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गुलाइची पर जानलेवा हमले का मलाल नहीं

Wed, 07 Oct 2015 12:22 AM IST
मैलानी
मैलानी Updated Wed, 07 Oct 2015 12:22 AM IST
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Gulaichi not regret the attack on
सुआबोझ की प्रधान गुलाइची देवी पर गोली चलाने वाले उनके भांजे रमेश को अपने किए का तनिक भी पछतावा नहीं है। प्रधान की दबंगई से आजिज होकर उसने ये कदम उठाया।
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सुआबोझ की प्रधान गुलाइची देवी को सोमवार की सुबह साढ़े छह बजे सुरजनपुर गांव स्थित उनके घर के पास चकरोड पर उनके भांजे रमेश और उसके साथियों ने उस समय गोली मारी थी, जब वह अपना खेत देखकर लौट रहीं थीं। पहली गोली उसने चकरोड पर पीछे से सिर में मारी। उसके बाद दौड़ाकर पास में स्थित राममिलन के घर से सटे खेत में गिराकर पेट में दो गोलियां मारीं थीं और मरा हुआ समझकर मौके से निकल भागा था। बाद में उसने पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रमेश के साथ पास में ही रहने वाला गुलाइची का भतीजा रामकरन पुत्र रामनरेश तथा उनकी गाड़ी का ड्राइवर रह चुका सुरजनपुर निवासी धर्मेंद्र भी था।
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पुलिस हिरासत में रमेश ने बताया कि प्रधान गुलाइची की दबंगई से वह तंग हो चुका था। आरोप लगाया कि प्रधान अक्सर उसे गालियां दिया करतीं थीं और जेल भिजवा देने की धमकी दिया करतीं थीं। इसी से तंग आकर उसने ऐसा कदम उठाया। कहा कि इरादा तो पूरी तरह जान से मारने का था। इसी कारण सिर और पेट में गोलियां मारीं, लेकिन वह बच गईं, यह उनका भाग्य है। सगी मौसी को मारने का इरादा क्यों किया, इस पर रमेश बोला कि मैं बहुत तंग आ चुका था। कहा कि उसे तनिक भी मलाल नहीं है और न ही कोई पछतावा है।
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नेपाल से लाया था तमंचा
मैलानी। रमेश ने बताया कि वह नेपाल से तमंचा और कारतूस लाया था। वहां से उसने छह हजार रुपये में तमंचा खरीदा।
इंटर तक पढ़ा है रमेश
मैलानी। रमेश ने बताया कि कृषक समाज इंटर कॉलेज से उसने इंटर किया है। उसकी पत्नी और एक बच्ची है।
गुलाइची की हालत में सुधार
मैलानी। सुआबोझ की प्रधान गुलाइची देवी की हालत में सुधार है। उनके परिवारवालों ने बताया कि लखनऊ में ऑपरेशन कर उनकी तीनों गोलियां निकाली जा चुकी हैं। फिलहाल वह होश में हैं और बातचीत भी कर रही हैं।
हिम्मते मर्दां, मददे खुदा
मैलानी। कहावत है जिसके अंदर हिम्मत होती है, उसकी मदद खुदा भी करता है। कुछ ऐसा ही गुलाइची के साथ भी हुआ। गुलाइची को तीन लोगों ने दौड़ाया और गोली मारी लेकिन हिम्मत न हारते हुए वह भागती रहीं और पास स्थित अपने रिश्तेदार के मकान में घुस गईं। लेकिन उस मकान में पीछे बाउंड्री न होने के फायदा उठाकर हमलावर घर में घुस गए। गुलाइची फिर भागीं तो मकान से सटे खेत में गिराकर हमलावरों ने उनके पेट में दो गोलियां और मारीं और मरा हुआ समझकर निकल भागे लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उनकी हिम्मत के आगे गोलियां बेकार साबित हुईं। शायद ऊपरवाले ने भी उनकी हिम्मत को देखते हुए उनकी मदद की।

रमेश का चालान
मैलानी। सुआबोझ की प्रधान गुलाइची देवी को गंभीर रूप से जख्मी करने वाले रमेश का पुलिस ने चालान कर दिया है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर एसएन द्विवेदी ने बताया कि रमेश के कब्जे से एक तमंचा 315 बोर, एक जीवित कारतूस तथा घटनास्थल से एक खोखा और एक चली हुई बुलेट बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि रमेश का चालान कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नामजद दो अन्य आरोपियों रामकरन तथा धर्मेंद्र की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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