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फेसबुक पर सरकार का विरोध, एडीसीओ सस्पेंड
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मोदी और योगी के खिलाफ लगातार डाल रहे थे पोस्ट
सहकारिता विभाग में 17 साल तैनाती, पहले भी हुए सस्पेंड
फेसबुक पर मोदी और योगी का विरोध करने पर अपर जिला सहकारी अधिकारी (एडीसीओ) को सस्पेंड कर दिया गया। अधिकारी द्वारा डाली जा रही पोस्ट/शेयर की जानकारी जब भाजपा नेताओं को हुई, तो उन्होंने इसके खिलाफ साक्ष्य पेश करते हुए रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी थी। निदेशालय ने सरकारी सेवक/कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते उन पर कार्रवाई की है।
एडीसीओ अरुण कुमार सिंह मौजूदा समय में सदर तहसील में तैनात हैं। इसके अलावा केंद्रीय उपभोक्ता भंडार में सचिव पद संभाल रहे हैं। इनकी जिले में पहली तैनाती वर्ष 1999 में बतौर एडीओ हुई थी। प्रमोशन पाकर एडीसीओ बने थे। इसके बाद तत्कालीन एआर कोआपरेटिव कृपाशंकर यादव से अभद्रता के मामले में सस्पेंड हो चुके हैं। बसपा सरकार में हरदोई तबादला हो गया था, लेकिन जुगाड़ से फिर लखीमपुर तैनाती कराने में सफल रहे। करीब चार माह पूर्व भी एडीसीओ का तबादला सीतापुर हुआ था, लेकिन फिर से लखीमपुर में अटैचमेंट करा लिया है। सूत्र बताते हैं कि सपा सरकार से नजदीकी के चलते वह भाजपा सरकार के खिलाफ फेसबुक पर हेट कमेंट पास कर रहे थे। खासकर ‘आई हेट बीजेपी’ के नाम वाले एकाउंट के जरिए मोदी और योगी के खिलाफ दुष्प्रचार करने से परहेज नहीं किया। जबकि एडीसीओ राजपत्रित अधिकारी है।
फेसबुक पर सरकार के खिलाफ कमेंट को शेयर करने मामला संज्ञान में है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई थी। सेवक/कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर एडीसीओ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए अधिकारी को नामित किया गया है।
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मंगल सिंह, सहायक निबंधक, सहकारिता
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सहकारिता विभाग में 17 साल तैनाती, पहले भी हुए सस्पेंड
फेसबुक पर मोदी और योगी का विरोध करने पर अपर जिला सहकारी अधिकारी (एडीसीओ) को सस्पेंड कर दिया गया। अधिकारी द्वारा डाली जा रही पोस्ट/शेयर की जानकारी जब भाजपा नेताओं को हुई, तो उन्होंने इसके खिलाफ साक्ष्य पेश करते हुए रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी थी। निदेशालय ने सरकारी सेवक/कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन मानते उन पर कार्रवाई की है।
एडीसीओ अरुण कुमार सिंह मौजूदा समय में सदर तहसील में तैनात हैं। इसके अलावा केंद्रीय उपभोक्ता भंडार में सचिव पद संभाल रहे हैं। इनकी जिले में पहली तैनाती वर्ष 1999 में बतौर एडीओ हुई थी। प्रमोशन पाकर एडीसीओ बने थे। इसके बाद तत्कालीन एआर कोआपरेटिव कृपाशंकर यादव से अभद्रता के मामले में सस्पेंड हो चुके हैं। बसपा सरकार में हरदोई तबादला हो गया था, लेकिन जुगाड़ से फिर लखीमपुर तैनाती कराने में सफल रहे। करीब चार माह पूर्व भी एडीसीओ का तबादला सीतापुर हुआ था, लेकिन फिर से लखीमपुर में अटैचमेंट करा लिया है। सूत्र बताते हैं कि सपा सरकार से नजदीकी के चलते वह भाजपा सरकार के खिलाफ फेसबुक पर हेट कमेंट पास कर रहे थे। खासकर ‘आई हेट बीजेपी’ के नाम वाले एकाउंट के जरिए मोदी और योगी के खिलाफ दुष्प्रचार करने से परहेज नहीं किया। जबकि एडीसीओ राजपत्रित अधिकारी है।
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फेसबुक पर सरकार के खिलाफ कमेंट को शेयर करने मामला संज्ञान में है, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई थी। सेवक/कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर एडीसीओ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए अधिकारी को नामित किया गया है।
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मंगल सिंह, सहायक निबंधक, सहकारिता