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जमीनी विवाद में हुई  थी हत्या, दो गिरफ्तार  

Sat, 23 Jul 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर/मैलानी।
अमर उजाला ब्यूरो  लखीमपुर/मैलानी। Updated Sat, 23 Jul 2016 11:14 PM IST
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Land in dispute Was killed, two arrested
हत्या - फोटो : अमर उजाला
बसपा नेता राजदेव हत्याकांड
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नाजायज संबंध भी बने हत्या की वजह 
दो आरोपियों को भेजा जेल, मुख्य आरोपी है फरार

गांव लैलून नगर निवासी बसपा के सेक्टर महासचिव राजदेव की 60 डिसमिल जमीन को लेकर चल रहे विवाद और उसके पुत्र पप्पू के एक हत्यारोपी की पत्नी से अवैध संबंधों के चलते गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी आरोपी फरार है। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। 
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने राजदेव हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की मुख्य वजह जमीनी रंजिश और नाजायज संबंध रहे। बताया कि आरोपी गुड्डू उर्फ रामचरन की सिकंदरपुर में साठ डिस्मिल जमीन थी, लेकिन जमीन मौके पर साठ डिस्मिल से अधिक थी। राजदेव ने फालतू जमीन का पट्टा अपने पुत्र पप्पू के नाम करा लिया था और कब्जा भी ले लिया था। जिससे गुड्डूू राजदेव से रंजिश मानने लगा और उसने मुख्य आरोपी मितौली निवासी विजय और लैलून नगर निवासी राजेंद्र के साथ मिलकर राजदेव की हत्या की साजिश रची। 
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घटना वाले दिन राजेंद्र पड़ोसी विमल बंगाली के घर के पास खड़ा होकर निगरानी करने लगा, जबकि गुड्डू और विजय राजदेव की मच्छरदानी के पास पहुंचे। दोनों ने राजदेव को आवाज लगाई। जिस पर राजदेव ने टॉर्च की रोशनी डाली तो विजय ने राजदेव को गोली मार दी। इसके बाद तीनों वहां से फरार हो गए। विजय रात को ही बाइक से अपने घर मितौली चला गया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल लैलूननगर निवासी राजेंद्र उर्फ झिनकन और गुड्डू उर्फ रामचरन को बाकेगंज रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को दोनों आरोपियों को पुलिस ने चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद नहीं कर सकी है।
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वहंीं, घटना वाले दिन राजदेव के परिवारवाले शादी समारोह में शिरकत करने देवरिया गए हुए थे। हत्या की सूचना पाकर परिवार वाले लैलूननगर पंहुचे और अंतिम संस्कार करने के बाद ही फिर सभी घरवाले रात को ही वापस देवरिया लौट गए थे। सबसे ज्यादा ताज्जुब की बात तो यह है कि संस्कार के बाद से अब तक राजदेव के घरवाले वापस लैलूननगर नहीं लौटे हैं। इसके पीछे बताया जा रहा है कि विजय अपराधिक प्रवृत्ति का है और शायद उसी के डर से वे लोग घर वापस नहीं लौट रहे हैं।
 
एसओ अजय यादव के मुताबिक विजय की ससुराल लैलूननगर में है। विजय का अपनी चचेेरे ससुर राजेंद्र के घर ही मुख्य रूप से आना-जाना था। विजय की पत्नी से मृतक राजदेव के पुत्र पप्पू के नाजायज संबंध थे। जबकि विजय का राजदेव की घर भी आना जाना था और विजय के संबंध राजदेव की पुत्री से थे। इसमें राजदेव रोड़ा बना था। इस कारण विजय भी हत्या में शामिल हो गया था।

 
यह था मामला 
12 जुलाई की रात बसपा सेक्टर महासचिव लैलूननगर निवासी 50 वर्षीय राजदेव की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने घर के बाहर मच्छरदानी में सो रहे थे। उस समय उनके सभी घरवाले रिश्तेदारी में शादी में शिरकत करने देवरिया गए हुए थे। पुलिस वे राजदेव के चचेरे भाई प्रेमचंद्र की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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