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इंदिरा आवास के लाभार्थियों ने किया धन उगाही का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सोशल ऑडिट टीम के समक्ष दर्ज कराए बयान
सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत मऊ दाउदपुर का मामला
सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत मऊ दाउदपुर में सोशल ऑडिट के दौरान इंदिरा आवास के लाभार्थियों ने अवैध वसूली किए जाने का खुलासा किया है। टीम के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए लाभार्थियों ने कहा है कि आवास आवंटन के बाद प्रधान ने 10 से 20 हजार रुपये तक वसूल लिए। साथ ही लाभार्थियों का आरोप है कि आवास निर्माण में स्वयं कार्य करने पर मनरेगा से मिलने वाली मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों जमशेद अली, अकील, वीरेंद्र कुमार, पंक्षी देवी और बलराम ने मऊ दाउदपुर में इंदिरा आवास का सोशल ऑडिट करने के दौरान लाभार्थियों के बयान दर्ज किए। इसमें मजरा झाला की लाभार्थी जय देवी पत्नी राकेश ने पूर्व प्रधान पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। इसी गांव की रामश्री ने 12 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया और निर्माण में कार्य करने पर मिलने वाली मजदूरी का भी भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया। मजरा देवरिया निवासी पिंकी देवी ने टीम के समक्ष 20 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया। इसी तरह मऊ दाउदपुर निवासी रामलली ने 12 हजार रुपये, झाला निवासी लाजमा ने 12 हजार, देवरिया निवासी निशा ने 20 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया।
परियोजना निदेशक वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि इस तरह के मामले में विभागीय कार्रवाई में दिक्कतें पेश आती हैं, क्योंकि धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। बैंक से निकालकर वह किसे, क्यों दे रहे हैं, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। हां, मनरेगा से अधिकतम 90 मानव दिवस का भुगतान किया जा सकता है। यदि मस्टररोल और आईडी जारी हुई है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत मऊ दाउदपुर का मामला
सदर ब्लाक की ग्राम पंचायत मऊ दाउदपुर में सोशल ऑडिट के दौरान इंदिरा आवास के लाभार्थियों ने अवैध वसूली किए जाने का खुलासा किया है। टीम के समक्ष बयान दर्ज कराते हुए लाभार्थियों ने कहा है कि आवास आवंटन के बाद प्रधान ने 10 से 20 हजार रुपये तक वसूल लिए। साथ ही लाभार्थियों का आरोप है कि आवास निर्माण में स्वयं कार्य करने पर मनरेगा से मिलने वाली मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों जमशेद अली, अकील, वीरेंद्र कुमार, पंक्षी देवी और बलराम ने मऊ दाउदपुर में इंदिरा आवास का सोशल ऑडिट करने के दौरान लाभार्थियों के बयान दर्ज किए। इसमें मजरा झाला की लाभार्थी जय देवी पत्नी राकेश ने पूर्व प्रधान पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। इसी गांव की रामश्री ने 12 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया और निर्माण में कार्य करने पर मिलने वाली मजदूरी का भी भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया। मजरा देवरिया निवासी पिंकी देवी ने टीम के समक्ष 20 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया। इसी तरह मऊ दाउदपुर निवासी रामलली ने 12 हजार रुपये, झाला निवासी लाजमा ने 12 हजार, देवरिया निवासी निशा ने 20 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप लगाया।
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परियोजना निदेशक वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि इस तरह के मामले में विभागीय कार्रवाई में दिक्कतें पेश आती हैं, क्योंकि धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। बैंक से निकालकर वह किसे, क्यों दे रहे हैं, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार है। हां, मनरेगा से अधिकतम 90 मानव दिवस का भुगतान किया जा सकता है। यदि मस्टररोल और आईडी जारी हुई है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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