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एक साथ उठे चार जनाजे, हजारों आंखें हो गईं नम
अमर उजाला ब्यूरो मोहम्मदी।
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:39 PM IST
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हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक किए गए शव
दिल्ली-बरेली मार्ग पर सड़क हादसे में मारे गए एक ही परिवार के चार लोगों के जनाजे बुधवार की देर रात मोहल्ला शुक्लापुर स्थित उनके घर पहुंचे। शवों के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार दोपहर बाद जब एक ही घर से चार जनाजे उठे तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखे भर आईं। गमगीन माहौल में शवों को कब्रिस्तान में अलग-अलग बनाई गई कब्रों में दफन कर दिया गया।
बतादें कि 10 जनवरी की सुबह चार बजे बरेली के पास हापुड़ डिपो की रोडवेज बस ने सड़क किनारे खड़ी प्राइवेट बस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। जिससे प्राइवेट बस में सवार कस्बे के मोहल्ला शुक्लापुर निवासी महबूब, उनकी पत्नी नूरजहां, बेटी सिदरा, एक साल के बेटा अयान की मौत हो गई थी, जबकि इनके दो बेटे अदनान, अरमान तथा 12 वर्षीय बेटी रूसदा घायल हो गई थी।
मालूम हो कि यह परिवार दिल्ली से अमीरनगर तक चलने वाली प्राइवेट बस से दिल्ली से वापस अपने घर आ रहा था। बरेली से पोस्टमार्टम के बाद बुधवार की देर रात चारों शव उनके घर पहुंचे। शवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। गुरुवार को दोपहर बाद चारों के जनाजे एक साथ निकले तो वहां मौजूद हरेक व्यक्ति की आंखे नम हो गईं। पहले जनाजों को जामा मस्जिद ले जाया गया, जहां नमाज के बाद मेंहदी बाग स्थित कब्रिस्तान में अलग-अलग कब्र बनाई गई और शवों को दफन कर दिया गया। जनाजे के दौरान डॉ. आरए उस्मानी, दाउद अहमद, संदीप मेहरोत्रा, लोकेंद्र प्रताप सिंह, अंकुर यादव, अब्बास नकवी, इलियास के अलावा काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
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नहीं जले चूल्हे, दुकानें भी बंद रहीं
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से मोहल्ले के लोग काफी आहत थे। मोहल्ले के अधिकतर घरों में चूल्हे तक नहीं जले। होटल, पान की दुकानें आदि भी बंद रहीं।
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दिल्ली-बरेली मार्ग पर सड़क हादसे में मारे गए एक ही परिवार के चार लोगों के जनाजे बुधवार की देर रात मोहल्ला शुक्लापुर स्थित उनके घर पहुंचे। शवों के पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार दोपहर बाद जब एक ही घर से चार जनाजे उठे तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखे भर आईं। गमगीन माहौल में शवों को कब्रिस्तान में अलग-अलग बनाई गई कब्रों में दफन कर दिया गया।
बतादें कि 10 जनवरी की सुबह चार बजे बरेली के पास हापुड़ डिपो की रोडवेज बस ने सड़क किनारे खड़ी प्राइवेट बस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। जिससे प्राइवेट बस में सवार कस्बे के मोहल्ला शुक्लापुर निवासी महबूब, उनकी पत्नी नूरजहां, बेटी सिदरा, एक साल के बेटा अयान की मौत हो गई थी, जबकि इनके दो बेटे अदनान, अरमान तथा 12 वर्षीय बेटी रूसदा घायल हो गई थी।
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मालूम हो कि यह परिवार दिल्ली से अमीरनगर तक चलने वाली प्राइवेट बस से दिल्ली से वापस अपने घर आ रहा था। बरेली से पोस्टमार्टम के बाद बुधवार की देर रात चारों शव उनके घर पहुंचे। शवों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। गुरुवार को दोपहर बाद चारों के जनाजे एक साथ निकले तो वहां मौजूद हरेक व्यक्ति की आंखे नम हो गईं। पहले जनाजों को जामा मस्जिद ले जाया गया, जहां नमाज के बाद मेंहदी बाग स्थित कब्रिस्तान में अलग-अलग कब्र बनाई गई और शवों को दफन कर दिया गया। जनाजे के दौरान डॉ. आरए उस्मानी, दाउद अहमद, संदीप मेहरोत्रा, लोकेंद्र प्रताप सिंह, अंकुर यादव, अब्बास नकवी, इलियास के अलावा काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
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नहीं जले चूल्हे, दुकानें भी बंद रहीं
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से मोहल्ले के लोग काफी आहत थे। मोहल्ले के अधिकतर घरों में चूल्हे तक नहीं जले। होटल, पान की दुकानें आदि भी बंद रहीं।