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बैलगाड़ी से दबकर किसान की मौत
ममरी।
Updated Fri, 12 Feb 2016 10:40 PM IST
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हैदराबाद थाना क्षेत्र के सहुआपुर गांव में एक किसान बैलगाड़ी में गन्ना भरकर ले जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी रोकने के प्रयास में पहिये के नीचे दबकर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। किसान की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम सहुआपुर निवासी कृषक सोबरनलाल यादव (50) गुरुवार की शाम खेत से बुग्गी में गन्ना भरकर घर जा रहे थे। उनकी बैलगाड़ी जैसे ही बड़ी नहर पटरी की ढलान पर पहुंची, उन्होंने भैंसों को रोकने का प्रयास किया। जिसमें उनका पैर फिसल गया और वह बुग्गी के पहिये के नीचे जा गिरे। पहिया उनके ऊपर से निकलने से वह गंभीर घायल हो गए, परिवार वालों ने 108 एबुंलेंस से सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कृषक की अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मात्र चार-पांच बीघे जमीन के जोतकार सोबरनलाल के परिवार में पत्नी जयदेवी पुत्र नरेंद्र (30), मुकेश (16), विवेक (10), पुत्रियां सोनी (18), सीमा (16), नीलम (12), खुशबू (8) हैं।
बाक्स-
ममरी। बैलगाड़ी से मजदूरी कर गुजर बसर करने वाले मृतक सोबरनलाल की पत्नी जयदेवी का कहना है कि दो युवा बेटियों सोनी और सीमा के हाथ अब कैसे पीले होंगे, यह सोचकर उसका बुरा हाल है।
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ग्राम सहुआपुर निवासी कृषक सोबरनलाल यादव (50) गुरुवार की शाम खेत से बुग्गी में गन्ना भरकर घर जा रहे थे। उनकी बैलगाड़ी जैसे ही बड़ी नहर पटरी की ढलान पर पहुंची, उन्होंने भैंसों को रोकने का प्रयास किया। जिसमें उनका पैर फिसल गया और वह बुग्गी के पहिये के नीचे जा गिरे। पहिया उनके ऊपर से निकलने से वह गंभीर घायल हो गए, परिवार वालों ने 108 एबुंलेंस से सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कृषक की अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई, परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मात्र चार-पांच बीघे जमीन के जोतकार सोबरनलाल के परिवार में पत्नी जयदेवी पुत्र नरेंद्र (30), मुकेश (16), विवेक (10), पुत्रियां सोनी (18), सीमा (16), नीलम (12), खुशबू (8) हैं।
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बाक्स-
ममरी। बैलगाड़ी से मजदूरी कर गुजर बसर करने वाले मृतक सोबरनलाल की पत्नी जयदेवी का कहना है कि दो युवा बेटियों सोनी और सीमा के हाथ अब कैसे पीले होंगे, यह सोचकर उसका बुरा हाल है।
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