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पचास रुपये के लिए मजदूर के बेटे ने दे दी जान
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 08 Jan 2017 10:45 PM IST
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फांसी
- फोटो : अमर उजाला
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13 साल के बच्चे ने पतंग के लिए मांगे थे पैसे, पिता ने टाल दिया
छोटे बच्चों की जिद के लिए मां-बाप क्या नहीं करते लेकिन जब हालत पतली हो तो गरीब बहाने बना कर बच्चों को चुप करा देते हैं। शिवपुरी मुहल्ले में एक गरीब मजदूर का 13 साल का बेटा पतंग खरीदने के लिए मचल गया। पिता ने टालने के लिए कह दिया कल दे दूंगा और काम पर चला गया। बच्चा इतना मायूस हुआ कि ये छोटी सी मांग पूरी न होने पर उसने घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।
सदर कोतवाली के मोहल्ला शिवपुरी में मजदूर सुनील के पुत्र राज का शव शनिवार की शाम करीब आठ बजे घर के अंदर छत के जाल से लटकता मिला। सुनील शहर की एक प्लाइवुड मिल में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी संगीता की बीमारी के चलते पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उसके 13 वर्षीय बेटा राज और छोटी बेटी गुड़िया है। सुनील का कहना है कि शनिवार की सुबह राज ने उससे पतंग लाने के लिए 50 रुपये मांगे थे। जिस पर उसने कहा कि रविवार को वह रुपये देगा। राज भी संतुष्ट हो गया था। बाद में वह ड्यूटी पर चला गया। घर पर राज और उसकी छोटी बहन गुड़िया थी। गुड़िया पास में टीवी देखने चली गई। इसी बीच राज ने तख्त के ऊपर कुर्सी और कुर्सी के ऊपर छोटा ड्रम रखा। शर्ट का फंदा छत के जाल में फंसाकर आत्महत्या कर ली। थोड़ी देर बाद जब बेटी घर वापस आई तो देखा कि कुर्सी और ड्रम इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। राज का शव जाल से लटक रहा था। आसपास के लोगों ने पिता को बुलाया और यूपी 100 नंबर पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।
छोटे बच्चों की जिद के लिए मां-बाप क्या नहीं करते लेकिन जब हालत पतली हो तो गरीब बहाने बना कर बच्चों को चुप करा देते हैं। शिवपुरी मुहल्ले में एक गरीब मजदूर का 13 साल का बेटा पतंग खरीदने के लिए मचल गया। पिता ने टालने के लिए कह दिया कल दे दूंगा और काम पर चला गया। बच्चा इतना मायूस हुआ कि ये छोटी सी मांग पूरी न होने पर उसने घर के अंदर ही फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।
सदर कोतवाली के मोहल्ला शिवपुरी में मजदूर सुनील के पुत्र राज का शव शनिवार की शाम करीब आठ बजे घर के अंदर छत के जाल से लटकता मिला। सुनील शहर की एक प्लाइवुड मिल में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी संगीता की बीमारी के चलते पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उसके 13 वर्षीय बेटा राज और छोटी बेटी गुड़िया है। सुनील का कहना है कि शनिवार की सुबह राज ने उससे पतंग लाने के लिए 50 रुपये मांगे थे। जिस पर उसने कहा कि रविवार को वह रुपये देगा। राज भी संतुष्ट हो गया था। बाद में वह ड्यूटी पर चला गया। घर पर राज और उसकी छोटी बहन गुड़िया थी। गुड़िया पास में टीवी देखने चली गई। इसी बीच राज ने तख्त के ऊपर कुर्सी और कुर्सी के ऊपर छोटा ड्रम रखा। शर्ट का फंदा छत के जाल में फंसाकर आत्महत्या कर ली। थोड़ी देर बाद जब बेटी घर वापस आई तो देखा कि कुर्सी और ड्रम इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। राज का शव जाल से लटक रहा था। आसपास के लोगों ने पिता को बुलाया और यूपी 100 नंबर पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है।
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