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पुलिस और आंदोलनरत छात्र में हुई नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 11 Dec 2016 10:48 PM IST
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अनशन
- फोटो : अमर उजाला
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आमरण अनशन पर बैठे छात्र को उठाने गई थी पुलिस
नोटबंदी के कारण छात्रों और किसानों को हो रही दिक्कत को लेकर शनिवार से आमरण अनशन पर बैठे छात्र अवधेश कुमार को सदर कोतवाली पुलिस जब उठाने पहुंची तो छात्र और सदर कोतवाल के बीच नोकझोंक हुई।
बिजुआ ब्लॉक के गांव सूरजपुर निवासी अवधेश कुमार ने नोटबंदी से किसानों और छात्रों को रही परेशानी, विदेशों में जमा काला धन वापस लाने और महंगाई कम करने आदि मांग को लेकर शनिवार से आमरण अनशन पर बैठा है। रविवार को सदर कोतवाल दीपक शुक्ल मेमोरियल हाल पहुंचे और छात्र पर अनशन समाप्त करने का दबाव बनाया। इस पर छात्र और वहां मौजूद उसके साथियों से पुलिस की नोकझोंक हुई। मांग पूरी न होने तक अनशन जारी रखने की जिद पर पुलिस वापस लौट गई। छात्र का आरोप है कि पुलिस उसे जबरन उठाने के लिए आई थी। सदर कोतवाल दीपक शुक्ल ने छात्र के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वह छात्र को आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाने-बुझाने के लिए गए थे।
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नोटबंदी के कारण छात्रों और किसानों को हो रही दिक्कत को लेकर शनिवार से आमरण अनशन पर बैठे छात्र अवधेश कुमार को सदर कोतवाली पुलिस जब उठाने पहुंची तो छात्र और सदर कोतवाल के बीच नोकझोंक हुई।
बिजुआ ब्लॉक के गांव सूरजपुर निवासी अवधेश कुमार ने नोटबंदी से किसानों और छात्रों को रही परेशानी, विदेशों में जमा काला धन वापस लाने और महंगाई कम करने आदि मांग को लेकर शनिवार से आमरण अनशन पर बैठा है। रविवार को सदर कोतवाल दीपक शुक्ल मेमोरियल हाल पहुंचे और छात्र पर अनशन समाप्त करने का दबाव बनाया। इस पर छात्र और वहां मौजूद उसके साथियों से पुलिस की नोकझोंक हुई। मांग पूरी न होने तक अनशन जारी रखने की जिद पर पुलिस वापस लौट गई। छात्र का आरोप है कि पुलिस उसे जबरन उठाने के लिए आई थी। सदर कोतवाल दीपक शुक्ल ने छात्र के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि वह छात्र को आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाने-बुझाने के लिए गए थे।
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