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गोला में शिक्षिका की निर्मम हत्या
ब्यूरो/गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)।
Updated Wed, 30 Mar 2016 10:14 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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रिटायरमेंट से दो दिन पहले हुई वारदात, पिता ने बेटे और बहू पर लगाया हत्या का आरोप
बुधवार की सुबह घर में रक्तरंजित शव मिला
सिलबट्टे से सिर कूचा, घर में अकेली थी शिक्षिका
मोहम्मदी रोड स्थित मोहल्ला मुन्नूगंज में एक शिक्षिका के सिर पर सिलबट्टे से प्रहार कर हत्या कर दी गई। 31 मार्च 2016 को उनका रिटायरमेंट था। शिक्षिका का शव बड़े बेटे के घर में बुधवार की सुबह रक्तरंजित मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या के कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि घटना वाली रात वह घर पर अकेली थी। उनके साथ रह रहे बेटे और बहू कहीं गए हुए थे। मृतका के पति ने बड़े बेटे और बहू पर हत्या का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर बड़े पुत्र जगत प्रसाद और उसकी पत्नी आशा देवी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जगत प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नगर से सटे गांव हफीजपुर निवासी नत्थूलाल कश्यप की पत्नी 62 वर्षीय भागीरथी देवी मोहल्ला तीर्थ स्थित लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं। उनके छोटे पुत्र सत्यप्रकाश ने बताया कि जिस मकान में घटना हुई, उसी में बनी एक दुकान में वह मेडिकल स्टोर चलाता है और उसका बड़ा भाई जगत प्रसाद पड़ोस में ही परचून की दुकान करता है। वह अपनी पत्नी और पिता के साथ हफीजपुर स्थिति मकान में रहता है, जबकि बड़ा भाई जगत प्रसाद अपनी पत्नी, मां के साथ घटनास्थल वाले मकान में रहता है। मंगलवार को बड़ा भाई परिवार के साथ कहीं रिश्तेदारी में गया था। शिक्षिका भागीरथी देवी घर पर अकेली थीं। बुधवार की सुबह वह दुकान खोलने के लिए आया। उसे घर के अंदर रखे दवा के गत्ते निकालने थे। उसने मकान के बाहर ताला लगा देखकर मां के मोबाइल पर फोन किया। फोन रिसीव न होने पर विद्यालय में संपर्क किया तो पता लगा कि उसकी मां अभी विद्यालय नहीं आई हैं। इससे परेशान होकर उसने पड़ोसियों के सहयोग से मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो गैलरी में खून से लथपथ मां की लाश देखकर दंग रह गया। उसने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सीओ अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव, कोतवाल सीबी सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। घर के आंगन में घटना को अंजाम दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद हत्यारे ने लहूलुहान भागीरथी को घसीटकर आंगन से गैलरी और कमरे के मध्य में डाल दिया। घटनास्थल के पास फर्श और अखबार पर खून से घटना को अंजाम देने वाले के बारे में कुछ लिखा मिला है, जिसकी जांच कराई जा रही है। आंगन में मेज पर एक पैंट रखी मिली, जिसका निचला हिस्सा खून से सना हुआ था। सिलबट्टे पर भी खून के धब्बे मिले हैं। सूचना पर फील्ड यूनिट टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका का 31 मार्च को रिटायरमेंट था, उससे ठीक दो दिन पहले हत्या करने के पीछे कारणों को जानने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। खास बात यह है कि हत्या करने के बाद हत्यारे मकान में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए।
घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी गई है। कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। नामजदगी के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बहुत जल्दी ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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-अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ गोला।
बड़े बेटे चक्कर में अलग हुए थे पिता
गोला गोकर्णनाथ। मृतका के पति नत्थूलाल ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि वह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। दो वर्ष पूर्व वह अपनी पत्नी भागीरथी के साथ मोहम्मदी रोड पर रहते थे। एक नवंबर 2014 को वह मकान की ऊपरी मंजिल से नीचे उतर कर आए तो बड़े पुत्र जगत प्रकाश उनसे मारपीट करने लगा। चिल्लाने पर पत्नी ने उन्हें दौड़कर बचाया। तभी से वह अपने छोटे लड़के के साथ हफीजपुर रहने लगे। उनकी पत्नी का खाना हफीजपुर से ही प्रतिदिन बनकर जाता था। बुधवार को उन्हें सूचना मिली की भागीरथी स्कूल नहीं गई। उनके छोटे लड़के ने मोहल्ला मुन्नूगंज स्थित घर का ताला तोड़वाया तो उनकी पत्नी मृत मिली। सिर और चेहरा खून से लथपथ था। आंगन में भी खून और पास में ही खून से सना सिलबट्टा पड़ा था।
नौकरी हासिल करने के लिए तो नहीं की हत्या
रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले शिक्षिका की हत्या के पीछे कारणों को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि मृतक आश्रित में नौकरी हासिल करने के लिए तो हत्या नहीं की गई। हत्या के अन्य कारणों के बारे में कोई पुख्ता तथ्य नजर नहीं आ रहे हैं, क्योंकि सरकारी शिक्षक रहे माता-पिता के दोनों पुत्र दुकान खोलकर जीवन यापन कर रहे हैं। हालांकि इस तथ्य के बारे में पुलिस अभी कुछ कहने को तैयार नहीं है।
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बुधवार की सुबह घर में रक्तरंजित शव मिला
सिलबट्टे से सिर कूचा, घर में अकेली थी शिक्षिका
मोहम्मदी रोड स्थित मोहल्ला मुन्नूगंज में एक शिक्षिका के सिर पर सिलबट्टे से प्रहार कर हत्या कर दी गई। 31 मार्च 2016 को उनका रिटायरमेंट था। शिक्षिका का शव बड़े बेटे के घर में बुधवार की सुबह रक्तरंजित मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या के कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि घटना वाली रात वह घर पर अकेली थी। उनके साथ रह रहे बेटे और बहू कहीं गए हुए थे। मृतका के पति ने बड़े बेटे और बहू पर हत्या का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर बड़े पुत्र जगत प्रसाद और उसकी पत्नी आशा देवी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जगत प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नगर से सटे गांव हफीजपुर निवासी नत्थूलाल कश्यप की पत्नी 62 वर्षीय भागीरथी देवी मोहल्ला तीर्थ स्थित लोने सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका थीं। उनके छोटे पुत्र सत्यप्रकाश ने बताया कि जिस मकान में घटना हुई, उसी में बनी एक दुकान में वह मेडिकल स्टोर चलाता है और उसका बड़ा भाई जगत प्रसाद पड़ोस में ही परचून की दुकान करता है। वह अपनी पत्नी और पिता के साथ हफीजपुर स्थिति मकान में रहता है, जबकि बड़ा भाई जगत प्रसाद अपनी पत्नी, मां के साथ घटनास्थल वाले मकान में रहता है। मंगलवार को बड़ा भाई परिवार के साथ कहीं रिश्तेदारी में गया था। शिक्षिका भागीरथी देवी घर पर अकेली थीं। बुधवार की सुबह वह दुकान खोलने के लिए आया। उसे घर के अंदर रखे दवा के गत्ते निकालने थे। उसने मकान के बाहर ताला लगा देखकर मां के मोबाइल पर फोन किया। फोन रिसीव न होने पर विद्यालय में संपर्क किया तो पता लगा कि उसकी मां अभी विद्यालय नहीं आई हैं। इससे परेशान होकर उसने पड़ोसियों के सहयोग से मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो गैलरी में खून से लथपथ मां की लाश देखकर दंग रह गया। उसने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर सीओ अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव, कोतवाल सीबी सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। घर के आंगन में घटना को अंजाम दिए जाने के साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद हत्यारे ने लहूलुहान भागीरथी को घसीटकर आंगन से गैलरी और कमरे के मध्य में डाल दिया। घटनास्थल के पास फर्श और अखबार पर खून से घटना को अंजाम देने वाले के बारे में कुछ लिखा मिला है, जिसकी जांच कराई जा रही है। आंगन में मेज पर एक पैंट रखी मिली, जिसका निचला हिस्सा खून से सना हुआ था। सिलबट्टे पर भी खून के धब्बे मिले हैं। सूचना पर फील्ड यूनिट टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका का 31 मार्च को रिटायरमेंट था, उससे ठीक दो दिन पहले हत्या करने के पीछे कारणों को जानने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। खास बात यह है कि हत्या करने के बाद हत्यारे मकान में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए।
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घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी गई है। कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। नामजदगी के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बहुत जल्दी ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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-अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ गोला।
बड़े बेटे चक्कर में अलग हुए थे पिता
गोला गोकर्णनाथ। मृतका के पति नत्थूलाल ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि वह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। दो वर्ष पूर्व वह अपनी पत्नी भागीरथी के साथ मोहम्मदी रोड पर रहते थे। एक नवंबर 2014 को वह मकान की ऊपरी मंजिल से नीचे उतर कर आए तो बड़े पुत्र जगत प्रकाश उनसे मारपीट करने लगा। चिल्लाने पर पत्नी ने उन्हें दौड़कर बचाया। तभी से वह अपने छोटे लड़के के साथ हफीजपुर रहने लगे। उनकी पत्नी का खाना हफीजपुर से ही प्रतिदिन बनकर जाता था। बुधवार को उन्हें सूचना मिली की भागीरथी स्कूल नहीं गई। उनके छोटे लड़के ने मोहल्ला मुन्नूगंज स्थित घर का ताला तोड़वाया तो उनकी पत्नी मृत मिली। सिर और चेहरा खून से लथपथ था। आंगन में भी खून और पास में ही खून से सना सिलबट्टा पड़ा था।
नौकरी हासिल करने के लिए तो नहीं की हत्या
रिटायरमेंट से ठीक दो दिन पहले शिक्षिका की हत्या के पीछे कारणों को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि मृतक आश्रित में नौकरी हासिल करने के लिए तो हत्या नहीं की गई। हत्या के अन्य कारणों के बारे में कोई पुख्ता तथ्य नजर नहीं आ रहे हैं, क्योंकि सरकारी शिक्षक रहे माता-पिता के दोनों पुत्र दुकान खोलकर जीवन यापन कर रहे हैं। हालांकि इस तथ्य के बारे में पुलिस अभी कुछ कहने को तैयार नहीं है।