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दूबर हत्याकांड का खुलासा, तीन अभियुक्त गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 13 May 2015 08:04 PM IST
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धौरहरा क्षेत्र के गांव परौरी स्थित बाग में मिले दूबर के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों अभियुक्तों में से एक मृतक का ससुर भी है। पुलिस ने तीनों का चालान भेज दिया है।
धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव परौरी में सात मई को कल्लू के बाग में शव मिला था, जिसकी पहले पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में पंडितपुरवा निवासी चंदारा ने साइकिल और मोर्चरी में शव देखकर अपने पुत्र दूबर के तौर पर शव की शिनाख्त की थी। चंदारा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। एसपी अरविंद सेन के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने सिलसिलेवार कड़ियों को जोड़ते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। एसपी ने बताया है कि दूबर की ससुराल सुजानपुर निवासी दयाराम के यहां है। दूबर शराब पीने की आदी था, जिसका लाभ पंडितपुरवा गांव निवासी द्वारिका प्रसाद और गोपाल ने उठाया। पांच मई को दूबर और द्वारिका की मुलाकात हुई थी, जिसमें दूबर ने ससुराल जाने की बात कही थी। इसके बाद द्वारिका और गोपाल पहले ही दयाराम के घर पहुंच गए थे। जबकि दूबर मौली गांव निवासी बहनोई हेमराज की साइकिल लेकर रात को ससुराल पहुंचा था। इसके बाद पहले से मौजूद द्वारिका और गोपाल ने गमछे से गला कसकर दूबर की हत्या कर दी, जिसके बाद शव को बोरे में डालकर साइकिल से परौरी गांव पहुंचे। शव को कल्लू के बाग में डालकर साइकिल भी वहीं छोड़ दी थी। एसपी ने बताया कि मृतक का ससुर दयाराम शव को छिपाने का दोषी निकला है।
पुलिस टीम में यह रहे शामिल
कोतवाल विजय प्रताप यादव, एसएसआई अमर सिंह, एसआई शमशेर बहादुर सिंह, राजेश्वर त्रिपाठी, जयप्रकाश यादव और सिपाही भीषम सिंह, शिवप्रसाद पांडेय, योगेंद्र पाल।
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धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के गांव परौरी में सात मई को कल्लू के बाग में शव मिला था, जिसकी पहले पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में पंडितपुरवा निवासी चंदारा ने साइकिल और मोर्चरी में शव देखकर अपने पुत्र दूबर के तौर पर शव की शिनाख्त की थी। चंदारा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। एसपी अरविंद सेन के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने सिलसिलेवार कड़ियों को जोड़ते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। एसपी ने बताया है कि दूबर की ससुराल सुजानपुर निवासी दयाराम के यहां है। दूबर शराब पीने की आदी था, जिसका लाभ पंडितपुरवा गांव निवासी द्वारिका प्रसाद और गोपाल ने उठाया। पांच मई को दूबर और द्वारिका की मुलाकात हुई थी, जिसमें दूबर ने ससुराल जाने की बात कही थी। इसके बाद द्वारिका और गोपाल पहले ही दयाराम के घर पहुंच गए थे। जबकि दूबर मौली गांव निवासी बहनोई हेमराज की साइकिल लेकर रात को ससुराल पहुंचा था। इसके बाद पहले से मौजूद द्वारिका और गोपाल ने गमछे से गला कसकर दूबर की हत्या कर दी, जिसके बाद शव को बोरे में डालकर साइकिल से परौरी गांव पहुंचे। शव को कल्लू के बाग में डालकर साइकिल भी वहीं छोड़ दी थी। एसपी ने बताया कि मृतक का ससुर दयाराम शव को छिपाने का दोषी निकला है।
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पुलिस टीम में यह रहे शामिल
कोतवाल विजय प्रताप यादव, एसएसआई अमर सिंह, एसआई शमशेर बहादुर सिंह, राजेश्वर त्रिपाठी, जयप्रकाश यादव और सिपाही भीषम सिंह, शिवप्रसाद पांडेय, योगेंद्र पाल।
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