालक को जिंदगी मिली है। क्रूर काल भी मां की ममता के आगे हार गया। वहीं दुखद यह रहा कि हादसे में अपनी मां के आंचल से दूर इस कार में सवार दूसरा मासूम सक्षम काल से बच नहीं सका। उसकी मां पीछे आ रही दूसरी कार में सवार थीं।
हादसे का शिकार हुई वैगनआर कार में मीना शुक्ला अपने छह माह के बेटे वंश और आठ साल की बेटी अनुष्का के साथ बैठी थीं। मीना शुक्ला की घायल अवस्था में उनके दोनों बच्चे उनके आंचल में सुरक्षित रहे। बेटा वंश उनकी गोद में था, जो बाल-बाल बच गया। यही नहीं मां की गोद के साए में बैठी बेटी अनुष्का भी बाल-बाल बच गई। उसको हल्की फुल्की चोटें आईं हैं, लेकिन मीना शुक्ला की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। इसी कार में बैठा छह वर्र्षीय सक्षम शुक्ला अपनी बुआ संतोष के साथ मौत का शिकार हो गया। उसकी मां नेहा पीछे दूसरी कार से आ रही थीं। दूसरी कार से आए कृष्णानंद शुक्ला ने बताया कि रास्ते में सक्षम शुक्ला दूसरे बच्चों को बैठा देखकर अपनी बुआ संतोष के पास वैगनआर कार में बैठ गया था। मां की गोद से दूर सक्षम शुक्ला अपनी मां को रोता बिलखता छोड़ गया। मां नेहा यही सोचकर बेसुध हो रहीं हैं कि उसने अपने कलेजे के टुकड़े को अपने आंचल की छांव से दूर क्यों किया। नेहा का छह माह का दूसरा बेटा भी है, जो उनके पास था। सक्षम के पिता राजेश शुक्ला गुजरात के अहमदाबाद में जॉब करते हैं।