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धोखाधड़ी में पांच नामजद
अमर उजाला ब्यूरो मोहम्मदी।
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:37 PM IST
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- फोटो : demo pic
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कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, विवेचना शुरू की
न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मदी ने पांच लोगों के खिलाफ छल कपट और धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कस्बे के मोहल्ला पश्चिमी लखपेड़ा निवासी मोहम्मद उमेर ने न्यायालय में शिकायती वाद दायर करते हुए कहा कि गत 12 दिसंबर 2015 को करीब दो बजे नई दिल्ली से 6-7 लोग उसके घर आए, जिन्होंने अपना नाम सुल्तान मदनी, आफताब, खालिद, नासिर, जुबैर और दो अन्य तथा पता नई दिल्ली बताया। कहा कि वे लोग गरीबों को रोजगार देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मेडिकल तथा रजिस्ट्रेशन के लिए पांच-पांच हजार रुपये मांगे। नौकरी के चक्कर में उसके भाई असद ने इन लोगों को दस हजार रुपये दे दिए।
मो उमेर का कहना है कि कुछ दिन तो उनकी बात होती रही लेकिन 29 जुलाई 2016 से उनके मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। इस पर उसे शक हुआ कि वह ठगी का शिकार हुआ है, इस पर उसने पुलिस तथा उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी लेकिन जब उसे कहीं न्याय नहीं मिला तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मदी ने पांच लोगों के खिलाफ छल कपट और धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कस्बे के मोहल्ला पश्चिमी लखपेड़ा निवासी मोहम्मद उमेर ने न्यायालय में शिकायती वाद दायर करते हुए कहा कि गत 12 दिसंबर 2015 को करीब दो बजे नई दिल्ली से 6-7 लोग उसके घर आए, जिन्होंने अपना नाम सुल्तान मदनी, आफताब, खालिद, नासिर, जुबैर और दो अन्य तथा पता नई दिल्ली बताया। कहा कि वे लोग गरीबों को रोजगार देना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने मेडिकल तथा रजिस्ट्रेशन के लिए पांच-पांच हजार रुपये मांगे। नौकरी के चक्कर में उसके भाई असद ने इन लोगों को दस हजार रुपये दे दिए।
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मो उमेर का कहना है कि कुछ दिन तो उनकी बात होती रही लेकिन 29 जुलाई 2016 से उनके मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। इस पर उसे शक हुआ कि वह ठगी का शिकार हुआ है, इस पर उसने पुलिस तथा उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी लेकिन जब उसे कहीं न्याय नहीं मिला तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दे दिए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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