{"_id":"b64faea67deb0d7b69861f3477028694","slug":"the-development-of-the-building-as-a-two-thousand-and-mobile-faked-babu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन का बाबू बनकर दो हजार और मोबाइल ठगा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विकास भवन का बाबू बनकर दो हजार और मोबाइल ठगा
मझगईं
Updated Mon, 01 Jun 2015 10:49 PM IST
विज्ञापन
बेलाकलां कॉलोनी में आए एक व्यक्ति ने खुद को विकास भवन का बाबू बताकर एक ग्रामीण से चौकीदार की नौकरी दिलाने के नाम पर दो हजार रुपये और मोबाइल ठग लिया। इसके बाद वह फरार हो गया। मामले में पुलिस को अज्ञात ठग के खिलाफ तहरीर दी गई है।
बेलाकलां कॉलोनी निवासी रामकैलाश से एक व्यक्ति मिला और कहा कि वह नौगवां में चल रहे विधिक साक्षरता शिविर में आए हैं और विकास भवन में बड़े बाबू हैं। कोई बेरोजगार हो तो बताओ उसको चौकीदार की नौकरी दिला दी जाएगी। रामकैलाश उस व्यक्ति की बातों में आ गया और उसने अपने भांजे अखिलेश को बेरोजगार बताकर नौकरी दिलाने की बात उसके सामने रख दी। इस पर अपने को विकास भवन का बड़ा बाबू बताने वाले व्यक्ति ने दो हजार रुपये देने को कहा। रामकैलाश ने डील पक्की हो जाने के बाद अखिलेश को भी बुला लिया। इसके बाद अखिलेश ने नौकरी का नाम सुनते ही एक हजार रुपये तुरंत उसे दे दिए। फिर बाबू और अखिलेश दोनों बस से पलिया पहुंचे और यहां पीडब्ल्यूडी के पास कथित बाबू ने उससे वायदे के मुताबिक फिर एक हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उसने उससे मोबाइल भी ले लिया और कहा कि वह पहचान पत्र की फोटो कापी करा लाए। जब फोटो कापी कराकर अखिलेश वापस आया तो अपने को विकास भवन का बाबू कहलाने वाला व्यक्ति वहां से गायब मिला। उसने उसकी काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला तब उसे ठगी का अहसास हुआ और वह माथा पीटकर वहीं बैठ गया। देर शाम घर आकर उसने मामा और परिवार वालों को ठगे जाने की बात बताई।
विज्ञापन
बेलाकलां कॉलोनी निवासी रामकैलाश से एक व्यक्ति मिला और कहा कि वह नौगवां में चल रहे विधिक साक्षरता शिविर में आए हैं और विकास भवन में बड़े बाबू हैं। कोई बेरोजगार हो तो बताओ उसको चौकीदार की नौकरी दिला दी जाएगी। रामकैलाश उस व्यक्ति की बातों में आ गया और उसने अपने भांजे अखिलेश को बेरोजगार बताकर नौकरी दिलाने की बात उसके सामने रख दी। इस पर अपने को विकास भवन का बड़ा बाबू बताने वाले व्यक्ति ने दो हजार रुपये देने को कहा। रामकैलाश ने डील पक्की हो जाने के बाद अखिलेश को भी बुला लिया। इसके बाद अखिलेश ने नौकरी का नाम सुनते ही एक हजार रुपये तुरंत उसे दे दिए। फिर बाबू और अखिलेश दोनों बस से पलिया पहुंचे और यहां पीडब्ल्यूडी के पास कथित बाबू ने उससे वायदे के मुताबिक फिर एक हजार रुपये ले लिए। इसके बाद उसने उससे मोबाइल भी ले लिया और कहा कि वह पहचान पत्र की फोटो कापी करा लाए। जब फोटो कापी कराकर अखिलेश वापस आया तो अपने को विकास भवन का बाबू कहलाने वाला व्यक्ति वहां से गायब मिला। उसने उसकी काफी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला तब उसे ठगी का अहसास हुआ और वह माथा पीटकर वहीं बैठ गया। देर शाम घर आकर उसने मामा और परिवार वालों को ठगे जाने की बात बताई।
विज्ञापन