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अधीक्षक पद के लिए दो डॉक्टर भिड़े
अमर उजाला ब्यूरो निघासन।
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:21 PM IST
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सीएमओ के आदेश के बावजूद एक डॉक्टर डटे रहे अधीक्षक की कुर्सी पर
सीएमओ बोले, नियमानुसार फिटनेस के बाद ही ले सकते पूर्व अधीक्षक चार्ज
सीएचसी में अधीक्षक पद के लिए दो डॉक्टर आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ा कि दोनों लोग हाथापाई पर उतारू हो गए। किसी तरह से मौजूद स्टाफ ने दोनों को समझाबुझाकर शांत कराया। उधर सीएमओ ने कहा कि पूर्व अधीक्षक एक माह के अवकाश पर गए थे। बिना फिटनेस और जांच के बगैर उनको चार्ज नहीं दिया जा सकता है। सीएमओ ने फोन पर अधीक्षक की कुर्सी से हटने को कहा, इसके बावजूद एक डॉक्टर कुर्सी पर डटे रहे।
सीएमओ जावेद अख्तर ने बताया कि सीएचसी निघासन में काफी अव्यवस्थाओं और स्टाफ में आए दिन विवाद होने के कारण सीएचसी प्रभारी लालजी पासी का तबादला एक माह पूर्व तिकुनियां पीएचसी में कर दिया गया था। उनके स्थान पर तिकुनियां प्रभारी अनिल वर्मा को सीएचसी का चार्ज दिया गया था। एक माह बाद अवकाश से लौटे लालजी पासी शुक्रवार की सुबह सीएचसी पहुंचे और समय से पहले ही अधीक्षक की कुर्सी पर जा बैठे। अनिल वर्मा भी समय से सीएचसी पहुंचे। प्रभारी की कुर्सी पर पासी को बैठा हुआ देखकर वह पड़ोस की कुर्सी पर बैठ गए। आरोप है कि इस दौरान लालजी पासी ने अधीक्षक का चार्ज मांगा। उन्होंने सीएमओ के आदेश के बगैर चार्ज देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों लोगों में काफी विवाद होने लगा। मामला हाथापाई पर उतर आया। विवाद होता देखकर वहां पर काफी भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से लोगों ने मामले को शांत कराया। उसके बाद अनिल वर्मा ने सीएमओ को फोन लगाया। सीएमओ ने भी लालजी पासी को चार्ज न देने की बात अनिल वर्मा से कही। लालजी पासी से मेडिकल के बाद नियमानुसार कार्यवाही के बाद ही चार्ज लेने की बात कही। इसके बाद भी लालजी पासी ने सीएमओ की एक नहीं सुनीं। अस्पताल में पूरा दिन अफरा तफरी का माहौल रहा। इसके पहले भी कई बार अस्पताल में हाथापाई हो चुकी है।
बैरंग लौटे मरीज
गांव लुधौरी निवासी भगौती प्रसाद ने बताया कि नकदी न होने के कारण वह दवा लेने अस्पताल आया था, लेकिन चिकित्सकों के विवाद के कारण उन्हे दवा नही मिल पाई। इसके अलावा हरीशंकर, प्रमोद, कामता प्रसाद सहित करीब दो दर्जन मरीजों को खाली लौटना पड़ा है।
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अधीक्षक पद के लिए मैंने न्यालाय से स्टे आर्डर लिया है। इसीलिए चार्ज संभाल कर कुर्सी पर बैठा था। अनिल वर्मा और उनके समर्थकों ने हाथापाई की है, जिससे मुझे चोट आई है।
-डॉ. लालजी पासी
सीएमओ के आदेश पर ही चार्ज दिया जा सकता है। अभद्रता लालजी पासी ने शुरू की थी। मैंने तो सीनियर होने के नाते उनका सम्मान किया है। मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
-अनिल वर्मा सीएचसी प्रभारी
यदि न्यायालय का स्थगन आदेश है तो उनको लाकर देना चाहिए। इसके अलावा स्थगन आदेश के बावजूद भी एक माह बाद अवकाश से आने पर नियमानुसार जांच के बाद ही चार्ज दिए जाने का प्रावधान हैं। फिलहाल दोनों डॉक्टरों को तलब किया गया है।
-जावेद अख्तर, सीएमओ
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सीएमओ बोले, नियमानुसार फिटनेस के बाद ही ले सकते पूर्व अधीक्षक चार्ज
सीएचसी में अधीक्षक पद के लिए दो डॉक्टर आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ा कि दोनों लोग हाथापाई पर उतारू हो गए। किसी तरह से मौजूद स्टाफ ने दोनों को समझाबुझाकर शांत कराया। उधर सीएमओ ने कहा कि पूर्व अधीक्षक एक माह के अवकाश पर गए थे। बिना फिटनेस और जांच के बगैर उनको चार्ज नहीं दिया जा सकता है। सीएमओ ने फोन पर अधीक्षक की कुर्सी से हटने को कहा, इसके बावजूद एक डॉक्टर कुर्सी पर डटे रहे।
सीएमओ जावेद अख्तर ने बताया कि सीएचसी निघासन में काफी अव्यवस्थाओं और स्टाफ में आए दिन विवाद होने के कारण सीएचसी प्रभारी लालजी पासी का तबादला एक माह पूर्व तिकुनियां पीएचसी में कर दिया गया था। उनके स्थान पर तिकुनियां प्रभारी अनिल वर्मा को सीएचसी का चार्ज दिया गया था। एक माह बाद अवकाश से लौटे लालजी पासी शुक्रवार की सुबह सीएचसी पहुंचे और समय से पहले ही अधीक्षक की कुर्सी पर जा बैठे। अनिल वर्मा भी समय से सीएचसी पहुंचे। प्रभारी की कुर्सी पर पासी को बैठा हुआ देखकर वह पड़ोस की कुर्सी पर बैठ गए। आरोप है कि इस दौरान लालजी पासी ने अधीक्षक का चार्ज मांगा। उन्होंने सीएमओ के आदेश के बगैर चार्ज देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों लोगों में काफी विवाद होने लगा। मामला हाथापाई पर उतर आया। विवाद होता देखकर वहां पर काफी भीड़ जमा हो गई। किसी तरह से लोगों ने मामले को शांत कराया। उसके बाद अनिल वर्मा ने सीएमओ को फोन लगाया। सीएमओ ने भी लालजी पासी को चार्ज न देने की बात अनिल वर्मा से कही। लालजी पासी से मेडिकल के बाद नियमानुसार कार्यवाही के बाद ही चार्ज लेने की बात कही। इसके बाद भी लालजी पासी ने सीएमओ की एक नहीं सुनीं। अस्पताल में पूरा दिन अफरा तफरी का माहौल रहा। इसके पहले भी कई बार अस्पताल में हाथापाई हो चुकी है।
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बैरंग लौटे मरीज
गांव लुधौरी निवासी भगौती प्रसाद ने बताया कि नकदी न होने के कारण वह दवा लेने अस्पताल आया था, लेकिन चिकित्सकों के विवाद के कारण उन्हे दवा नही मिल पाई। इसके अलावा हरीशंकर, प्रमोद, कामता प्रसाद सहित करीब दो दर्जन मरीजों को खाली लौटना पड़ा है।
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अधीक्षक पद के लिए मैंने न्यालाय से स्टे आर्डर लिया है। इसीलिए चार्ज संभाल कर कुर्सी पर बैठा था। अनिल वर्मा और उनके समर्थकों ने हाथापाई की है, जिससे मुझे चोट आई है।
-डॉ. लालजी पासी
सीएमओ के आदेश पर ही चार्ज दिया जा सकता है। अभद्रता लालजी पासी ने शुरू की थी। मैंने तो सीनियर होने के नाते उनका सम्मान किया है। मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
-अनिल वर्मा सीएचसी प्रभारी
यदि न्यायालय का स्थगन आदेश है तो उनको लाकर देना चाहिए। इसके अलावा स्थगन आदेश के बावजूद भी एक माह बाद अवकाश से आने पर नियमानुसार जांच के बाद ही चार्ज दिए जाने का प्रावधान हैं। फिलहाल दोनों डॉक्टरों को तलब किया गया है।
-जावेद अख्तर, सीएमओ