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विस्फोट के बाद जागी पुलिस, लाइसेंसों की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो-धौरहरा।
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:19 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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तीसरे दिन नगर पंचायत के वाहनों से हटाया शेष मलवा
विस्फोट के दौरान दो लोगों की मौत का मामला
मोहल्ला बाजार वार्ड के एक घर में हुए विस्फोट के बाद जागी पुलिस ने क्षेत्र के आतिशबाजी की दुकानों के लाइसेंसों की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को प्रभारी कोतवाल ने दुकानों का निरीक्षण कर लाइसेंसों की जांच की। उधर, घर वालों ने नगर पंचायत के वाहनों की मदद से पड़े मलवे को हटाना शुरू कर दिया है।
बताते चलें कि 11 जुलाई की तड़के करीब साढ़े तीन बजे बाजार वार्ड निवासी मोहम्मद शफी के घर धमका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि छत समेत आधे से ज्यादा मकान भरभराकर गिर गया। विस्फोट के बाद घर के अंदर भीषण आग लग गई थी। आसपास के मकानों में दरारें पड़ गईं थी। आग से झुलसकर मलवे के नीचे दबी मोहम्मद शफी की बहू और पोते की मौत हो गई थी, जबकि पुत्र हबीबुल्ला और दूसरा पोता शीबू झुलस गया था। दोनों का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। घर वाले और पुलिस बैटरी और बूस्टर फटने से विस्फोट होने का दावा कर रहे थे। मंगलवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था और बारूद जैसे मिले चमकीले कणों के आठ नमूने लिए थे। प्रभारी कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि बुधवार को पुलिस कसबे सहित आसपास के पटाखा कारोबारियों की कई दुकानों का पुलिस ने निरीक्षण कर लाइसेंसों चेक किए हैं। दुकानों की जांच अभी जारी है। उधर, एटीएस और फोरेंसिक टीम के जांच पूरी कर जाने के बाद बुधवार को घर वालों ने नगर पंचायत के वाहनों की मदद से मलवा हटाना शुरू कर दिया है।
स्थानीय अभिसूचना इकाई और आईबी हुई फेल
लखीमपुर खीरी। धौरहरा के बाजार वार्ड में आतिशबाज शफी के घर में सोमवार की तड़के हुए विस्फोट के मामले में जिले का खुफिया तंत्र भी फेल होता दिख रहा है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और आईबी (इंटलीजेंस ब्यूरो) घटना की तीन दिन बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा सके। एलआईयू फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। एलआईयू प्रभारी धमेंद्र ने स्वीकार किया कि घटना के पूर्व विभाग को घर के अंदर पटाखे आदि बनाने जैसी उनके विभाग के पास कोई जानकारी नहीं थी। इससे जाहिर होता है कि एलआईयू और आईबी का जिले में फैला खुफिया तंत्र पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। एलआईयू प्रभारी का कहना है कि फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं। परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग आगे की पड़ताल शुरू करेगा।
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विस्फोट के दौरान दो लोगों की मौत का मामला
मोहल्ला बाजार वार्ड के एक घर में हुए विस्फोट के बाद जागी पुलिस ने क्षेत्र के आतिशबाजी की दुकानों के लाइसेंसों की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को प्रभारी कोतवाल ने दुकानों का निरीक्षण कर लाइसेंसों की जांच की। उधर, घर वालों ने नगर पंचायत के वाहनों की मदद से पड़े मलवे को हटाना शुरू कर दिया है।
बताते चलें कि 11 जुलाई की तड़के करीब साढ़े तीन बजे बाजार वार्ड निवासी मोहम्मद शफी के घर धमका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि छत समेत आधे से ज्यादा मकान भरभराकर गिर गया। विस्फोट के बाद घर के अंदर भीषण आग लग गई थी। आसपास के मकानों में दरारें पड़ गईं थी। आग से झुलसकर मलवे के नीचे दबी मोहम्मद शफी की बहू और पोते की मौत हो गई थी, जबकि पुत्र हबीबुल्ला और दूसरा पोता शीबू झुलस गया था। दोनों का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। घर वाले और पुलिस बैटरी और बूस्टर फटने से विस्फोट होने का दावा कर रहे थे। मंगलवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आई फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया था और बारूद जैसे मिले चमकीले कणों के आठ नमूने लिए थे। प्रभारी कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि बुधवार को पुलिस कसबे सहित आसपास के पटाखा कारोबारियों की कई दुकानों का पुलिस ने निरीक्षण कर लाइसेंसों चेक किए हैं। दुकानों की जांच अभी जारी है। उधर, एटीएस और फोरेंसिक टीम के जांच पूरी कर जाने के बाद बुधवार को घर वालों ने नगर पंचायत के वाहनों की मदद से मलवा हटाना शुरू कर दिया है।
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स्थानीय अभिसूचना इकाई और आईबी हुई फेल
लखीमपुर खीरी। धौरहरा के बाजार वार्ड में आतिशबाज शफी के घर में सोमवार की तड़के हुए विस्फोट के मामले में जिले का खुफिया तंत्र भी फेल होता दिख रहा है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और आईबी (इंटलीजेंस ब्यूरो) घटना की तीन दिन बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा सके। एलआईयू फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। एलआईयू प्रभारी धमेंद्र ने स्वीकार किया कि घटना के पूर्व विभाग को घर के अंदर पटाखे आदि बनाने जैसी उनके विभाग के पास कोई जानकारी नहीं थी। इससे जाहिर होता है कि एलआईयू और आईबी का जिले में फैला खुफिया तंत्र पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। एलआईयू प्रभारी का कहना है कि फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं। परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग आगे की पड़ताल शुरू करेगा।
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