भल्लर का हत्यारोपी बीडीसी सदस्य गिरफ्तार

अमर उजाला ब्यूरो /निघासन। Updated Sat, 19 Mar 2016 10:21 PM IST
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पुलिस
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

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इलाज न करने वाले डाक्टर को बचाने की कोशिशें, नहीं हुआ बयान
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डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराज वकील करेंगे आंदोलन
बीडीसी सदस्य मौजीलाल के खिलाफ दर्ज है गैर इरादतन हत्या का केस
थाना क्षेत्र के गांव चखरा में पिटाई से घायल और डॉक्टर के इलाज न किए जाने से हुई भल्लर की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी बीडीसी सदस्य मौजीलाल को गिरफ्तार कर लिया है। बृहस्पतिवार को भल्लर और उनके बेटों के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज कराने वाले मौजीलाल ने गिरफ्तार होने के बाद पुलिस पूछताछ में कहा है कि वह तो बस बीचबचाव करने गया था। उधर, घायल भल्लर का इलाज न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश देने के बाद इलाज न करने वाले डाक्टर का अभी तक बयान नहीं लिया जा सका हैै। डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई न होने पर वकीलों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सपा विधायक केजी पटेल के कहने के बाद भी डॉक्टर पर कार्रवाई न होने से लोगों में रोष व्याप्त है। 
बताते चलें, गांव चखरा निवासी 55 वर्षीय भल्लर के पुत्र लक्ष्मीनारायण ने बीडीसी सदस्य मौजीलाल पर गुरुवार की रात करीब 10 बजे घर में घुसकर पिता भल्लर, मां भगौता और छोटे भाई अनुज की पिटाई करने का आरोप लगाया था। शुक्रवार की सुबह हालत खराब होने पर भल्लर को एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया था जहां डाक्टर सुभाष वर्मा ने पुलिस केस बताकर इलाज करने से मना करते हुए उन्हें थाने भेज दिया था। थाने में हालत बिगड़ने पर भल्लर को सीएचसी भेजा गया था और उन्होंने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने मृतक के पुत्र लक्ष्मीनारायण की तहरीर पर बीडीसी सदस्य मौजीलाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। भल्लर की मौत के बाद नाराज ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मौके पर पहुंचे विधायक केजी पटेल ने भी सीएमओ से बात कर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था। भल्लर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों पर आई चोट को बताया गया था। ऐसे में इलाज न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता संघ के पूर्व मंत्री विवेक श्रीवास्तव आदि ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ अरुण कुमार ने मामले की जांच पूरी होने और रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर पर कार्रवाई करने की बात कही है। उधर, एसओ अमर सिंह ने बताया कि आरोपी को सिंगाही से गिरफ्तार कर लिया गया है। 
अभी तक नहीं हुए डाक्टर के बयान
लखीमपुर खीरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और मानवीय संवेदनाओं को दरकिनार घायल भल्लर का इलाज न करने वाले डाक्टर के खिलाफ भले ही जांच के आदेश हो गए हैं लेकिन इतने संवेदनशील मामले में डाक्टर के अभी तक बयान नहीं हो पाए हैं। सीएमओ ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ को सौंपी थी। डिप्टी सीएमओ शुक्रवार को ही मौके पर गए थे लेकिन निघासन सीएचसी के डॉक्टर सुभाष वर्मा वहां नहीं मिले थे। शनिवार को चर्चा हुई है कि डा. वर्मा को शनिवार को जिला मुख्यालय तलब किया गया है हालांकि अधिकारियों ने इससे इंकार किया। इस बीच डा. सुभाष वर्मा शनिवार को छुट्टी पर चले गए हैं। उनका कहना है कि जांच में जब उनसे पूछा जाएगा तो वह अपना पक्ष रख देंगे। उधर, सीएमओ डा. अरुण कुमार जांच की प्रगति के बारे में अभी कुछ भी कहने से इंकार किया है। 
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