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अगवा किशोरी के मामले में पुलिस पर ढिलाई का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:06 PM IST
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kidnap
किशोरी को डॉक्टरी परीक्षण के बाद किया अभियुक्त के सुपुर्द
पीड़ित परिवार की एसपी से जल्द बयान दर्ज कराने की मांग
तिकुनियां क्षेत्र के एक गांव से पिछले वर्ष अगवा एक किशोरी के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस और आरोपियों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को किशोरी का जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया था, जिसके बाद आरोप है कि पुलिस ने किशोरी को अभियुक्त के सुपुर्द कर दिया। तब से किशोरी पर आरोपी अपने पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बना रहा है। वहीं तिकुनियां पुलिस विवेचना में देरी से लेकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी नहीं करा रही है। पीड़ित पक्ष ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर किशोरी का मजिस्ट्रेट के समक्ष शीघ्र बयान दर्ज कराने की मांग की है।
तिकुनियां क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी को सेखनपुरवा गांव निवासी 45 वर्षीय शाहिद उर्फ इद्दू बहला-फुसलाकर दिसंबर 2016 में भगा ले गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी शाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस काफी दिनों तक किशोरी को बरामद नहीं कर पाई, बल्कि इस दौरान अभियुक्त ने किशोरी का धर्म परिवर्तन कराकर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया। दो समुदायों के बीच मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को किशोरी का डॉक्टरी परीक्षण कराया, जिसके बाद से अब तक किशोरी का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं कराया है। बल्कि पुलिस ने किशोरी को अभियुक्त के साथ ही भेज दिया। जबकि पीड़ित परिवार वाले किशोरी को अपने साथ ले जाने की मांग कर रहे थे। पीड़ित परिवार वालों ने पुलिस और अभियुक्तों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए किशोरी को महिला अल्पावास में न रखे जाने पर सवाल उठाए हैं। आरोप यह भी है कि आरोपी पक्ष किशोरी पर बेजा दबाव बनाकर अपने पक्ष में बयान दर्ज कराना चाहता है।
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अरेस्ट स्टे होने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। किशोरी अब बालिग हो गई है, जिससे उसे आरोपी के साथ भेज दिया गया है। मामले की विवेचना एसआई एसपी सिंह को दी गई है, जो दोनों का बयान दर्ज कराने के साथ ही लड़की को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे। 10 मार्च को हाईकोर्ट में डेट लगी है, जहां दोनों को पेश कराया जाएगा।
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-जयकरन सिंह, इंस्पेक्टर, तिकुनियां कोतवाली
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पीड़ित परिवार की एसपी से जल्द बयान दर्ज कराने की मांग
तिकुनियां क्षेत्र के एक गांव से पिछले वर्ष अगवा एक किशोरी के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस और आरोपियों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को किशोरी का जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया था, जिसके बाद आरोप है कि पुलिस ने किशोरी को अभियुक्त के सुपुर्द कर दिया। तब से किशोरी पर आरोपी अपने पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बना रहा है। वहीं तिकुनियां पुलिस विवेचना में देरी से लेकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान भी नहीं करा रही है। पीड़ित पक्ष ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर किशोरी का मजिस्ट्रेट के समक्ष शीघ्र बयान दर्ज कराने की मांग की है।
तिकुनियां क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी को सेखनपुरवा गांव निवासी 45 वर्षीय शाहिद उर्फ इद्दू बहला-फुसलाकर दिसंबर 2016 में भगा ले गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी शाहिद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस काफी दिनों तक किशोरी को बरामद नहीं कर पाई, बल्कि इस दौरान अभियुक्त ने किशोरी का धर्म परिवर्तन कराकर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे हासिल कर लिया। दो समुदायों के बीच मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने 10 फरवरी 2017 को किशोरी का डॉक्टरी परीक्षण कराया, जिसके बाद से अब तक किशोरी का मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं कराया है। बल्कि पुलिस ने किशोरी को अभियुक्त के साथ ही भेज दिया। जबकि पीड़ित परिवार वाले किशोरी को अपने साथ ले जाने की मांग कर रहे थे। पीड़ित परिवार वालों ने पुलिस और अभियुक्तों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाते हुए किशोरी को महिला अल्पावास में न रखे जाने पर सवाल उठाए हैं। आरोप यह भी है कि आरोपी पक्ष किशोरी पर बेजा दबाव बनाकर अपने पक्ष में बयान दर्ज कराना चाहता है।
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अरेस्ट स्टे होने के कारण आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। किशोरी अब बालिग हो गई है, जिससे उसे आरोपी के साथ भेज दिया गया है। मामले की विवेचना एसआई एसपी सिंह को दी गई है, जो दोनों का बयान दर्ज कराने के साथ ही लड़की को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करेंगे। 10 मार्च को हाईकोर्ट में डेट लगी है, जहां दोनों को पेश कराया जाएगा।
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-जयकरन सिंह, इंस्पेक्टर, तिकुनियां कोतवाली