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चार हमलावरों को आठ-आठ साल की कैद, जुर्माना भी
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:29 PM IST
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आठ साल पहले नगरा गांव में हुई थी घटना
बरसाती पानी निकालने के विवाद में फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने चार हमलावरों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि 19 जुलाई 2008 की सुबह मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम नगरा निवासी शंकरलाल ने बरसाती पानी निकालने के लिए अपने घर के पास से नाली निकाली थी। पड़ोसी श्यामलाल आदि ने नाली पाटते हुए पानी बांध दिया था। जब दोपहर शंकर लाल के लड़के ऋषिकेशन ने पानी बांधने का विरोध किया तो श्यामलाल अपने साथियों के साथ मारपीट और जानलेवा हमले पर उतारू हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए शंकरलाल ने बताया कि श्यामलाल ने लाइसेंसी रायफल से रामपाल ने लाइसेंसी रिवाल्वर, राधेश्याम ने लाइसेंसी बंदूक और अरुण ने नाजायज तमंचे से हमला करते हुए ताबडतोड़ फायरिंग की, जिसमें से एक गोली ऋषिकेशन को लगी थी। अदालती सुनवाई के दौरान शंकरलाल, ऋषिकेशन, डॉ.एसपी सिंह, डॉ.आईबी त्रिपाठी और एसआई कन्हैया बक्श सिंह ने अपनी गवाही दर्ज कराई। अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को जानलेवा हमले के लिए दोषी पाते हुए आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
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बरसाती पानी निकालने के विवाद में फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के मामले में एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने चार हमलावरों को आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि 19 जुलाई 2008 की सुबह मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम नगरा निवासी शंकरलाल ने बरसाती पानी निकालने के लिए अपने घर के पास से नाली निकाली थी। पड़ोसी श्यामलाल आदि ने नाली पाटते हुए पानी बांध दिया था। जब दोपहर शंकर लाल के लड़के ऋषिकेशन ने पानी बांधने का विरोध किया तो श्यामलाल अपने साथियों के साथ मारपीट और जानलेवा हमले पर उतारू हो गए। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए शंकरलाल ने बताया कि श्यामलाल ने लाइसेंसी रायफल से रामपाल ने लाइसेंसी रिवाल्वर, राधेश्याम ने लाइसेंसी बंदूक और अरुण ने नाजायज तमंचे से हमला करते हुए ताबडतोड़ फायरिंग की, जिसमें से एक गोली ऋषिकेशन को लगी थी। अदालती सुनवाई के दौरान शंकरलाल, ऋषिकेशन, डॉ.एसपी सिंह, डॉ.आईबी त्रिपाठी और एसआई कन्हैया बक्श सिंह ने अपनी गवाही दर्ज कराई। अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए चारों आरोपियों को जानलेवा हमले के लिए दोषी पाते हुए आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
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