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छतुरी गांव में पांच लाख की लूट
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 02 Oct 2016 11:42 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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गुलरिया और शारदानगर के दो घरों में लाखों की चोरी
बदमाशों ने कोतवाली मोहम्मदी के गांव छतुरी निवासी साजिद खां के घर से शनिवार रात पांच लाख की संपत्ति लूट ली तो भीरा थाने के गांव चौखड़िया और शारदानगर चौकी क्षेत्र के गांव उमरिया के एक-एक घर से नगदी-जेवर समेत अन्य सामान चोरी कर लिया। तीनों वारदातों की तहरीरें पुलिस को दी गई, लेकिन किसी भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
अमीरनगर। कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के गांव छतुरी निवासी साजिद खां ने बताया कि वह पत्नी और पांच बच्चों के साथ बरामदे के सामने सो रहे थे। शनिवार रात करीब 12 बजे बदमाश सीढ़ी लगाकर छत के सहारे घर के अंदर घुस आए। उन्होंने बताया कि बदमाशों की संख्या 10-15 के बीच में थी। दो बदमाश नकाब पहने हुए थे। बदमाशों ने उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया और असलहों के बल पर परिवार के सभी लोगों को कब्जे में ले लिया। बदमाशों ने शोर मचाने और आनाकानी करने पर गोली मार देने की धमकी दी और उनसे कमरों की चाबी ले ली। करीब दो घंटे तक लूटपाट करने के बाद बदमाश धान की बिक्री कर रखे गए 2.20 लाख रुपयों के अलावा सोने का झूमर, चेन, गले का हार, झुमकी, कुंडल, चार जोड़ी बुंदा, चेन, छह अगूंठी समेत ढाई लाख से अधिक के जेवर लूट लिए। बदमाशों ने जाने से पहले सभी को कमरे में बंद कर दिया। जाहिद ने बदमाशों के जाने के बाद पत्नी के साथ मिलकर खिड़की में लगी जाली तोड़ी और उसमें से एक बच्चे को बाहर निकाला। बच्चे के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बदमाशों की खोजबीन की, लेकिन कोई अता-पता नहीं चला। सूचना पर पुलिस ने भी मौका मुआयना किया। इंस्पेक्टर सीबी सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है, जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
चोरों ने फौजी के घर से उड़ाया लाखों का सामान
गुलरिया। भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम चौखडिया निवासी गजेंद्र सिंह का बेटा शिवगुलाब सिंह फौज में है और वह मेरठ मे तैनात है, जबकि छोटा पुत्र भुवलेश्वर सिंह घर पर रहता है। दोनों लड़कों की शादी हो चुकी है। गजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को घर के पड़ोस स्थित मंदिर में जागरण हो रहा था। घर के सभी सदस्य कार्यक्रम में गए थे। रात करीब 12 बजे सभी लोग घर पहुंचे और सो गए। रात करीब दो बजे के बाद चोर खिड़की के ऊपर बने छज्जे से चढ़कर घर में घुस आए और कमरे में रखे बक्सों का ताला तोड़कर दोनों पुत्र वधुओं, तीन पुत्रियों और पत्नी के जेवर चोरी कर भाग निकले। घर वालों को घटना की जानकारी सुबह सोकर उठने पर हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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नकदी-जेवर समेत दो लाख पर किया हाथ साफ
शारदानगर। गांव उमरिया निवासी रामप्रकाश अवस्थी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, तीनों बेटे लखीमपुर शहर में मकान बनवाकर रहते हैं। वह अपनी पत्नी के साथ गांव स्थित मकान में रहते हैं। 29 सिंतबर की रात चोर घर के अंदर घुस आए और कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़कर 10 हजार रुपये की नकदी, सोने का हार, चेन, मांगबेदी, झुमकी, छह सोने की अंगूठी, कपड़ा समेत करीब दो लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। उन्होंने घटना की तहरीर पुलिस को दी। सूचना पर शारदानगर रिपोर्टिंग चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। इसके बाद भी तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुलिस सतर्क होती तो टल सकती थी छतुरी की घटना
लखीमपुर खीरी। क्राइम कंट्रोल को लेकर एसपी भले ही रणनीति तैयार कर उसे अमली जामा पहनाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन थाना स्तर पर हो रही लापरवाही पुलिस पर भारी पड़ रही है। गांव छतुरी में हुई डकैती से पहले बदमाश मोहम्मदपुर-अमीरनगर के पास तो इससे पहले अमीरनगर निवासी पेट्रोल पंप मालिक और प्रमुख कारोबारी मिर्जा तौकील बेग के घर के पास भी देखे गए थे। मोहम्मदपुर-अमीरनगर के बीच ग्रामीणों के साथ कांबिंग करने के बाद पुलिस लापरवाह हो गई। जिसका फायदा उठाते हुए बदमाश एक घर में डकैती की घटना को अंजाम देने में सफल हो गए।
जिले में लूट और चोरी की बढ़ रहीं वारदातों को रोकने के लिए एसपी अखिलेश चौरसिया ने रणनीति बनाकर उसे धरातल पर लागू करने की कोशिश तो पूरी की है, लेकिन थाना स्तर पर पुलिस की लापरवाही से एसपी की रणनीति कामयाब नहीं हो पा रही है। पुलिस सिर्फ चेकिंग के दौरान चालान करती है और तलाशी लेने की जहमत नहीं उठाती। वास्तविकता तो यह है कि कुछ थानेदार और चौकी इंचार्ज सिर्फ फोटो खींचकर एसपी के व्हाट्सएप नंबर पर अपलोड कर चेकिंग की खानापूर्ति करते हैं। गांव छतुरी निवासी साजिद खां के घर हुई डकैती से पूर्व शाम करीब साढ़े सात बजे बदमाश अमीरनगर और मोहम्मदपुर के बीच गन्ने के खेत में देखे गए थे। जिस पर ग्रामीणों ने फायरिंग कर बदमाशों के खदेड़ दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खेतों में कांबिग की थी, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा था। इसके बाद बदमाश कसबे के प्रमुख कारोबारी पेट्रोलपंप मालिक मिर्जा तौकील बेग के घर के पास भी देखे गए थे। इसकी भी जानकारी पुलिस को दी गई थी, यदि स्थानीय पुलिस बदमाशों की आमद को गंभीरता से लेती और गश्त तेज कर देती तो शायद बदमाश घटना को अंजाम नहीं दे पाते, लेकिन पुलिस की लापरवाही बदमाशों के लिए अभयदान साबित हुई और वे अपने मकसद में कामयाब हो गए।
शारदानगर पुलिस वारदातों को छुपाने में है माहिर
शारदानगर। कहने को तो शारदानगर रिपोर्टिंग चौकी है, लेकिन चौकी पुलिस घटनाओं को छुपाने और रिपोर्ट दर्ज न करने में काफी माहिर है। 30 सितंबर की शाम बदमाशों ने चकई-बड़ागांव मार्ग पर गांव रौली निवासी सत्यपाल और उसके चाचा शिवकुमार की पिटाई कर दो मोबाइल और बाइक लूट ली थी। इससे एक दिन पूर्व यानी 29 सिंतबर की रात उमरिया निवासी रामप्रकाश के घर से दो लाख का सामान चोरी कर ले गए। चौकी पुलिस तहरीर मिलने के बाद भी दोनों घटनाएं डकार गई और रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। बाइक और मोबाइल लूट का मामला जब खुला तो पुलिस ने घटना संदिग्ध बताते हुए जांच की बात कहकर घटनाओं से अपना पल्ला झाड़ लिया।
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बदमाशों ने कोतवाली मोहम्मदी के गांव छतुरी निवासी साजिद खां के घर से शनिवार रात पांच लाख की संपत्ति लूट ली तो भीरा थाने के गांव चौखड़िया और शारदानगर चौकी क्षेत्र के गांव उमरिया के एक-एक घर से नगदी-जेवर समेत अन्य सामान चोरी कर लिया। तीनों वारदातों की तहरीरें पुलिस को दी गई, लेकिन किसी भी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
अमीरनगर। कोतवाली मोहम्मदी क्षेत्र के गांव छतुरी निवासी साजिद खां ने बताया कि वह पत्नी और पांच बच्चों के साथ बरामदे के सामने सो रहे थे। शनिवार रात करीब 12 बजे बदमाश सीढ़ी लगाकर छत के सहारे घर के अंदर घुस आए। उन्होंने बताया कि बदमाशों की संख्या 10-15 के बीच में थी। दो बदमाश नकाब पहने हुए थे। बदमाशों ने उसकी कनपटी पर तमंचा लगा दिया और असलहों के बल पर परिवार के सभी लोगों को कब्जे में ले लिया। बदमाशों ने शोर मचाने और आनाकानी करने पर गोली मार देने की धमकी दी और उनसे कमरों की चाबी ले ली। करीब दो घंटे तक लूटपाट करने के बाद बदमाश धान की बिक्री कर रखे गए 2.20 लाख रुपयों के अलावा सोने का झूमर, चेन, गले का हार, झुमकी, कुंडल, चार जोड़ी बुंदा, चेन, छह अगूंठी समेत ढाई लाख से अधिक के जेवर लूट लिए। बदमाशों ने जाने से पहले सभी को कमरे में बंद कर दिया। जाहिद ने बदमाशों के जाने के बाद पत्नी के साथ मिलकर खिड़की में लगी जाली तोड़ी और उसमें से एक बच्चे को बाहर निकाला। बच्चे के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बदमाशों की खोजबीन की, लेकिन कोई अता-पता नहीं चला। सूचना पर पुलिस ने भी मौका मुआयना किया। इंस्पेक्टर सीबी सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है, जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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गुलरिया। भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम चौखडिया निवासी गजेंद्र सिंह का बेटा शिवगुलाब सिंह फौज में है और वह मेरठ मे तैनात है, जबकि छोटा पुत्र भुवलेश्वर सिंह घर पर रहता है। दोनों लड़कों की शादी हो चुकी है। गजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को घर के पड़ोस स्थित मंदिर में जागरण हो रहा था। घर के सभी सदस्य कार्यक्रम में गए थे। रात करीब 12 बजे सभी लोग घर पहुंचे और सो गए। रात करीब दो बजे के बाद चोर खिड़की के ऊपर बने छज्जे से चढ़कर घर में घुस आए और कमरे में रखे बक्सों का ताला तोड़कर दोनों पुत्र वधुओं, तीन पुत्रियों और पत्नी के जेवर चोरी कर भाग निकले। घर वालों को घटना की जानकारी सुबह सोकर उठने पर हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया है, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
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शारदानगर। गांव उमरिया निवासी रामप्रकाश अवस्थी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, तीनों बेटे लखीमपुर शहर में मकान बनवाकर रहते हैं। वह अपनी पत्नी के साथ गांव स्थित मकान में रहते हैं। 29 सिंतबर की रात चोर घर के अंदर घुस आए और कमरे में रखे बक्से का ताला तोड़कर 10 हजार रुपये की नकदी, सोने का हार, चेन, मांगबेदी, झुमकी, छह सोने की अंगूठी, कपड़ा समेत करीब दो लाख रुपये का सामान चोरी कर ले गए। उन्होंने घटना की तहरीर पुलिस को दी। सूचना पर शारदानगर रिपोर्टिंग चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। इसके बाद भी तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
पुलिस सतर्क होती तो टल सकती थी छतुरी की घटना
लखीमपुर खीरी। क्राइम कंट्रोल को लेकर एसपी भले ही रणनीति तैयार कर उसे अमली जामा पहनाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन थाना स्तर पर हो रही लापरवाही पुलिस पर भारी पड़ रही है। गांव छतुरी में हुई डकैती से पहले बदमाश मोहम्मदपुर-अमीरनगर के पास तो इससे पहले अमीरनगर निवासी पेट्रोल पंप मालिक और प्रमुख कारोबारी मिर्जा तौकील बेग के घर के पास भी देखे गए थे। मोहम्मदपुर-अमीरनगर के बीच ग्रामीणों के साथ कांबिंग करने के बाद पुलिस लापरवाह हो गई। जिसका फायदा उठाते हुए बदमाश एक घर में डकैती की घटना को अंजाम देने में सफल हो गए।
जिले में लूट और चोरी की बढ़ रहीं वारदातों को रोकने के लिए एसपी अखिलेश चौरसिया ने रणनीति बनाकर उसे धरातल पर लागू करने की कोशिश तो पूरी की है, लेकिन थाना स्तर पर पुलिस की लापरवाही से एसपी की रणनीति कामयाब नहीं हो पा रही है। पुलिस सिर्फ चेकिंग के दौरान चालान करती है और तलाशी लेने की जहमत नहीं उठाती। वास्तविकता तो यह है कि कुछ थानेदार और चौकी इंचार्ज सिर्फ फोटो खींचकर एसपी के व्हाट्सएप नंबर पर अपलोड कर चेकिंग की खानापूर्ति करते हैं। गांव छतुरी निवासी साजिद खां के घर हुई डकैती से पूर्व शाम करीब साढ़े सात बजे बदमाश अमीरनगर और मोहम्मदपुर के बीच गन्ने के खेत में देखे गए थे। जिस पर ग्रामीणों ने फायरिंग कर बदमाशों के खदेड़ दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खेतों में कांबिग की थी, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा था। इसके बाद बदमाश कसबे के प्रमुख कारोबारी पेट्रोलपंप मालिक मिर्जा तौकील बेग के घर के पास भी देखे गए थे। इसकी भी जानकारी पुलिस को दी गई थी, यदि स्थानीय पुलिस बदमाशों की आमद को गंभीरता से लेती और गश्त तेज कर देती तो शायद बदमाश घटना को अंजाम नहीं दे पाते, लेकिन पुलिस की लापरवाही बदमाशों के लिए अभयदान साबित हुई और वे अपने मकसद में कामयाब हो गए।
शारदानगर पुलिस वारदातों को छुपाने में है माहिर
शारदानगर। कहने को तो शारदानगर रिपोर्टिंग चौकी है, लेकिन चौकी पुलिस घटनाओं को छुपाने और रिपोर्ट दर्ज न करने में काफी माहिर है। 30 सितंबर की शाम बदमाशों ने चकई-बड़ागांव मार्ग पर गांव रौली निवासी सत्यपाल और उसके चाचा शिवकुमार की पिटाई कर दो मोबाइल और बाइक लूट ली थी। इससे एक दिन पूर्व यानी 29 सिंतबर की रात उमरिया निवासी रामप्रकाश के घर से दो लाख का सामान चोरी कर ले गए। चौकी पुलिस तहरीर मिलने के बाद भी दोनों घटनाएं डकार गई और रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। बाइक और मोबाइल लूट का मामला जब खुला तो पुलिस ने घटना संदिग्ध बताते हुए जांच की बात कहकर घटनाओं से अपना पल्ला झाड़ लिया।