फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Child's body was buried in the presence of administration

प्रशासन की मौजूदगी में बालक का शव हुआ दफन

Mon, 06 Apr 2015 07:59 PM IST
बिजुआ।
बिजुआ। Updated Mon, 06 Apr 2015 07:59 PM IST
विज्ञापन
Child's body was buried in the presence of administration
 टॉफी चोरी के शक में पिटाई से बालक की मौत के दूसरे दिन सोमवार को प्रशासन खासा सतर्क रहा। पोस्टमार्टम होने के बाद रविवार की देर रात को ही बालक का शव गांव पहुंच गया था, सुबह से ही हल्का लेखपाल मृत बालक के घर पहुंच गए। परिवार वालों से मिलकर कृषक दुर्घटना बीमा योजना से पांच लाख की मदद दिलाने का भरोसा दिलाते रहे। तो पुलिस और पीएसी के जवान कस्बे की गलियों से लेकर चौराहे तक परेड करते रहे। बालक के शव को खेत में दफन करवाने के बाद ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

महज टॉफी चोरी के आरोप में हुई पिटाई से बालक की मौत से दूसरे दिन भी गांव में मातम छाया रहा। लोगों में आरोपी दुकानदार और पुलिस की भूमिका को लेकर आक्रोश दिखा। लिहाजा सोमवार को पुलिस और प्रशासन कोई भी रिस्क लेने को तैयार नहीं था। शव दफन होने तक पल पल की निगेहबानी होती रही। परिवार वालों को समझाने की जिम्मेदारी लेखपाल रामकृष्ण मिश्रा को दी गई थी। सुबह से ही आकाश के अंतिम सफर की तैयारी होने लगी थी। नाते-रिश्तेदार पहुंच चुके थे, लोगों में गुस्सा भी था। मृत किशोर के घर पहुंचे लेखपाल ने आकाश की मां को बताया कि प्रशासन की तरफ से किसान दुर्घटना बीमा योजना में पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी। तैयारियां पूरी होने के बाद आकाश के शव को उसी के खेत के एक कोने में दफन कर दिया गया। किसी भी स्थिति से निपटने को सीओ गोला मधुबन कुमार सिंह के नेतृत्व में कई थाने की पुलिस और एक प्लाटून पीएसी गांव में मौजूद रही। करीब 11 बजे शव के दफन होते ही प्रशासन ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिवार वाले सकते में
बिजुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आकाश के घर वाले सवाल उठा रहे हैं, उनका कहना है कि रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है। जबकि उसके साथ मारपीट हुई थी, जिसे पूरा गांव जानता है फिर भी डॉक्टरों को चोटें क्यों नहीं दिखाई दीं?
विज्ञापन
विज्ञापन

मृतक बालक की मां रजनी कहती हैं कि वह लखनऊ काम करने गई थी, यहां उसके पीछे सब हो गया। रिपोर्ट जब लिखवाई, तो उसे पूरा घटनाक्रम पता भी नहीं था। वह दावा करते हुए कहतीं हैं कि पूरा मोहल्ला बताता है आकाश पहले से बीमार नहीं था। जब उसे चोरी के शक में पकड़ा गया, जिसके बाद उसकी पिटाई की गई। उसे पुलिस के भी सुपुर्द किया गया। इसके बाद से वह दहशत में था, फिर बीमार हुआ, रात को उल्टियां हुईं और अगले दिन उसकी मौत हो गई। रजनी मांग करती हैं कि कम से कम सरकार उसके बेटे की मौत का असल कारण ही पता करा दे, ताकि उसके कलेजे को ठंडक पहुंचे। वहीं घर की दूसरी महिलाएं भी कहती हैं कि रात को जब उसकी ज्यादा तबियत खराब हुई तब उसने बताया था कि उसे मारा गया था, लेकिन डर की वजह से वह बता भी नहीं सका। बल्कि आकाश अपनी मां के लखनऊ से वापस आने की राह तक रहा था कि उसे वह पूरी बात बता सके।

सीओ गोला करेंगे मौत के कारणों की जांच
बिजुआ। आकाश की मौत का कारण स्पष्ट न होने से अब काफी कुछ जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर मामला टिक गया है। सीओ मधुबन कुमार सिंह बालक की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर विवेचना करेंगे। आकाश की मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ नहीं हो सकी, जिसके चलते बिसरा प्रिजर्व किया जा चुका है। जबकि घर वाले उसकी पिटाई किए जाने का दावा कर रहे थे। सीओ गोला अब जांच के दौरान उन सारे आरोपों की तस्दीक करने के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों को शामिल करेंगे।


जाम लगाने वालों पर कारवाई की तैयारी में पुलिस
बिजुआ। कस्बे में रविवार को बनते बिगड़ते रहे हालात पर प्रशासन की सांस फूलती रही थी। इस पूरे घटनाक्रम में कुछ लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस सावधानी से वाच करती रही। सोमवार को देर शाम को ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाता रहा, जो पूरे मामले में बढ़कर प्रदर्शन रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed