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खीरी की महिला की भी मथुरा कांड में हुई मौत
पलियाकलां।
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:23 AM IST
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deathe
- फोटो : amarujala
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- शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
- एक व्यक्ति और उसका 12 वर्षीय पुत्र लापता
मथुरा के जवाहर बाग कांड की चपेट में खीरी जिला भी आ गया है। यहां से मथुरा के जवाहर बाग में रह रही पलिया तहसील के गांव मटैहिया की एक बुजुर्ग महिला की भगदड़ और लाठीचार्ज में जख्मी होने के बाद रास्ते में मौत हो गई। वहीं मझौरा गांव का एक व्यक्ति और उसका 12 वर्षीय पुत्र लापता है। महिला की मौत के बाद जहां उसके परिजनों में कोहराम मच गया है ।
मटैहिया गांव के स्व. गजोधरलाल यादव की 65 वर्षीय पत्नी कलावती बाबा गुरदेव की शिष्या थीं। बाद में वह जयगुरुदेव के शिष्य रामवृक्ष की अनुयायी हो गईं थीं। इस बार वह कई महीनों पहले मझौरा गांव निवासी आशाराम के साथ वहां गईं थीं और साथ में मझौरा निवासी मथुरा प्रसाद का 40 वर्षीय पुत्र मुरली और उसके 12 वर्षीय पुत्र नागेश, समेत कई लोग गए थे। बताया गया है कि वह वहां जवाहर बाग में रहने लगे थे। यहां जवाहर बाग को खाली कराने में पुलिस और यहां रह रहे लोगों में विवाद हो गया। इसमें पुलिस और लोगों के बीच जमकर उपद्रव हुआ। जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और इस दौरान लाठीचार्ज और भगदड़ की चपेट में आकर कलावती जख्मी हो गईं। उनको गांव का ही आशाराम लेकर निकल आया और एक पिकअप वाहन से यहां आने के लिए निकला। कलावती ने वाहन में ही दम तोड़ दिया। वह वाहन से शुक्रवार की शाम शव लेकर यहां आया। इससे महिला के परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर मझौरा गांव के मुरली और उनका पुत्र नागेश अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं। न ही उनका कोई पता चल पा रहा है।
सपने दिखाकर बरगलाया था लोगों को
बिजुआ में भी पांच माह पहले सत्याग्राहियों ने की थी सभा
बिजुआ। ऽसरकारी कर्जा देना नही पड़ेगा, एक रुपये में 60 लीटर डीजल और मुद्रा भी अपनी होगीऽ, ऐसी ही तमाम आसमानी ख्वाब दिखाकर खीरी जिले में भी रामवृक्ष के कारिंदों ने तराई के लोगों को भी बलगलाया था। मथुरा में हुआ जघन्य कांड का खीरी से ये कनेकशन रहा है। नवबंर-दिसंबर में सैकड़ों की संख्या में कथित सत्याग्राहियों ने खीरी जिले के भीरा रोड पर बरमबाबा चौराहे पर और पड़रिया तुला में भी सभा की थी। उनकी सभा में हजारों की भीड़ पहुची थी।
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करीब छह माह पूर्व की बात है, भीरा रोड पर बरमबाबा मंदिर के पास कई गाड़ियों से कथित सत्याग्राहियों का डेरा लगा था। इन लोगों ने जीप और बोलेरो में हार्न बांधकर गांव-गांव में प्रचार किया था कि इस तारीख को गुरु बाबा जी बरमबाबा चौराहे पर और पड़रिया तुला में सभा की थी। लोग बताते हैं कि इन सभाओं को जिस बुजुर्ग गुरु ने संबोधित किया था वह मथुरा कांड में सुर्खियों में छाया रामवृक्ष यादव की तरह है। बता दें कि इन कथित सत्याग्रहियों ने पने कई दिन से चल रहे प्रचार में इस बात को दावा किया था कि सब लोगों को सरकारी कर्जा माफ कर दिया जाएगा, साथ ही एक रुपए में कई लीटर डीजल एवं पेट्रोल भी मिलेगा। इसके अलावा सभा में ऐसे ही तमाम वादे किए गए थे। इन लोगों की लोक लुभावन बातों का यह असर रहा कि सैकड़ों की तादात में किसान सभा में पहुंचे थे।
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- एक व्यक्ति और उसका 12 वर्षीय पुत्र लापता
मथुरा के जवाहर बाग कांड की चपेट में खीरी जिला भी आ गया है। यहां से मथुरा के जवाहर बाग में रह रही पलिया तहसील के गांव मटैहिया की एक बुजुर्ग महिला की भगदड़ और लाठीचार्ज में जख्मी होने के बाद रास्ते में मौत हो गई। वहीं मझौरा गांव का एक व्यक्ति और उसका 12 वर्षीय पुत्र लापता है। महिला की मौत के बाद जहां उसके परिजनों में कोहराम मच गया है ।
मटैहिया गांव के स्व. गजोधरलाल यादव की 65 वर्षीय पत्नी कलावती बाबा गुरदेव की शिष्या थीं। बाद में वह जयगुरुदेव के शिष्य रामवृक्ष की अनुयायी हो गईं थीं। इस बार वह कई महीनों पहले मझौरा गांव निवासी आशाराम के साथ वहां गईं थीं और साथ में मझौरा निवासी मथुरा प्रसाद का 40 वर्षीय पुत्र मुरली और उसके 12 वर्षीय पुत्र नागेश, समेत कई लोग गए थे। बताया गया है कि वह वहां जवाहर बाग में रहने लगे थे। यहां जवाहर बाग को खाली कराने में पुलिस और यहां रह रहे लोगों में विवाद हो गया। इसमें पुलिस और लोगों के बीच जमकर उपद्रव हुआ। जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और इस दौरान लाठीचार्ज और भगदड़ की चपेट में आकर कलावती जख्मी हो गईं। उनको गांव का ही आशाराम लेकर निकल आया और एक पिकअप वाहन से यहां आने के लिए निकला। कलावती ने वाहन में ही दम तोड़ दिया। वह वाहन से शुक्रवार की शाम शव लेकर यहां आया। इससे महिला के परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर मझौरा गांव के मुरली और उनका पुत्र नागेश अभी तक घर नहीं पहुंचे हैं। न ही उनका कोई पता चल पा रहा है।
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सपने दिखाकर बरगलाया था लोगों को
बिजुआ में भी पांच माह पहले सत्याग्राहियों ने की थी सभा
बिजुआ। ऽसरकारी कर्जा देना नही पड़ेगा, एक रुपये में 60 लीटर डीजल और मुद्रा भी अपनी होगीऽ, ऐसी ही तमाम आसमानी ख्वाब दिखाकर खीरी जिले में भी रामवृक्ष के कारिंदों ने तराई के लोगों को भी बलगलाया था। मथुरा में हुआ जघन्य कांड का खीरी से ये कनेकशन रहा है। नवबंर-दिसंबर में सैकड़ों की संख्या में कथित सत्याग्राहियों ने खीरी जिले के भीरा रोड पर बरमबाबा चौराहे पर और पड़रिया तुला में भी सभा की थी। उनकी सभा में हजारों की भीड़ पहुची थी।
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करीब छह माह पूर्व की बात है, भीरा रोड पर बरमबाबा मंदिर के पास कई गाड़ियों से कथित सत्याग्राहियों का डेरा लगा था। इन लोगों ने जीप और बोलेरो में हार्न बांधकर गांव-गांव में प्रचार किया था कि इस तारीख को गुरु बाबा जी बरमबाबा चौराहे पर और पड़रिया तुला में सभा की थी। लोग बताते हैं कि इन सभाओं को जिस बुजुर्ग गुरु ने संबोधित किया था वह मथुरा कांड में सुर्खियों में छाया रामवृक्ष यादव की तरह है। बता दें कि इन कथित सत्याग्रहियों ने पने कई दिन से चल रहे प्रचार में इस बात को दावा किया था कि सब लोगों को सरकारी कर्जा माफ कर दिया जाएगा, साथ ही एक रुपए में कई लीटर डीजल एवं पेट्रोल भी मिलेगा। इसके अलावा सभा में ऐसे ही तमाम वादे किए गए थे। इन लोगों की लोक लुभावन बातों का यह असर रहा कि सैकड़ों की तादात में किसान सभा में पहुंचे थे।