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कार्रवाई न होने पर संस्थाध्यक्ष लेंगे समाधि
मैगलगंज खीरी।
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:00 PM IST
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सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज संतों का शनिवार को गुस्सा भड़क गया। पुलिस के रवैये से असंतुष्ट संत-महात्माओं ने मंदिर के मुख्यद्वार पर शनिवार की सुबह 11 बजे से प्रशासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि आत्मदाह की चेतावनी पर प्रशासन सुबह से अलर्ट था और पुलिस और पीएसी तैनात होने से कस्बा छावनी बन गया था। इधर शनिवार को संस्थाध्यक्ष मुनीशानंद सरस्वती ने 24 घंटे तक धरना स्थगित करते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर समाधि लगा लेंगे।
शनिवार को संतों के धरना-प्रदर्शन के कारण नेशनल हाइवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी। धरने को समाप्त कराने के लिए एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मोहम्मदी एसी श्रीवास्तव, सीओ मितौली मिथिलेश दीक्षित मौैके पर पहुंचे और संतों से बातचीत कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बता दें कि श्री पारसनाथ ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम एवं संस्कृत महाविद्यालय मढ़ियाघाट की मैगलगंज पीठ सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में सनातन धर्म और गो रक्षा के लिए चतुर्मासी महायज्ञ का आयोजन महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की देखरेख में किया जा रहा था, जिसमें आठ जुलाई को तोड़फोड़ के बाद यज्ञ मंडप को आग दी गई थी। इस मामले में पुलिस के ढीले रवैये से असंतुष्ट संत-महात्माओं ने हाइवे जाम कर आंदोलन की चेतावनी शुक्रवार को दी थी। इस कड़ी में शनिवार को संत-महात्माओं ने धरना-प्रदर्शन किया, जिसको लेकर प्रशासन हरकत में आ गया। सुबह से ही कई थानों की पुलिस एकत्र लगी थी। वहीं मंदिर गेट पर संत महात्माओं के साथ भक्तों का जमावड़ा लग गया। देखते ही देखते राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लाइन भक्तों से जाम हो गई। महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती ने जय श्रीराम के नारे लगाकर मंदिर और यज्ञशाला का मामला उठाते हुए कहा कि जिस तरीके से अराजकतत्वों ने देवी देवताओं के यज्ञमंडप को जलाया है, उन पर कार्रवाई करने की जगह पुलिस उन्हें बचाने में लगी है। वहीं प्रशासन उन्हें आंख दिखा रहा है, लेकिन जब तक सांस है, चुप नहीं बैठूंगा।
विधायक और एडीएम भी पहुंचे
विधायक सुनील कुमार भार्गव और प्रशासन की ओर से एडीएम एसपी सिंह धरने पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। विधायक ने कहा कि राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि हम आम जनमानस के साथ न्याय दिलाने के प्रयास में आपके साथ हैं। एडीएम ने भी प्रशासन से संत महात्माओं की मांगों को पूरा कराने का भरोसा दिलाया हैै।
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राज्यसभा सदस्य और भाजपा ने दिया समर्थन
घटना के विरोध में राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है। इसके अलावा भाजपा नेता उमाशंकर मिश्रा, महिला नेत्री पूर्णिमा, किसान नेता राकेश सिंह चौहान, श्यामू शुक्ला, राजकुमार सिंह आदि लोग आंदोलन में शामिल हुए।
जंगल में भ्रमण पर जाने की चेतावनी
महायज्ञ के आयोजक राघवेंद्रानंद सरस्वती ने मंच से ऐलान किया कि यदि यज्ञशाला का विध्वंस करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई, तो कभी कोई यज्ञ अनुष्ठान और रामनाम जप नहीं करूंगा। जंगल में भ्रमण करने के लिए निकल जाऊंगा। यह सुनकर श्रद्धालुओं की आंखों मेें आंसू आ गए।
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शनिवार को संतों के धरना-प्रदर्शन के कारण नेशनल हाइवे पर जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगी। धरने को समाप्त कराने के लिए एडीएम एसपी सिंह, एसडीएम विश्राम यादव, सीओ मोहम्मदी एसी श्रीवास्तव, सीओ मितौली मिथिलेश दीक्षित मौैके पर पहुंचे और संतों से बातचीत कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। बता दें कि श्री पारसनाथ ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम एवं संस्कृत महाविद्यालय मढ़ियाघाट की मैगलगंज पीठ सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में सनातन धर्म और गो रक्षा के लिए चतुर्मासी महायज्ञ का आयोजन महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती की देखरेख में किया जा रहा था, जिसमें आठ जुलाई को तोड़फोड़ के बाद यज्ञ मंडप को आग दी गई थी। इस मामले में पुलिस के ढीले रवैये से असंतुष्ट संत-महात्माओं ने हाइवे जाम कर आंदोलन की चेतावनी शुक्रवार को दी थी। इस कड़ी में शनिवार को संत-महात्माओं ने धरना-प्रदर्शन किया, जिसको लेकर प्रशासन हरकत में आ गया। सुबह से ही कई थानों की पुलिस एकत्र लगी थी। वहीं मंदिर गेट पर संत महात्माओं के साथ भक्तों का जमावड़ा लग गया। देखते ही देखते राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लाइन भक्तों से जाम हो गई। महंत राघवेंद्रानंद सरस्वती ने जय श्रीराम के नारे लगाकर मंदिर और यज्ञशाला का मामला उठाते हुए कहा कि जिस तरीके से अराजकतत्वों ने देवी देवताओं के यज्ञमंडप को जलाया है, उन पर कार्रवाई करने की जगह पुलिस उन्हें बचाने में लगी है। वहीं प्रशासन उन्हें आंख दिखा रहा है, लेकिन जब तक सांस है, चुप नहीं बैठूंगा।
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विधायक और एडीएम भी पहुंचे
विधायक सुनील कुमार भार्गव और प्रशासन की ओर से एडीएम एसपी सिंह धरने पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। विधायक ने कहा कि राजनीति करने नहीं आए हैं, बल्कि हम आम जनमानस के साथ न्याय दिलाने के प्रयास में आपके साथ हैं। एडीएम ने भी प्रशासन से संत महात्माओं की मांगों को पूरा कराने का भरोसा दिलाया हैै।
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राज्यसभा सदस्य और भाजपा ने दिया समर्थन
घटना के विरोध में राज्यसभा सदस्य जुगुल किशोर शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है। इसके अलावा भाजपा नेता उमाशंकर मिश्रा, महिला नेत्री पूर्णिमा, किसान नेता राकेश सिंह चौहान, श्यामू शुक्ला, राजकुमार सिंह आदि लोग आंदोलन में शामिल हुए।
जंगल में भ्रमण पर जाने की चेतावनी
महायज्ञ के आयोजक राघवेंद्रानंद सरस्वती ने मंच से ऐलान किया कि यदि यज्ञशाला का विध्वंस करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई, तो कभी कोई यज्ञ अनुष्ठान और रामनाम जप नहीं करूंगा। जंगल में भ्रमण करने के लिए निकल जाऊंगा। यह सुनकर श्रद्धालुओं की आंखों मेें आंसू आ गए।