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संभावित एईएस पीड़ित छह बच्चे भर्ती, हालत नाजुक

Mon, 22 Aug 2016 10:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 22 Aug 2016 10:05 PM IST
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Potential AES six children admitted suffering, critical
भर्ती - फोटो : amar ujala
चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हैं एक दर्जन से अधिक बच्चे
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जेई, एईएस की पुष्टि के लिए नौ बच्चों का भेजा सैंपल 

जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में 12 से अधिक बुखार पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। इनमें से छह में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और तीन में जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) की आशंका जताई जा रही है, इसकी पुष्टि के लिए डॉक्टरों ने सोमवार को आठ बच्चों के सैंपल जांच के लिए भेजे।
इन बच्चों को उपचार कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही  जेई और एईएस की पुष्टि हो सकेगी।
निघासन ब्लाक के राजपुर गांव निवासी जमुुना प्रसाद ने अपने तीन वर्षीय पुत्र संजीव को बुखार के साथ झटके आने पर शनिवार को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती करवाया था। हालत में सुधार न होने पर संजीव को सोमवार को आईसीयू रेफर कर दिया गया। उसका इलाज कर रहे डॉक्टर राजेश सिंह का कहना है कि बच्चे में जेई की आशंका है लेकिन यह जांच के बाद की स्पष्ट हो सकेगा, इसके लिए सैंपल भेजा गया है। आईसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या दो हो गई है। उधर रविवार को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती 11 वर्षीय निशा पुत्री युसुफ निवासी मूड़ासवारन (बिजुआ), 12 वर्षीय ममता पुत्री रामदेव निवासी चंदवास्रोत (बेहटा, सीतापुर),  पांच वर्षीय शिवा पुत्र जयप्रकाश निवासी दुबहा (निघासन), नौ वर्षीय गौरव पुत्र रामू निवासी भीरा, चार वर्षीय सोनी पुत्री रामलखन निवासी राजपुर (रमियाबेहड़), नौ वर्षीय किरन पुत्री प्रेमसागर निवासी धुबहीपुरवा (ब्लाक रमियाबेहड़), पांच वर्षीय पूजा पुत्री नरेंद्र निवासी त्रिकोलिया(पलिया) में भी एईएस की आशंका लग रही है। इन सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 
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एईएस के संभावित करीब आधा दर्जन बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए हैं, जिनकी हालत गंभीर है। बच्चों से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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-डॉ.आरके वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
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