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कर्ज में डूबे युवक ने जहर खाया, मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ईसानगर (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sat, 20 Aug 2016 10:36 PM IST
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जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
जुए की लत में फंसकर सूदखोरों से लिया था कर्ज
जुए की लत ने फिर एक घर का चिराग बुझा दिया। गांव तमोलीपुरवा निवासी 25 वर्षीय रामू को जुए की लत इस कदर लगी कि उसने उसे कंगाल बनाकर रख दिया। सूदखोरों के कर्ज में बुरी तरह जकड़ चुके रामू ने तकादों से परेशान होकर गुरुवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
गांव अल्लीपुर के मजरा तमोलीपुरवा गांव निवासी सुखदेई ने बताया कि उनका पुत्र रामू खराब संगत के चलते जुआ खेलने लगा। यही नहीं इसके लिए घर में चोरी करने लगा। घर वालों ने जब सख्ती बरती तो रामू सूदखोरों के चंगुल में फंस गया और उनसे कर्ज लेकर जुआ खेलने लगा। जिससे सूदखोरों का कर्ज बढ़ता गया, जिसका ब्याज अदा करने के लिए रामू ने डेढ़ बीघा जमीन भी बेच दी। फिर भी उस पर काफी कर्ज बाकी रह गया, जिससे वह परेशान रहने लगा। गुरुवार को एक सूदखोर के तकादे से परेशान होकर रामू ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे कस्बा खमरिया के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिस पर डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। हालत ठीक न होने पर जिला अस्पताल के डॉक्टर ने उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां शुक्रवार की रात उसकी मौत हो गई। चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली है। सूदखोरी का मामला भी प्रकाश में आया है। मृतक के परिवार वाले यदि पुलिस को तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सूदखोरों के फेर में फंसे डॉक्टर दंपति ने की थी आत्महत्या
12 साल पहले धौरहरा कसबे में निजी क्लीनिक चलाकर गुजर बसर कर रहे डॉ. शिवकुमार गुप्ता भी सूदखोरों के चंगुल में फंस गए थे। सूदखोरों का कर्ज इतना बढ़ा कि उनकी क्लीनिक की पूरी कमाई ब्याज में जाने लगी। एक सूदखोर ने उन्हें काफी अपमानित कर दिया। जिससे क्षुब्ध होकर डॉक्टर ने अपनी पत्नी के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उस मामले में रसूखदार सूदखोर बच निकले थे।
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जुए की लत ने फिर एक घर का चिराग बुझा दिया। गांव तमोलीपुरवा निवासी 25 वर्षीय रामू को जुए की लत इस कदर लगी कि उसने उसे कंगाल बनाकर रख दिया। सूदखोरों के कर्ज में बुरी तरह जकड़ चुके रामू ने तकादों से परेशान होकर गुरुवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।
गांव अल्लीपुर के मजरा तमोलीपुरवा गांव निवासी सुखदेई ने बताया कि उनका पुत्र रामू खराब संगत के चलते जुआ खेलने लगा। यही नहीं इसके लिए घर में चोरी करने लगा। घर वालों ने जब सख्ती बरती तो रामू सूदखोरों के चंगुल में फंस गया और उनसे कर्ज लेकर जुआ खेलने लगा। जिससे सूदखोरों का कर्ज बढ़ता गया, जिसका ब्याज अदा करने के लिए रामू ने डेढ़ बीघा जमीन भी बेच दी। फिर भी उस पर काफी कर्ज बाकी रह गया, जिससे वह परेशान रहने लगा। गुरुवार को एक सूदखोर के तकादे से परेशान होकर रामू ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर घर वालों ने उसे कस्बा खमरिया के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिस पर डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। हालत ठीक न होने पर जिला अस्पताल के डॉक्टर ने उसे लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां शुक्रवार की रात उसकी मौत हो गई। चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिली है। सूदखोरी का मामला भी प्रकाश में आया है। मृतक के परिवार वाले यदि पुलिस को तहरीर देंगे तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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सूदखोरों के फेर में फंसे डॉक्टर दंपति ने की थी आत्महत्या
12 साल पहले धौरहरा कसबे में निजी क्लीनिक चलाकर गुजर बसर कर रहे डॉ. शिवकुमार गुप्ता भी सूदखोरों के चंगुल में फंस गए थे। सूदखोरों का कर्ज इतना बढ़ा कि उनकी क्लीनिक की पूरी कमाई ब्याज में जाने लगी। एक सूदखोर ने उन्हें काफी अपमानित कर दिया। जिससे क्षुब्ध होकर डॉक्टर ने अपनी पत्नी के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उस मामले में रसूखदार सूदखोर बच निकले थे।
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