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प्रधानपति की हत्या में पांच सगे भाइयों को उम्रकैद

Tue, 13 Sep 2016 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Tue, 13 Sep 2016 12:10 AM IST
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Five brothers to life imprisonment for the murder of Prime husband
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
- मार्च 2013 में चुनावी रंजिश में गोलियां मारकर कर दी थी हत्या
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- कोर्ट ने सभी पर 57-57 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका


प्रधान चुनाव की रंजिश में प्रधानपति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एडीजे विनोद कुमार ने पांच सगे भाइयों सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 57-57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र के गांव अंगदपुर में पूर्व प्रधान औसाफ खां ने 2010 में महिला सीट हो जाने के कारण अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाया था। वह चुनाव जीत भी गईं थीं। इसी कारण दूसरी पार्टी के शहीद खां रंजिश मानते थे। एक मार्च 2013 को औसाफ अपने भाई अशफाक, बेटे इंसाफ खां, साथी निसार के साथ नमाज पढ़ने जा रहे थे। जैसे ही ये लोग याकूब के मकान के पास पहुंचे, वहां मौजूद शहीद, सिद्दीक, वसीम उर्फ छोटकन्ने, असलम, अजमल खां और करीम ने उन पर हमला बोल दिया। वसीम और शहीद ने तमंचे से गोलियां चला दीं। जान बचाने के लिए घायल औसाफ भागकर जमीर हसन के मकान में घुस गए तो पीछे से सभी छह आरोपियों ने जमीर हसन के घर में घुसकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
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घटना के तीसरे ही दिन 4 मार्च को पुलिस ने शहीद और सिद्दीक को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हुआ। पांच मार्च को वसीम की भी तमंचे के साथ गिरफ्तारी हो गई। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता पीके सिंह ने अशफाक खां, निसार खां, इंसाफ खां, डा. केसी वर्मा, एसआई जितेंद्र बहादुर और एसआई निहाल सिंह की गवाही दर्ज कराई और बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी।
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अदालत ने फैसला सुनाते हुए शहीद खां, सिद्दीक खां, वसीम खां, असलम खां, अजमल खां और करीम खां को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शहीद खां और वसीम के पास तमंचा बरामद होने के कारण इन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना अलग से लगाया गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि वसूले गए जुर्माने में से मृतक के लड़के को 50 हजार रुपये और मृतक की पत्नी को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। 
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