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मातम में बदल गई खुशियों की बारात

Sun, 01 May 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां/चंदनचौकी।
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां/चंदनचौकी। Updated Sun, 01 May 2016 12:23 AM IST
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Happiness turned into mourning procession
हादसा - फोटो : अमर उजाला
चंदनचौकी में बस में करंट उतरने का मामला
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फूफा समेत दौ मौतों के बाद गमगीन माहौल में हुआ निकाह

जिस घर में सुबह तक खुशियों का डेरा था, लोग बारात के लिए सजने संवर रहे थे, वहां चीख पुकार मची थी। जहां खुशियां छाईं थीं वहां गमों ने ऐसा घेरा की चारों ओर मातम ही मातम छा गया। दूल्हे के फूफा के साथ दो मौतों ने शादियों की खुशियों को तो काफूर कर ही दिया, साथ ही सभी के जेहन में हमेशा के लिए दर्द भी पैबस्त कर दिया। एक ओर दो लाशें पड़ी थीं तो वहीं दूसरी ओर दूल्हा सजा था। फिलहाल गमों के बीच महज रस्में ही निभाईं गईं।
साबिर के बेटे शहनवाज की जब शादी तय हुई तो सभी ने खूब अरमान पाले थे। धूमधाम से बारात ले जाने की तैयारी थी। सभी रिश्तेदारों और नातेदारों को बुलाया गया था। रिश्तेदार और दोस्त बारात जाने का इंतजार कर रहे थे लेकिन घटना ने सब कुछ तार-तार कर रख दिया। शादी की खुशियों में शरीक होने आए फूफा नबी हसन को मौत ने अपने आगोश में ले लिया। शादी के घर में उनकी मौत से मातम हुआ तो सीतापुर स्थित उनके घर में भी कोहराम मच गया। फूूफा के साथ पारिवारिक मित्र आलम की भी मौत हो गई। इन दो मौतों से पूरा माहौल गमगीन हो गया। नबी हसन के घरवालों को यकीन ही नहीं हुआ कि उनकी मौत हो गई है। इसके बाद सीएचसी में सब दहाड़े मार मारकर रो रहे थे। हादसे में दो मौतों के बाद शादी को लेकर पसोपेश था। शनिवार को ही निकाह था। तय हुआ कि दूल्हे के साथ चंद लोग जाकर सिर्फ रस्म निभा दें। फिर दूल्हे के साथ 12 लोग निकाह पढ़ाने गए। 
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बस रहने भर की जमीन थी आलम के पास 
बिचपटा चंदनचौकी निवासी आलम के पास केवल रहनेे भर की जमीन थी। उनके हालात रोज कमाना तब खाना वाले थे। घर में आलम ही कमाने वाले थे। आलम की मौत से पत्नी बदहवास हैं। आलम के बच्चे अभी छोटे हैं। ऐसे में सभी की चिंता यही थी कि उनका पेट कैसे पाला जाएगा। 
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बीएसएनएल नेटवर्क हुआ गायब
घटना के दौरान बीएसएनएल का नेटवर्क गायब रहने से परेशानी हो गई। थारू क्षेत्र में मात्र बीएसएनएल सिम ही काम करते हैं। दूरसंचार विभाग पलिया की लापरवाही के चलते यहां लगातार नेटवर्क गायब रहता है। 

बिजली अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया
बस के हाईटेंशन लाइन के तारों से टकराने के बाद दो मौतें हो गईं तो लोगों ने बिजली अधिकारियों को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। लाइन नहीं कटने से बस में करंट दौड़ता रहा।

चालक ने हटाई बस
लोगों का आरोप है कि बस चालक नशे में था लेकिन बस को उसी ने करंट के चंगुल से निकाला। बस में काफी देर तक करंट दौड़ा। 

...क्या खराब थी ओसीबी
पलियाकलां। एचटी लाइन से बड़े हादसे बचाने के लिए ओसीबी लगाई जाती है। यह सभी केंद्रों पर होती है। यह सही होती है तो हादसे पर लाइन ट्रिप हो जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस में करंट उतरने के बाद करंट के झटकों से इधर उधर गिर रहे थे लेकिन काफी देर तक लाइन ट्रिप नहीं हुई। ऐसे में ओसीबी लाइन सही होने पर सवाल उठता है। हालांकि विभाग का दावा है कि ओसीबी ठीक थी और हादसे के बाद ट्रिपिंग हो गई थी।

सड़क चौड़ीकरण ने लाइनों का स्वरूप
पलियाकलां। बिजली विभाग का कहना है कि एचटी लाइन अपनी जगह दुरुस्त हैं। वह सड़क चौड़ीकरण के बाद स्वरूप बदला है। इससे खंभे नीचे हो गए हैं लेकिन वह सड़क से काफी दूर हैं। बस बैक करते समय चालक को ध्यान देना चाहिए था। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे चालक जिम्मेदार है।

मौके पर गया था। तार नीचे नहीं हैं। चालक को बस बैक करते समय ध्यान देना चाहिए था बस को पीछे की ओर ले जाकर जब उसने सड़क पर चढ़ाया है तब बस तार से टच कर गई।

मनोज पुष्कर, जेई, हायडिल पलिया।

ओसीबी ठीक है। ट्रिपिंग हुई है जो दर्ज है। तार भी ठीक पाए गए हैं। मामले की जांच विद्युत सुरक्षा को सौंप दी गई है। मुझे किसी ने फोन नहीं किया। फोन न उठाने की बात बेबुनियाद है। काल पिक नहीं होने पर मैं काल बैक जरूर करता हूं। 
महेंद्र कुमार, एसडीओ, हायडिल।
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