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राजेश हत्याकांड का खुलासा

Thu, 23 Jul 2015 07:22 PM IST
लखीमपुर/ममरी
लखीमपुर/ममरी Updated Thu, 23 Jul 2015 07:22 PM IST
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open rajesh murder case
हैदराबाद थाना क्षेत्र में हत्या कर फेंके गए कार चालक राजेश वर्मा की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घूमने के लिए कार बुक कराने वाले तीन युवकों ने ही अंगोछे से गला घोंटकर चालक की हत्या कर दी थी। हत्या के पीछे कार लूटकर बिक्री करने का इरादा था। इस मामले में पुलिस ने तीन हत्यारोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी निशानदेही पर मोबाइल और अंगोछा बरामद किया गया है।
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पुलिस आफिस में एसपी अरविंद सेन ने बताया कि खीरी थाना के गांव मोहद्दीपुर निवासी राजेश कुमार वर्मा शहर के मोहल्ला गोविंदनगर निवासी रमेश कुमार की विस्टा कार यूपी 31 जेड 8500 चलाता था। 23 जून 2015 को खीरी थाना के गांव सरखनपुर निवासी अमित कुमार वर्मा ने अपने साथी चकदमन गांव निवासी प्रदीप वर्मा उर्फ त्रिलोकी और सोठपुर गांव निवासी छोटू वर्मा के साथ मिलकर गोला घूमने की बात कहकर गाड़ी बुक की थी। इसके बाद तीन दोस्तों और चालक राजेश ने फरधान में शराब पी, जिसके बाद चारों ने गोला में भी शराब पी। जब कार गोला-सिकंद्राबाद मार्ग पर घरथनियां गांव के पास पहुंची तो अमित ने उसे रुकवाया और अंगोछे से तीनों ने मिलकर राजेश का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को तेंदुआ गांव में फेंक दिया। फिर तीनों अभियुक्त गाड़ी लेकर लगुचा पहुंचे, जहां कार छोड़कर भाग गए। पूछताछ में अमित ने कूबूल किया है कि योजना कार बिक्री करने की थी, लेकिन प्रदीप वर्मा उर्फ त्रिलोकी के डर जाने की वजह से कार बिक्री का इरादा छोड़ दिया।
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मृतक का मोबाइल प्रयोग करने से पकड़े गए हत्यारे
इस हत्याकांड के बाद तीनों अभियुक्तों ने बचने के लिए कार बेचने का प्लान जरूर छोड़ दिया, लेकिन एक गलती कर गए। अभियुक्त प्रदीप वर्मा उर्फ त्रिलोकी ने मृतक राजेश के मोबाइल में अपना सिम डालकर चलाना शुरू कर दिया, जिससे सर्विलांस की टीम ने उसे ट्रेस कर लिया। पुलिस ने अभियुक्त अमित वर्मा और प्रदीप वर्मा को गिरफ्तार कर लिया हैै। जबकि एक अभियुक्त फरार है।
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खुलासे में इनका रहा सहयोग
इस मामले में मृतक की पत्नी मंजू देवी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके बाद एसओ अजय यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छानबीन शुरू की थी। टीम में सर्विलांस के मोहम्मद शराफत, एचसीपी सुरेंद्र, सिपाही राजेश बहादुर, शिवप्रसाद शामिल रहे।

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