फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   judgement

पिता-पुत्र को दस वर्ष की कैद, जुर्माना भी

Mon, 03 Aug 2015 10:41 PM IST
लखीमपुर खीरी।
लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 03 Aug 2015 10:41 PM IST
विज्ञापन
judgement
आश्रम पर आधिपत्य कर महंत पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई कर स्पेशल जज अतुल श्रीवास्तव ने हमलावर पिता-पुत्र को दोषी पाकर दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन

अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी निर्मल चौधरी ने बताया कि कोतवाली सदर क्षेत्र में निघासन रोड पर दुर्बल आश्रम स्थित है। इसकी देखरेख महंत स्वर्णजीत सिंह करते है। उनके पूर्व महंत ने कमजोर और असहाय हालत देखकर शिवरतनलाल और उसके पुत्र गिरधर को आश्रम में ही रहने के लिए एक कमरा दे दिया। आरोप है कि धीरे-धीरे पिता-पुत्र की नीयत आश्रम की संपत्तियों पर खराब होने लगी तब महंत स्वर्णजीत सिंह ने दोनों को आश्रम से निकलने से कह दिया, लेकिन दोनों ने कमरा नहीं छोड़ा बल्कि दीवानी अदालत में मुकदमा दाखिल कर दिया। आरोप है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान सफलता न मिलते देखकर पांच फरवरी 2012 की सुबह आठ बजे शिवरतनलाल और उसके लड़के गिरधर ने जान से मारने की नियत से महंत स्वर्णजीत सिंह पर लोहे की राड से हमला कर दिया, कई प्रहार कर जानलेवा चोटेें पहुंचाई गई। पड़ोस के दुकानदार धर्मपाल ने जब महंत को बचाने की कोशिश किया तो उसे भी पीटा। आश्रम में महंत से मिलने के लिए आए राजकुमार ने इस मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई। अभियोजन पक्ष की ओर से राजकुमार, महंत स्वर्णजीत सिंह, धर्मपाल और डॉक्टर अमित कुमार की गवाही दर्ज कराई तथा बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
विज्ञापन

अदालत ने दोनों पक्ष की सुनवाई के बाद पिता-पुत्र को जानलेवा हमला के लिए दोषी पाया। दोनों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है साथ ही प्रत्येक पर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed