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विद्युत ट्रांसमिशन में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 21 Mar 2016 11:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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- अधिकारियों की लापरवाही, बड़ा हादसा टला
- मैदान में लगा घास का ढेर दोबारा सुलग उठा
- अग्निशमन यंत्रों के तार कटे, नहीं चले समय पर
नगर के एक लाख 32 हजार ट्रांसमिशन में स्पार्किंग से आग लग गई। दमकल और विद्युत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बिजली ट्रांसमिशन में दोपहर 12.20 मिनट पर अलीगंज फीडर में स्पार्किंग से आग लग गई। सूचना पर पहुंचे विद्युत उपकेंद्र के लाइनमैन फहीमबेग आदि ने आग बुझाना शुरू कर दिया। ट्रांसमिशन में ड्यूटी पर तैनात नितीश भारद्वाज ने फायर ब्रिगेड, ट्रांसमिशन के एसडीओ और जेई को घटना की फोन से सूचना देकर शाहजहांपुर से मेन सप्लाई को बंद करा दिया। बताते हैं कि कई माह पूर्व ट्रांसमिशन परिसर में खड़ी घास को कटवाया गया था। घास को कटवाकर परिसर में ही ढेर लगवा दिया गया था।
अधिकारियों ने कई माह बीतने के बाद भी घास के ढेर को परिसर से बाहर डलवाने की जरूरत नहीं समझी। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने परिसर में लगी आग को तो बुझा लिया, किंतु घास के ढेर को बुझाने में टैंक का पानी समाप्त हो गया। पानी को लेने के लिए वाहन को चीनी मिल जाना पड़ा, जिससे वहां आग फिर तेज हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से छह बड़े और तीन छोटे सीज फायर आग बुझाने के लिए रखे हुए हैं। आग लगने पर जब विद्युत कर्मियों ने सीज फायर से आग बुझाने का प्रयास किया तो उनकी पाइप कटी और फटी होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
बताते हैं कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण आग बुझाने वाले संयंत्रों का समय-समय पर दमकल कर्मियों द्वारा परीक्षण नहीं कराया जाता है। इस परिसर में कई बार आग लग चुकी है किंतु अधिकारी इस समस्या पर गंभीर नहीं हो रहे हैं। एसडीओ ट्रांसमिशन ने बताया कि कुछ महीने पहले घास कटवाई गई थी, जिसके ढेर को नहीं हटवाया जा सका था। उनकी नई पोस्टिंग है, इस मामले में उन्हें अधिक जानकारी नहीं है।
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- मैदान में लगा घास का ढेर दोबारा सुलग उठा
- अग्निशमन यंत्रों के तार कटे, नहीं चले समय पर
नगर के एक लाख 32 हजार ट्रांसमिशन में स्पार्किंग से आग लग गई। दमकल और विद्युत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बिजली ट्रांसमिशन में दोपहर 12.20 मिनट पर अलीगंज फीडर में स्पार्किंग से आग लग गई। सूचना पर पहुंचे विद्युत उपकेंद्र के लाइनमैन फहीमबेग आदि ने आग बुझाना शुरू कर दिया। ट्रांसमिशन में ड्यूटी पर तैनात नितीश भारद्वाज ने फायर ब्रिगेड, ट्रांसमिशन के एसडीओ और जेई को घटना की फोन से सूचना देकर शाहजहांपुर से मेन सप्लाई को बंद करा दिया। बताते हैं कि कई माह पूर्व ट्रांसमिशन परिसर में खड़ी घास को कटवाया गया था। घास को कटवाकर परिसर में ही ढेर लगवा दिया गया था।
अधिकारियों ने कई माह बीतने के बाद भी घास के ढेर को परिसर से बाहर डलवाने की जरूरत नहीं समझी। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने परिसर में लगी आग को तो बुझा लिया, किंतु घास के ढेर को बुझाने में टैंक का पानी समाप्त हो गया। पानी को लेने के लिए वाहन को चीनी मिल जाना पड़ा, जिससे वहां आग फिर तेज हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से छह बड़े और तीन छोटे सीज फायर आग बुझाने के लिए रखे हुए हैं। आग लगने पर जब विद्युत कर्मियों ने सीज फायर से आग बुझाने का प्रयास किया तो उनकी पाइप कटी और फटी होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
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बताते हैं कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण आग बुझाने वाले संयंत्रों का समय-समय पर दमकल कर्मियों द्वारा परीक्षण नहीं कराया जाता है। इस परिसर में कई बार आग लग चुकी है किंतु अधिकारी इस समस्या पर गंभीर नहीं हो रहे हैं। एसडीओ ट्रांसमिशन ने बताया कि कुछ महीने पहले घास कटवाई गई थी, जिसके ढेर को नहीं हटवाया जा सका था। उनकी नई पोस्टिंग है, इस मामले में उन्हें अधिक जानकारी नहीं है।
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